Family Drama

कहानी- शादी का लड्डू (Short Story- Shadi Ka Laddu)

“अम्मा, आपको याद है… जब विहान छोटा था, तो मुझे चाय पीते देख गर्म कप को पकड़ने की ज़िद करता था. एक ...

कहानी- रेशमी गांठ (Short Story- Reshmi Ganth)

“ओ मां! अपने घर के कामों को, ज़िम्मेदारियों को खटना नहीं कहते और अगर तुम अपनी बेटी के लिए ऐसी सोच ...

कहानी- जहां न पहुंचे रवि… (Short Story- Jahan N Pahunache Ravi…)

मैं स्तब्ध खड़ी रह गई थी. मेरा बुद्धिजीवी तार्किक मस्तिष्क संज्ञाशून्य हो गया था. तकनीक और ...

कहानी- कशमकश (Short Story- Kashmakash)

मैं इधर-उधर बिखरे काग़ज़ात को समेटने लगी. मम्मी के बनाए उन नक्शों में मुझे उनके टूटे हुए ख़्वाबों ...

कहानी- मोह माया मायका (Short Story- Moh Maya Mayka)

मूंदी हुई पलकों के पीछे मायके में कुछ दिन पूर्व बिताया समय साकार हो उठा. कैसे उसे देखते ही ...

कहानी- परवरिश (Short Story- Parvarish)

“उसके जाने के बाद मैंने यह बगिया बसाई. इन पौधों को रोपकर मैं हर्षित होती हूं, सींचकर परितृप्त ...

कहानी- वापसी (Short Story- Wapsi)

परिवार के इस आपसी वार्तालाप से संशय की दीवारें ख़ुद ही ढह गई थीं. उस घर का हर सदस्य सहज था. न कोई ...

कहानी- कुछ बात है उसमें (Short Story- Kuch Baat Hai Usme)

उसने ख़ुद नोट किया है कि वह सबको बहुत प्यार करती है. बहुत ध्यान रखती है हर बात का. वह कहां इन बातों ...

कहानी- समझौता नहीं समर्पण (Short Story- Samjhota Nahi Samarpan)

“रिश्ते बैंक की तरह होते हैं. बैंक में स़िर्फ डिमांड करने से काम नहीं चलता, पहले वहां उतना ही ...

कहानी- पिघलती सिल्लियां (Short Story- Pighalti Silliyaan)

काश सुजीत, तुम कहकर जाते, यूं ही बिना कुछ कहे अचानक चले गए. बेटे के आने का इंतज़ार तो कर लेते… उसे ...

कहानी- लहर (Short Story- Lehar)

“वैसे भी अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है? कभी फिर से घर बसाने का ख़्याल नहीं आता?” “कोई उचित पात्र ...

कहानी- अब समझी हूं (Short Story- Ab Samjhi Hun)

क्या मांएं एक ही मिट्टी की बनी होती हैं? क्या हर मां एक जैसा ही सोचती है? आज जब हर बात अपने पर बीत ...

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