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बॉलीवुड और जेंडर डिस्क्रिमिनेशन: मेल एक्टर 40 पार होकर भी कॉलेज स्टूडेंट का किरदार निभाता है और 30 पार एक्ट्रेसेस को आंटी का टैग दे दिया जाता है! (Bollywood And Sexism: Hindi Cinema Has Denigrated Women?)

हमारे समाज में लिंग को लेकर हमेशा से ही स्त्री-पुरुष के बीच भेदभाव होता आया है और आज भी ये क़ायम है. लेकिन हमारी सोच ये होती है कि बॉलीवुड और ग्लैम इंडस्ट्री एक ऐसी जगह है जहां खुली सोच वाले लोग होते हैं. लेकिन ये सच नहीं है. यहां भी ये भेदभाव और लिंगवाद चरम पर देखा जा सकता है.

सबसे पहले तो उम्र को लेकर ही ये भेदभाव देखा जा सकता है. अक्सर हम देखते हैं कि कई ऐसे मेल लीड्स हैं जिनकी उम्र 40-45 पार है लेकिन आज भी उनको यंगस्टर के रोल्स आसानी से मिलते हैं. 40 की उम्र में वो कॉलेज स्टूडेंट तक बनते हैं. इसका एक उदाहरण थ्री इडीयट फ़िल्म में ही देखा जा सकता है जहां आमिर खान ने कॉलेज स्टूडेंट का रोल किया था लेकिन वहीं अगर आमिर की उम्र की कोई एक्ट्रेस ऐसा करती तो उसे जज किया जाता और स्वीकारा भी नहीं जाता.

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इन मुद्दों पर कई एक्ट्रेसेस खुलकर बोल भी चुकी हैं और उनका मानना है कि आज हम इस बारे में सोचने तो लगे हैं वर्ना पहले इस तरह के भेदभाव पर कोई खुलकर बोलता तक नहीं था.

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काजोल और तापसी पन्नू जैसे एक्ट्रेस इस पर खुलकर बोलती हैं. उनका कहना है फ़ीस के भेद भाव से लेकर उम्र को लेकर भी काफ़ी फ़र्क़ किया जाता है यहां. मेल ऐक्टर्स को ध्यान में रखकर ही स्टोरी और रोल तय होते हैं और फ़ीमेल लीड भी मेल के अनुसार ही तय होते हैं.

आशा पारेख भी इस मुद्दे पर इंटरव्यू में बोल चुकी हैं कि उनके समय में भी वो देखती थीं नू तय उम्र के बाद फ़ीमेल एक्ट्रेस को लीड रोल नहीं मिलते थे लेकिन उन्हीं के हमउम्र मेल ऐक्टर्स अपने से 15 साल छोटी एक्ट्रेसेस के साथ इश्क़ लड़ाते नज़र आते थे.

ये आज भी देखा जा सकता है जहां आमिर खान, शाहरुख़ खान, अक्षय कुमार जैसे ऐक्टर्स खुद से 20-25 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ रोमांस करते दिखते हैं जबकि इनकी हमउम्र टैलेंटेड एक्ट्रेस जैसे- काजोल, रवीना टंडन, ऐश्वर्या राय, जूही चावला का करियर शादी के बाद ही सिमट गया.

कुछ एक्ट्रेस का ये भी मानना है कि हॉलीवुड में 70-80 साल के फ़ीमेल रोल के लिए उसी उम्र की एक्ट्रेस को मौक़ा मिलता है जबकि यहां किसी यंग एक्ट्रेस से वो रोल कराया जाता है.

एक बार आप 30 पार हो जाओ तो लोगों के लिए आप आंटी और इंडस्ट्री के लिए आउटडेटेड हो जाते हो. यहां तक कि लोगों की सोच भी यही है जहां अगर कोई मेल लीड खुद से 20 साल एक्ट्रेस के साथ इश्क़ करता है तो उस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती लोगों को लेकिन अगर कोई एक्ट्रेस रियल लाइफ़ में खुद से कुछ साल छोटे मेल को डेट करती है या शादी करती है तो उनको मां-बेटा या बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम और न जाने क्या-क्या कहकर कभी बॉडी शेमिंग, कभी स्किन कलर तो कभी उम्र को लेकर तंज कसे जाते हैं.

बदलाव बहुत कम और धीमा है लेकिन अब महिलाओं को ही खुद आगे बढ़ना होगा और खुलकर इन मुद्दों की रखना होगा. सोनम कपूर, जाह्नवी कपूर, दीया मिर्ज़ा तक इन मुद्दों पर बोल चुकी हैं और अब काफ़ी एक्ट्रेस हैं को बेबाक़ी से इस पर अपनी राय रखती हैं.

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