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सायबर सेफ्टीः एआई से अपने पर्सनल डेटा को कैसे रखें सुरक्षित? (Cyber ​​Safety: How to keep your personal data safe from AI?)

आज के दौर में एआई का इस्तेमाल करके कई चीज़ों को ख़ूबसूरत, आकर्षक, मज़ेदार व आसान बना देना लोगों को काफ़ी पसंद आ रहा है. अब तो यह ट्रेंड ख़ूब चलन में भी है. लेकिन क्या आप जानते हैं इस तरह आपका पर्सनल डेटा भी चोरी हो रहा है, जो आगे चलकर आपके लिए कई नई मुसीबतें भी ला सकता है.

Cyber ​​Safety Tips

इन दिनों जिस तरह से बड़ी तादाद में स्कैम, फ्रॉड, धोखाधड़ी हो रही है, ऐसे मेें बदमाश क़िस्म के लोग कब क्या कर गुज़रें, कुछ कहा नहीं जा सकता. इसलिए हमारी हमेशा यह कोशिश रहनी चाहिए कि हम इस बात का ख़्याल रखें कि हमारे पर्सनल डेटा का कोई दुरुपयोग न कर सके, ख़ासकर एआई से अपने पर्सनल डेटा को सेफ रखना. यदि नीचे दी गई सावधानियों और गैजेट्स अलर्ट को ध्यान में रखेंगे, तो आप अपने व्यक्तिगत डेटा को अनुचित इस्तेमाल करने व किसी के द्वारा दुरुपयोग करने से बच सकेंगे.

* यदि आप सिक्योरिटी इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आप सिक्योरिटी एप्लिकेशन/एंटीवायरस इंस्टॉल करें, इससे संदिग्ध क़िस्म के डेटा शेयरिंग ब्लॉक हो जाएंगे.

* कभी भी अपने फोन की मेमोरी से तस्वीरों को साझा न करें. इसके लिए क्लाउड या वर्चुअल गैलरी पर फोटोग्राफ्स सेव करके एडिट करना सेफ रहता है.

* अपने इंटरनेट ट्रैफिक को सेफ रखने के लिए वीपीएन यूज़ करें.

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* आपका चेहरा बायोमेट्रिक पहचान से संबंधित होता है. फ्रॉड करने वाले अपराधी इसका उपयोग फर्ज़ी प्रोफाइल बनाने में कर सकते हैं. वे आपके नाम का दुरुपयोग करके आसानी से धोखाधड़ी कर सकते हैं.

* ऐसे कई ऐप्स होते हैं जिनसे आपकी तस्वीरों के मेटाडाटा को भी सेव किया जा सकता है. मेटाडाटा वो डेटा होता है, जहां पर फोटोग्राफ्स के जगह व टाइम की जानकारी दी गई होती है.

* एआई के लिए आपकी तस्वीरों का दुरुपयोग करना बेहद आसान होता है. इससे वे नकली तस्वीरें, वीडियो आदि बना सकते हैं, जिससे आपकी इमेज ख़राब होने की गुंजाइश रहती है.

* कुछ ऐसे शातिर दिमाग़ के भी होते हैं, जो ऐप्स द्वारा फोटोग्राफ्स को अपने सर्वर पर सेव कर लेते हैं और बाद में इसका दुरुपयोग ट्रेनिंग डेटा के तौर पर करते हैं.

* ध्यान रहे कि कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके रिव्यू, कितना डाउनलोड किया गया है, फिर रेटिंग आदि को अच्छी तरह से चेक करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया करें. साथ ही वेबसाइट से डाउनलोड करने की बजाय विश्‍वसनीय ऐप्स स्टोर से डाउनलोड करना बेहतर रहता है.

* जब भी आप कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं तब वो परमिशन मांगता है, वो सब ध्यान से पढ़ने के बाद केवल गैलरी व कैमरा का एक्सेस ही दें, अन्य बातों का परमिशन बिल्कुल भी न दें. हां, ऐप की सेटिंग्स में से डेटा शेयरिंग ऑप्शन को बंद करना न भूलें.

* जब भी एआई से कुछ एडिट कर रहे हों, तो ऐप्स से अपने तस्वीरों का मेटाडाटा ज़रूर हटा दें.

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* अपने मोबाइल फोन व ऐप्स को हमेशा अपडेटेड रखना सुरक्षित रहता है. यह आपके फोन की सेफ्टी के लिए भी ज़रूरी है. दरअसल, पुराने वर्ज़न में सेफ्टी को लेकर खामियां हो सकती हैं, जो धोखाधड़ी करनेवालों को फ़ायदा पहुंचा सकती है.

- ऐप परमिशन को कंट्रोल में रखें.

- ऑलवेज अलाउ (always allow) की बजाय व्हाइल यूज़िंग द ऐप (while using the app) ऑप्शन चुनें.

* एआई ऐप्स पर अपने पर्सनल डॉक्यूमेंट्स, आइडेंटी कार्ड, फैमिली के पर्सनल फोटोग्राफ्स अपलोड न करें.

* इन दिनों फ्री ऑफर के नाम पर भी बहुत सारे स्कैम हो रहे हैं. इसलिए यदि आपको इस तरह का कोई लालच दे रहा हो, तो उनके बहकावे में न आएं. अक्सर ऐसे ऐप्स फ्री ऑफर की आड़ में आपका डेटा कलेक्ट कर लेते हैं.

* कभी भी किसी और को या फिर किसी और के ऐप्स को अपने सोशल मीडिया अकाउंट का एक्सेस भूलकर भी न दें, वरना इसके ग़लत इस्तेमाल होने की संभावना अधिक रहती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एआई सिस्टम सामान्यतः बड़े तादाद में पर्सनल डेटा का कलेक्शन करते रहते हैं. इसलिए आपके द्वारा बरता गया एहतियात आपको कई परेशानियों से बचा सकता है.

- ऊषा गुप्ता

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