आख़िर लोग ज्योतिष को क्यों खारिज ...

आख़िर लोग ज्योतिष को क्यों खारिज करते हैं और दावा करते हैं कि यह सब अंधविश्वास है? (Is Astrology A Science Or Superstition?)

ज्योतिष (Astrology) सदियों से मौजूद है और हिंदू संस्कृति का एक अभिन्न अंग है. वेदों में निहित यह प्राचीन ज्ञान ग्रहों के प्रभाव के बारे में बात करता है. पृथ्वी केंद्रीय केंद्र बिंदु है और हम पृथ्वी पर होने के कारण ग्रह, नक्षत्र और उनकी चाल से प्रभावित होते हैं. इसी कारण वैदिक ज्योतिष सूर्य को भी एक ग्रह मानता है, क्योंकि सांसारिक प्राणी होने के नाते हमारे साथ सब कुछ नियंत्रित किया जा रहा है. अब सवाल यह उठता है कि क्या यह महज़ अंधविश्वास है, जो लोगों को गुमराह कर रहा है?
मैं ज्योतिष की एक उत्साही अनुयायी रही हूं. गुरुओं और मार्गदर्शकों से सीख रही हूं. वेदों पर बहुत ही सुंदर ग्रंथ रहे हैं और मेरे कई अनुभव भी. मेरा यह मानना है कि यह हमारे ऋषियों द्वारा शोध करके लिखा गया बहुत सटीक और गहरा ज्ञान है. वैसे भी प्राचीन काल से ग्रह, नक्षत्र व अन्‍य खगोलीय पिंडों के अध्ययन के विषय को ही ज्‍योतिष कहा गया है.
ज्‍योतिष का अर्थ है वह प्रकाश, जो परमात्मा से आता है. एक संस्कृति, जहां देवत्व का अभ्यास किया जाता है. ज्योतिष का एक हिस्सा दिव्य शक्ति और मार्गदर्शन है. हमारी एक संस्कृति है, जो चार महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बात करती है यानी जीवन के धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष.
धर्म- हमारा आध्यात्मिक कर्तव्य और सही रास्ते पर चलने की क्षमता लाने के लिए आध्यात्मिक विकास और हमारी आत्माओं को उच्च स्तर पर ले जाता है.


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अर्थ- यह अपने लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी है. इन लक्ष्यों को द्वारा अपने कर्तव्यों को पूरा करते हुए एक अनुशासित और संतुलित जीवन लाते हैं. साथ ही हमारे अपने सपनों के प्रति, हमारे परिवारों के प्रति कर्तव्यों को पूरा करते हैं.
काम- यानी हमारी शारीरिक और भावनात्मक इच्छा. मनुष्य के रूप में जन्म लेना, इच्छा एक हिस्सा है हमारे मानस का. लेकिन हमारा वैदिक ज्ञान इस बात की ओर इशारा करता है कि ये इच्छाएं जीवन की एक प्रक्रिया है और यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है.
मोक्ष- किसी भी आत्मा की अंतिम मंज़िल मोक्ष की प्राप्ति होती है. जबकि इस अभ्यास के लिए कई जीवन लग जाते हैं.
अंतिम लक्ष्य काम और अर्थ से मुक्ति है. मुझे यह सिद्धांत काफ़ी प्रासंगिक लगता है. यह लगभग ऐसा है जैसे किसी ने सदियों के शोध के बाद हमारे सामने पूरी किताब प्रस्तुत कर दी हो और पालन करने के लिए एक आसान दिशानिर्देश दे दिए हैं.
इस कर्म यात्रा में वैदिक ज्योतिष हमारी मदद करता है. हमारे जन्म के समय ग्रहों की स्थिति और संरेखण वास्तव में हमारी मदद करता है. हमारे भाग्य को समझने, इस जीवन में हम जिन चुनौतियों के साथ आए हैं उसे जानने के लिए हमें अभी भी बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है. जो रुकावटें हमारी आत्मा को महसूस होती हैं और अंत में यह मोक्ष के अंतिम गंतव्य में हमारी मदद करता है.


मैं अपने अनुभव से यहां केवल एक चीज़ जोड़ना चाहूंगी कि यदि आप ज्योतिष के लाभों से अवगत हैं, आपने इसे सीखा है या आप सीख रहे हैं एक गुरु या ज्योतिषी द्वारा निर्देशित, जो इस ज्ञान के लिए समर्पित है, तो यह आपके साथ प्रतिध्वनित होता है. आप अपनी आत्मा को ऊपर उठाने के मार्ग पर हैं. हालांकि अगर यह आपके लिए अंधविश्वास के रूप में सामने आता है, तो अपने आपको अन्यथा सोचने के लिए मजबूर न करें. शायद यह आपके आध्यात्मिक ज्ञान को अभी आगे बढ़ाने का समय नहीं है और आपको अभी भी बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है. जब समय सही होगा, देवत्व (ज्योतिष) का प्रकाश आपको मिलेगा, तब आप इसे भली-भांति समझ पाएंगे.

– राशि गौर (एस्ट्रोलॉजर-न्यूमरोलॉजिस्ट)

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Photo Courtesy: Freepik

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