कैसे रखें साड़ियों को क्लीन और सेफ ? ( How to keep a clean and safe saris?)

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महिलाओं का साड़ी प्रेम कभी कम नहीं होता. चाहे वॉर्डरोब में कितनी ही साड़ियां क्यों न हों, फिर भी वो नई-नई साड़ियां ख़रीदती ही रहती हैं. ऐसे में साड़ियों की सही देखभाल बहुत ज़रूरी हो जाती है. साड़ियों को कैसे रखें क्लीन और सेफ? आइए, हम आपको बताते हैं.

 

कॉटन साड़ी

कॉटन साड़ी एलिगेंट लुक देती है, लेकिन बाकी फैब्रिक की अपेक्षा कॉटन जल्दी रंग छोड़ देता है, जिससे कपड़े की चमक फीकी पड़ जाती है. अतः कॉटन साड़ी की केयर इस तरह करें:
* कॉटन साड़ी को पहली बार धोने से पहले उसे गुनगुने पानी में रॉक सॉल्ट मिलाकर 15 मिनट के लिए भिगोएं. इससे साड़ी का कलर पक्का हो जाएगा.
* कॉटन साड़ी को हमेशा बाकी कपड़ों से अलग धोएं.
* कॉटन साड़ी को कभी भी डिटर्जेंट में न भिगोएं.
* धोने के बाद निचोड़ने की ग़लती न करें.
* इसे हमेशा छांव में ही सुखाएं.
* हल्की गीली रहने पर प्रेस कर लें.

टिशू और ऑर्गेंज़ा साड़ी

टिशू और ऑर्गेंज़ा साड़ी अपनी चमक की वजह से ज़्यादा पसंद की जाती हैं. महिलाएं इन्हें ख़ासतौर पर पार्टी-फंक्शन में पहनना पसंद करती हैं. अपनी इन स्पेशल साड़ियों को दें ख़ास ट्रीटमेंटः
* टिशू व ऑर्गेंज़ा साड़ी को कभी भी घर पर धोने की ग़लती न करें, हमेशा ड्राईक्लीन ही करवाएं.
* अलमारी में ज़्यादा दिन तक हैंगर में न रखें. इससे साड़ी का शेप ख़राब हो सकता है.
* हमेशा मलमल के कपड़े में बांधकर ही रखें, इससे साड़ी सुरक्षित रहेगी.
* समय-समय पर साड़ी को निकालें और दोबारा फोल्ड करके रखें. इससे साड़ी पर फोल्ड के निशान नहीं बनते.

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ज़री वाली साड़ी

हैवी कढ़ाई और ज़री वाली साड़ियां बहुत महंगी मिलती हैं. ऐसी साड़ियों की यदि सही देखभाल न की जाए, तो ये बहुत जल्दी ख़राब हो जाती हैं.
* ज़री वाली साड़ियों को पहनने के बाद तुरंत फोल्ड करके रखने की ग़लती न करें. इन्हें पहले हवा में फैलाएं. इससे साड़ी में लगा पसीना सूख जाएगा और ज़री ख़राब नहीं होगी.
* कभी भी धुली और बिना धुली हुई साड़ियों को एकसाथ न रखें.
* एक बार पहनी हुई साड़ी को तह करके रखने की बजाय उसे हैंगर में हैंग करके रखें.
* वैसे तो ज़री वाली साड़ियों को ड्राईक्लीन करवाना ही बेहतर है, लेकिन घर पर धोना चाहती हैं तो माइल्ड सोप को पानी में घोलकर साड़ी धोएं और छाया में सुखाएं.
* साड़ी पर कुछ गिर जाए, तो सॉफ्ट टूथब्रश से हल्के हाथों से साफ़ करें.
* पूरी साड़ी को धोने की बजाय स़िर्फ ज़री और वर्क को हल्के गीले कपड़े से साफ़ करके फैन के नीचे सुखाने से भी साड़ी नई जैसी लगेगी.
* कभी भी ब्लाउज़ को साड़ी के साथ फोल्ड करके न रखें.

शिफॉन और जॉर्जेट साड़ी

शिफॉन और जॉर्जेट साड़ियों को स्पेशल ट्रीटमेंट की ज़रूरत होती है. जितना आसान इन्हें पहनना होता है, उतना ही मुश्किल इन्हें सहेजना होता है.
* मशीन वॉश से बचें. शिफॉन और जॉर्जेट साड़ी को हमेशा हल्के हाथों से साफ़ करें.
* धोने के बाद साड़ी को निचोड़ने की ग़लती न करें. इससे साड़ी पर रिंकल्स पड़ जाते हैं.
* फैलाते समय साड़ी को उड़ने से बचाने के लिए बहुत ज़्यादा क्लिप न लगाएं. इससे साड़ी पर निशान बन जाते हैं.
* अलमारी में साड़ी को ज़्यादा समय तक हैंगर में न रखें. इससे फैब्रिक ख़राब हो जाता है.
* सूटकेस या अलमारी में साड़ी को फोल्ड (तह) करके ज़्यादा समय तक न रखें, थोड़े-थोड़े दिन बाद निकालकर दोबारा फोल्ड करके रखें. इससे साड़ी में फोल्ड के निशान नहीं बनते.

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सिल्क साड़ी

सिल्क साड़ी को मेंटेंन करना बहुत मुश्किल होता है. इसे पहनने में भी काफ़ी समय लगता है, लेकिन इसे पहनने के बाद पार्टी में आप सबसे ख़ास नज़र आती हैं. सिल्क साड़ियों को अगर सही तरह से रखा जाए, तो ये वर्षों नई जैसी बनी रहती हैं.
* बेहतर होगा कि सिल्क साड़ी को ड्राईक्लीन कराएं. अगर इसे घर पर धोना चाहती हैं तो शैम्पू का इस्तेमाल करें. इसके लिए साड़ी को तीन भागों में धोएं यानी पल्लू, बाकी का हिस्सा और बॉर्डर को अलग-अलग धोएं.
* हर तीन महीने में साड़ी को फिर से तह करके रखें. इससे साड़ी में फोल्ड के निशान नहीं बनेंगे.
* सिल्क की साड़ियों को बाकी फैब्रिक से अलग रखें.
* इन्हें हमेशा साफ़ कॉटन के कपड़े में लपेटकर रखें, अलमारी में ऐसे ही हैंग करके न रखें.

पैठणी साड़ी

महाराष्ट्र की परंपरागत पैठणी साड़ी महंगी साड़ियों में शुमार है. इसे हाथ से बुना जाता है. ख़सतौर पर पल्लू पर बने पिकॉक डिज़ाइन और चौकोर बॉर्डर वाली पैठणी साड़ी महिलाएं ज़्यादा पसंद करती हैं. पैठणी साड़ियों का कैसे रखें ख़्याल? आइए, जानते हैं.
* हर 6 महीने में पैठणी साड़ी को निकालकर धूप दिखाएं.
* समय-समय पर इसके फोल्ड बदलती रहें. इससे निशान नहीं पड़ेंगे.
* पैठणी साड़ियों को प्रेस करने की ज़रूरत नहीं होती.
* सूटकेस में साड़ी को कीड़े-मकोड़ों (इनसेक्ट्स) से बचाने के लिए नैप्थलिन की गोलियां रखने की बजाय लौंग रखें.
* इन्हें हैंग करने और प्लास्टिक बैग में रखने की ग़लती न करें. हो सके तो पैठणी साड़ियों को हमेशा लकड़ी की अलमारी में रखें.

स्मार्ट टिप्स

– साड़ी रखने के लिए ख़ास तरह के कवर/लिफाफे का इस्तेमाल करें. इससे साड़ियां हमेशा नई बनी रहेंगी.
– साड़ी अक्सर फॉल की तरफ़ से फटती है, इसलिए इस्तेमाल के बाद हल्के ब्रश से फॉल में लगी गंदगी साफ़ करें.
– ज़री वाली साड़ियों पर परफ्यूम न छिड़कें. इससे ज़री काली पड़ जाती है.
– ज़्यादा दिन तक सूटकेस में बंद साड़ियों से महक आने लगती है. इसे दूर करने के लिए सूखे फूल और पत्तियों को सूटकेस में रखें.
– हैवी कढ़ाई व ज़रदोज़ी वाली साड़ियों को उल्टा करके तह करें. इससे साड़ी में लगे स्टोन आदि ख़राब नहीं होंगे.
– बारिश के समय साड़ियों को अलमारी से निकालकर चेक करती रहें.