सफल शादी के मानसिक फ़ायदे (A Happy Marriage Leads To Better Mental Health)

शादी ख़ुशहाल जीवन के लिए ज़रूरी तो है ही, साथ ही एक सर्वे के अनुसार इसके कई मानसिक फ़ायदे (Better Mental Health) भी हैं. प्रस्तुत लेख में क़ामयाब शादी से जुड़े ऐसे ही कई मानसिक फ़ायदों के बारे में बताया गया है.

Marriage Leads To Better Mental Health

वाकई में सफल शादीशुदा जीवन बिताने वाले लोग ज़्यादा ख़ुश व लंबा जीवन जीते हैं? अविवाहित लोगों की तुलना में क्या वे मानसिक रूप से अधिक संतुष्ट और सुखी होते हैं? जी हां, यह काफ़ी हद तक सच है. हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, शादी व ख़ुशी के बीच एक पॉज़ीटिव रिलेशनशिप होता है, जिससे शादीशुदा लोग अविवाहितों की तुलना में अधिक ख़ुुश भी रहते हैं. आइए, जानें क़ामयाब शादी के मानसिक फ़ायदों के बारे में.
*    सफल शादी एक सुरक्षा कवच की तरह होती है, जो पति-पत्नी दोनों को एक निश्‍चिंत जीवन जीने का आश्‍वासन देती है.
* ऐसे कपल बहुत शांत और बेफ़िक्र ढंग से न स़िर्फ परिवार को सुखमय बनाने में क़ामयाब रहते हैं, बल्कि अपने करियर में भी निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं.
* सफल शादी में शेयरिंग करने से पति-पत्नी दोनों जहां एक तरफ़ अपनी सारी परेशानियों से बाहर निकल आते हैं, वहीं फ़ाइनेंशियली भी बहुत सिक्योर महसूस करते हैं.
*  शारीरिक संतुष्टि अगर एक तरफ़ उन्हें कुंठा से बचाती है, तो दूसरी ओर साथ होने का विश्‍वास व एहसास, उन्हें मानसिक रूप से भी सक्षम बनाता है.
*  सुख-दुख में कोई उनके साथ है, यह एहसास इतना स्ट्रॉन्ग होता है कि वे किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने को तत्पर रहते हैं.
* यदि उनके साथ कुछ ग़लत या बुरा हो भी गया, तो उनका पार्टनर उन्हें सपोर्ट करेगा और उस स्थिति से बाहर आने में मदद करेगा, यह बात उन्हें बड़े से बड़े फैसले लेने में भी मदद करती है.
*  पार्टनर का साथ पति-पत्नी दोनों को एक कॉन्फ़िडेंस देता है, जिसके बल पर वे कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार रहते हैं.
*  सफल शादी पति-पत्नी को हमेशा ख़ुशी के एहसास से भरे रहती है, जिससे उन्हें पॉज़ीटिव इमोशन्स का अनुभव होता है और अभाव या परेशानियां होने के बावजूद वे निराश या कुंठित नहीं होते हैं.
* उन्हें इस बात का डर नहीं सताता कि यदि कल किसी वजह से वे मुसीबत से घिर जाते हैं, तो उनका भविष्य ख़राब हो सकता है.
* जीवनसाथी किसी प्रकार की दुविधा होने या निर्णय लेने की स्थिति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उस पर आंख बंद करके विश्‍वास किया जा सकता है कि वह उसका अहित नहीं करेगा, इसलिए उसके निर्णय से उलझन को सुलझाने में मदद मिलती है.
* सफल शादी से स्ट्रेस लेवल कम होता है.
* अकेला व्यक्ति जब घंटों किसी चीज़ में उलझा रहता है, तो उसका डिप्रेशन का शिकार होना स्वाभाविक है, पर सफल विवाहित जोड़ों के साथ ऐसा नहीं होता है.
* उसकी ख़ुशी न स़िर्फ उसके चेहरे, हाव-भाव, बातचीत करने के ढंग आदि से झलकती है, बल्कि वह उसकी परफ़ॉर्मेंस में भी दिखाई देती है.
* जब तनाव न हो, तो मन शांत रहता है और काम करना बोझ नहीं लगता. फिर चाहे वह घर का काम हो या ऑफ़िस का, व्यक्ति मन लगाकर करता है.
* काम से थकने पर पार्टनर से कुछ पल बात कर वह फ्रेश हो जाता है.
* घर का टेंशन फ्री माहौल उसे हमेशा दुखी व च़िड़चिड़ा होने से बचाता है.
* जहां पति-पत्नी दोनों वर्किंग होते हैं, वहां एक पार्टनर के बीमार होने या नौकरी छूट जाने पर भी टेंशन नहीं होती. पार्टनर का इमोशनल सपोर्ट भी लगातार मिलने से उसका मनोबल नहीं टूटता. जो साथी काम कर रहा है, उसकी आय से घर चलता रहता है.
* एक सर्वे के अनुसार, जिन पुरुषों का वैवाहिक जीवन सफल होता है, वे अपने वर्कप्लेस में भी सक्सेसफुल होते हैं. वे न तो ज़्यादा छुट्टियां लेते हैं और न ही ऑफ़िस देर से पहुंचते हैं.
* सफल शादीशुदा कपल्स की मेंटल हेल्थ पऱफेक्ट होती है.

स्ट्रेस-फ्री लाइफ़स्टाइल आपको फिज़िकली ही नहीं, मेंटली भी फ़िट रखता है.
* घर में अगर तनाव नहीं रहता, तो बाहर जाकर कुछ करने में झुंझलाहट महसूस नहीं होती है. तब पति-पत्नी दोनों की प्रतिभा खुलकर सबके सामने आती है.
सफल शादीशुदा जीवन बिताने वाली पत्नियों को होनेवाले कुछ ख़ास फ़ायदे
* जिन महिलाओं का वैवाहिक जीवन क़ामयाब रहता है, वे खुले मन और सोच के साथ काम कर पाती हैं, जिससे तरक़्क़ी करने के अवसर निरंतर उन्हें मिलते रहते हैं.
* पति का सहयोग मिलने व उनके काम की महत्ता व मांग को समझने के कारण उन्हें रात को देर से घर पहुंचने की टेंशन नहीं होती, जिससे वे अपना 100% काम को दे पाती हैं.
* सफल शादीशुदा जीवन का सबसे बड़ा मानसिक फ़ायदा यह है कि इस कारण पत्नी का एनर्जी लेवल हमेशा हाई रहता है.
* जीवन के प्रति सकारात्मक नज़रिया होने के कारण उन पर प्रेशर कम होते हैं.
* कोई घुटन या कुंठा न होने के कारण वह बेहतर ढंग से समाज में अपना योगदान दे पाती है.
* यदि पति कॉपरेटिव हो, तो पत्नी के सोशल रिलेशनशिप बेहतर होते हैं और वे अपनी क्षमताओं का प्रयोग पूरी तरह से कर पाती हैं.
* यदि पार्टनर समझदार हो, तो अधिक ज़िम्मेदारियां आसानी से पूरे किए जा सकते हैं. तब पत्नी घर व ऑफ़िस में बैलेंस बना पाती है, जिससे उसे मानसिक संतुष्टि होती है कि वह अपने उत्तरदायित्वों को ठीक से निभाने में सक्षम है.
* सुखी विवाहित महिला अपने व्यवहार व मुस्कान से सबका दिल जीत लेती है और प्रशंसा का पात्र बनती है.
* सफल विवाहित कपल्स को दूसरों को सहयोग व सम्मान देने में ख़ुशी मिलती है और इस तरह वे समाज में अपनी एक ख़ास पहचान व जगह बनाने में क़ामयाब हो पाते हैं.

– वत्सल बाजपेयी

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