टीवी एक्टर और होस्ट अर्जुन बिजलानी (Tv Actor And Host) ने टीवी की दुनिया काला सच बताते हुए कहा कि फिल्म और कॉर्पोरेट सेक्टर की तरह टीवी में 8 घंटे की शिफ्ट का फॉर्मूला फॉलो करना नामुमकिन है. क्योंकि डेली सोप को समय पर टेलीकास्ट करने के लिए पूरी टीम को कड़ी मेहनत पड़ती है. जिसकी वजह से सब पर मानसिक और शारीरिक दबाव पड़ता है.

ग्लैमरस और चकाचौंध से भरी टीवी की दुनिया में हम अपने फेवरेट स्टार्स को पर्दे पर हंसते-मुस्कुराते और खिलखिलाते हुए देखते है, लेकिन इसके पीछे की कमर तोड़ मेहनत, थकान और मेंटल स्ट्रेस का अंदाजा लगाना मुश्किल है. हाल ही में आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अर्जुन बिजलानी ने 10-12 घंटों की शिफ्ट, वर्क प्रेशर और अपनी पर्सनल लाइफ के लिए टाइम न मिलना जैसे गंभीर मुद्दे पर बात की और इस बात का खुलासा किया कि इंडस्ट्री में सर्वाइव करना कितना मुश्किल काम है.

अर्जुन ने कहा- डॉक्यूमेंट्स में 12 घंटे की शिफ्ट लिखी जाती है, लेकिन असलियत मे स्टार्स का पूरा दिन शूटिंग में चला जाता है. फिर शूटिंग के अलावा सेट तक आने-जाने का समय, मेकअप आदि. जिससे काम के घंटे और बढ़ जाते हैं.सुबह 8 बजे तक घर से निकलते हैं ताकि समय पर सेट पहुंच सके. फीमेल स्टार्स को और भी जल्दी बुलाया जाता है, क्योंकि उन्हें कपड़े और मेकअप करने में ज्यादा समय लगता है. जिसकी वजह से उनके काम के घंटे और भी बढ़ जाते हैं

शूटिंग रात 9 बजे या देर तक चलती है. शूट खत्म होने के बाद भी कलाकारों को मेकअप उतारने और कपड़े बदलने में समय लगता है. इसके बाद ट्रैफिक जाम में घर लौटना एक अलग चुनौती होती है. देर रात घर पहुंचने पर शरीर पूरी तरह टूट चुका जाता है. अगले दिन फिर वही रूटीन. लगातार काम का लोड होने से मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ती जाती है और सेहत पर भी असर पड़ता है.

एक समय ऐसा भी था जब लगता था जैसे 30 दिनों के महीने में 35 दिन काम किया हो. पहले शूटिंग 14, 15, और 18 घंटे तक चलती थी. लेकिन अब ज्यादातर प्रोड्यूसर्स कोशिश करते हैं कि शूट तय 12 घंटे में ही खत्म हो जाए.

टीवी इंडस्ट्री में 8 घंटे की शिफ्ट के बारे अर्जुन बिजलानी ने कहा- यह संभव नहीं है. जब कोई शो सातों दिन टेलीकास्ट होता है, तो इतने कम समय में काम पूरा करना मुश्किल होता है. अगर काम के घंटे 8 कर दिए जाएं, तो शो की क्वालिटी पर असर पड़ेगा..लोगों तक अच्छा कंटेंट पहुंचाने के लिए पूरी टीम को 12 घंटे तक काम करना पड़ता है.
