नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन को 9 दिन बीत चुके हैं, भले ही वो अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें अभी भी उनके दोस्त, परिवार, उनके चाहनेवालों के दिलोदिमाग से नहीं जा रही है. अब उनके पुराने दोस्त रहे CID के मशहूर ACP प्रद्युमन यानी शिवाजी साटम (CID’s Shivaji Satam) ने उनसे जुड़ी कई यादें (Remembering Nana Patekar) शेयर की हैं और बताया (CID’s Shivaji Satam remembers Nana Patekar) है कि कैसे मुश्किल वक़्त में नाना ने उनके लिए वो किया, जो सगा भाई भी नहीं कर सकता.

नाना पाटेकर की प्रेयर मीट (Nana Patekar prayer meet) में उन्हें याद कर शिवाजी साटम बेहद इमोशनल हो गए. उन्होंने कहा, “नाना अचानक चले गए, मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा. हम लगभग 40 सालों से एक दूसरे को जानते थे. उन्हीं की वजह से मुझे हिंदी सिनेमा में जगह मिली. मेरी पहली फ़िल्म ‘यशवंत’ थी, जिसमें पुलिस ऑफिसर का रोल था. नाना ने ही इस फ़िल्म के लिए मेरा नाम दिया था, लेकिन मैं यह करने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन नाना ने कहा तुम्हें ये ज़रूर करना चाहिए. आखिरकार उनके प्रोत्साहित करने पर मैंने यह फ़िल्म की.”
शिवाजी साटम ने आगे बताया, “इतना ही नहीं, जब मैंने उन्हें बताया कि मुझे इन फ़िल्म के लिए कितनी फीस मिली है, तो वो नाराज़ हो गए. मेरे मना करने के बावजूद उन्होंने प्रोड्यूसर को बुलाया और उन्हें दो घण्टे तक ठीक वैसे ही खड़ा रखा जैसे स्कूल में टीचर बच्चों को रखते हैं.”

शिवाजी साटम ने उन मुश्किल दिनों को भी याद किया जब उनकी वाइफ को कैंसर हो गया था और नाना इस मुश्किल समय में भी उनके साथ खड़े रहे. “जब हम ‘गुलाम ए मुस्तफा’ कर रहे थे, उसी दौरान मेरी वाइफ को कैंसर डिटेक्ट हो गया. मैंने नाना से कहा अब मैं ये फ़िल्म नहीं कर पाऊंगा. लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी. उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर और बाकी लोगों से बात की और मेरी शिफ्ट मेरी सहूलियत के हिसाब से एडजस्ट करवाई. उन्होंने मेरे लिए इतना कुछ किया, जितना शायद मेरा अपना सगा भाई भी नहीं कर पाता.” नाना की बातें करते हुए शिवाजी साटम इमोशनल भी हो गए.

बता दें कि 8 अक्टूबर को नाना का निधन हो गया था. उन्हें गोवा स्थित उनके घर पर कार्डिएक अरेस्ट हुआ था, मेडिकल टीम ने CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया. उनके निधन से सिनेमा जगत, उनके करीबी और फैंस बुरी तरह सदमे में हैं.

