कितना मैच्योर है आपका लाइफ पार्टनर (How mature is your life partner)

जब दो लोग एक साथ ज़िंदगी गुज़ारने का निर्णय लेते हैं, तो बहुत-से एडजस्टमेंट्स करने पड़ते हैं. यदि वे मानसिक रूप से परिपक्व (How mature is your life partner) हैं, तो ये एडजस्टमेंट्स आसानी से करके अपने बंधन को और मज़बूत बनाने में सक्षम रहते हैं और यदि परिपक्वता की कमी है, तो इसका प्रभाव सीधे-सीधे आपसी संबंधों पर पड़ता है. ऐसे में यह जानने की कोशिश ज़रूर की जा सकती है कि आपका पार्टनर कितना मैच्योर है, ताकि आप बेहतर तरी़के से एडजस्ट करके अपने बंधन को भी मैच्योर व मज़बूत बना सकें.

पार्टनर को पहले इन पहलुओं पर परखें (How mature is your life partner)

कितना धैर्य हैः किसी भी समझदार व मैच्योर इंसान की पहली निशानी होती है उसका धैर्य. चाहे बातचीत करने में हो या किसी भी काम को अंजाम देने में, यदि पार्टनर बेवजह अपना आपा नहीं खोता और धीरज से काम करता है, तो वो मानसिक रूप से काफ़ी प्रबल व मैच्योर है.
टिप्स: यदि पति-पत्नी दोनों में से ही किसी एक में धैर्य की कमी है, तो आपसी सहायता व स्वयं भी कोशिश करके अपनी इस आदत में बदलाव ला सकते हैं.
– ध्यान, योग व प्राणायाम करें. ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ से बहुत मदद मिलेगी.
– अपनी सोच बदलें. नकारात्मक सोच और ऐसे लोगों से भी दूर रहें, जो नकारात्मकता बढ़ाते हों.
– पार्टनर की सोच बदलने के लिए उन्हें कुछ अच्छी क़िताबें भी गिफ्ट करें, जिससे उनमें पॉज़िटिव बदलाव आएं.

दूसरों से किस तरह का व्यवहार करता हैः अगर आपकी पत्नी आपसे बहुत अदब से पेश आती है, लेकिन आपके परिवारवालों या अन्य लोगों से उसका व्यवहार ठीक नहीं है, तो इसका अर्थ होगा कि वो संबंधों में परिपक्वता के महत्व को नहीं समझ रही.इसी तरह यदि आप भी अपनी पत्नी के घरवालों व रिश्तेदारों के साथ अदब से पेश नहीं आते, तो सजग हो जाइए.
टिप्स: स़िर्फ यह उम्मीद न करें कि आपकी पत्नी की ही ज़िम्मेदारी बनती है कि वो आपके परिवार को अपना परिवार माने, आपकी भी उतनी ही ज़िम्मेदारी है उसके रिश्तेदारों को उतने ही खुले दिल से स्वीकारने की.

फ्यूचर प्लानिंग नहीं करता: क्या आपका पार्टनर दूर की सोच नहीं रखता? चाहे बजट प्लानिंग हो, इंश्योरेंस हो या भविष्य को लेकर सुरक्षा की बात हो- यदि आपका पार्टनर इन चीज़ों को महत्वहीन मानता है या इन पर ध्यान ही नहीं देता, तो वो अपने रिश्ते को लेकर या तो गंभीर नहीं है या फिर वो इतना समझदार है ही नहीं कि इन चीज़ों की अहमियत समझ सके.
टिप्स: आप इस स्थिति को किस तरह हैंडल करते हैं, इससे भी इस बात का अंदाज़ा होगा कि आप ख़ुद कितनी समझदार और मैच्योर हैं. आपको शांति से उन्हें यह एहसास करवाना होगा कि ये तमाम बातें कितनी ज़रूरी हैं और उन्हें ज़िंदगी के इन पहलुओं पर भी ग़ौर करना होगा, क्योंकि आपके भविष्य की सुरक्षा अब उनकी भी ज़िम्मेदारी है.

अपनी ग़लती नहीं मानता: बहुत-से लोग इतने अपरिपक्व होते हैं कि अपनी ग़लतियों का दोष भी दूसरों पर डालने का प्रयास करते हैं. इसकी प्रमुख वजह यही होती है कि वो मानसिक रूप से कमज़ोर होते हैं. उनमें इतना साहस नहीं होता कि ग़लती होने पर मान लें और माफ़ी मांग लें.
टिप्स: यदि आपके पार्टनर में यह कमज़ोरी है, तो उन्हें कुछ लोगों के उदाहरण देकर समझाएं या उन्हें क़िताबों, फिल्मों या अन्य तरह से परोक्ष रूप से यह समझाएं कि अपनी ग़लती मानना भी बहुत बड़ी बात है.

बहुत ज़्यादा रोक-टोक करता है: बहुत-से पार्टनर्स यह भूल जाते हैं कि उनके साथी का एक अलग व्यक्तित्व है. वो उन्हें अपने जैसा बनाना चाहते हैं और यह सोचते हैं कि उनके विचार और उनका तरीक़ा ही सही है. यही वजह है कि वो बात-बात पर टोकते हैं.
टिप्स: आप उन्हें यह एहसास करवाएं कि जैसा व्यवहार वो आपके साथ करते हैं, यदि वैसा कोई उनके साथ करे, तो उन्हें कैसा महसूस होगा.
– उन्हें पॉज़ीटिव बनाएं कि दूसरों के गुणों पर ध्यान दें, तारीफ़ करना सीखें. चाहें तो आप दोनों ही पर्सनैलिटी ग्रूमिंग की क्लासेस जॉइन करें.

कितने खुले विचारों का हैः अगर आपका पार्टनर दक़ियानूसी व फ़िज़ूल की बातों पर मात्र परंपरा के नाम पर विश्‍वास करता है और आपको भी उन्हीं बातों पर विश्‍वास करने को कहता है, तो यह बेव़कूफ़ी है.
टिप्स: आप यह सोचकर उन्हें बेनिफिट ऑफ डाउट दे सकते हैं कि उनकी परवरिश अलग परिवेश में हुई होगी, जिससे उनकी ऐसी सोच बन गई. आप धीरे-धीरे उनकी सोच में परिवर्तन ला सकते हैं. जब वे बाहरी दुनिया में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आएंगे, जिनके विचार काफ़ी खुले हैं, तो उन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा.

 

कितनी और किस तरह की अपेक्षाएं रखता हैः बहुत-से पार्टनर्स एक-दूसरे से ऐसी अपेक्षाएं रखते हैं, जिन्हें पूरा करना संभव नहीं. कोई भी परफेक्ट नहीं होता, इस तथ्य को स्वीकारें और फिल्मी दुनिया की कल्पनाओं से हटकर यथार्थ की ज़मीनी हक़ीक़त को स्वीकारें.
टिप्स: न आप सुपरमैन हैं और न ही आपकी पत्नी सुपरवुमन, तो फिर एक-दूसरे पर इतनी उम्मीदें क्यों लादें कि सामनेवाले का दम ही घुटने लगे.

How mature is your life partner

कितना फ्लेक्सिबल हैः आपका पार्टनर यदि हर चीज़ को सहजता से लेकर अपना रवैया आसानी से बदलने को तैयार हो जाता है, तो यह उसकी परिपक्वता को ही दर्शाता है.
टिप्स: आपकी समझदारी व व्यक्तित्व का सकारात्मक पहलू आपके पार्टनर को भाता है, इससे वो आपके और क़रीब आकर आपका सम्मान भी करने लगता है. इसलिए कोशिश करें कि हर बदलाव पर या कोई चीज़ न मिलने पर हर बार शिकायत ही न करें, कभी-कभी इसे सहजता से भी लें और ज़िंदगी से प्यार करें.

कितना ईमानदार हैः यदि साथी एक-दूसरे से बातें, अपनी समस्याएं व पैसों को लेकर सभी चीज़ें शेयर करते हैं, तो समस्या नहीं है, लेकिन जहां वो एक-दूसरे से बातें छिपाते हैं, वहां आपके रिश्ते में अपरिपक्वता साफ़ झलकती है.
टिप्स: आप दोनों को ही यह विश्‍वास हासिल करना होगा कि आप एक-दूसरे को समझते हैं, तभी आप दोनों एक-दूसरे से सारी बातें बेझिझक शेयर कर सकेंगे.

अपने रिश्ते को कितनी गंभीरता से लेता हैः क्या आपका पार्टनर आपकी चाहतों व आपकी राय को महत्व देता है? यदि नहीं, तो वो अपरिपक्व (How mature is your life partner) है.
टिप्स: उन्हें समझाएं कि जहां एक की राय है, वहां दो लोगों की राय सही निर्णय लेने में और भी मदद कर सकती है. आपकी ज़िंदगी अब उनसे ही जुड़ी है, तो उनके निर्णयों का असर आप पर भी पड़ता है.

प्रोफेशनल लाइफ में आगे बढ़ने की चाह नहीं है: कुछ लोग सोचते हैं कि जो नौकरी है, जो आमदनी है उसमें ठीक-ठाक गुज़ारा तो हो ही रहा है, तो अब ज़्यादा मेहनत करने से क्या फ़ायदा.
टिप्स: बात स़िर्फ पैसों या सुख-सुविधाओं की नहीं है, बल्कि अपनी क्षमताओं व गुणों के विकास की भी है, ऐसे में एक मैच्योर इंसान आगे की ही सोचेगा.

हीनभावना से ग्रस्त हैः क्या वो आपके गुणों व तऱक्क़ी से ईर्ष्या करता है? आपको बात-बात पर नीचा दिखाने की कोशिश करता है? यदि हां, तो यह भावना भी मानसिक रूप से अपरिपक्व लोगों की निशानी है.
टिप्स: आपको समझदारी से काम लेना होगा. आप उनकी बातों पर प्रतिक्रिया देना कम कर दें. उनके सामने अपनी तऱक्क़ी का बहुत ज़्यादा ढिंढोरा न पीटें. उनके गुणों की तारीफ़ करें और उन्हें सपोर्ट करें. अगर ऐसा करने से उनमें परिवर्तन आता है, तो समझें कि आपकी मेहनत रंग लाई है, वरना आपको पहले तो इस विषय पर उनसे खुलकर बात करनी होगी. ज़रूरत हो, तो काउंसलर की मदद भी लें.

दूसरों से तुलना करता हैः बहुत-से लोग इतने अपरिपक्व (How mature is your life partner) होते हैं कि वो अंजाने में ही अपने पार्टनर की तुलना हमेशा दूसरों से करते रहते हैं और यहां तक कह देते हैं कि उसकी ड्रेसिंग सेंस तुमसे अच्छी है या वो तुमसे अच्छा खाना बनाती है या पत्नी कह देती है कि आपका वो दोस्त कितना स्मार्ट है, उसका सेंस ऑफ ह्यूमर कितना अच्छा है आदि.
टिप्स: कभी भी भूलकर अकेले में भी और लोगों के सामने भी दूसरे की तारीफ़ न करके एक-दूसरे की ही तारीफ़ करें.

स्वार्थ की भावना: कुछ लोग इतने सेल्फ सेंटर्ड होते हैं कि अपने अलावा किसी और के बारे में सोचते ही नहीं. भले ही वो ये सब अंजाने में करते हों, लेकिन इससे क़रीबी लोग आहत होते हैं.
टिप्स: स्वार्थी होना एक नकारात्मक भाव है. यह आपको उन्हें एहसास करवाना होगा. आप उन्हें यह बता सकते हैं कि यदि आप भी इसी तरह स्वार्थी हो जाएं, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी?
– उनका कोई ऐसा व्यवहार, जो स्वार्थ के बिना किया गया हो, उसकी तारीफ़ करें, उन्हें गिफ्ट दें, इससे धीरे-धीरे उनमें बदलाव आने लगेगा.

– ब्रह्मानंद शर्मा

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