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Pre Matrimonial Investigation: शादी से पहले जान लें ये कड़वे सच (Know The Bitter Truth before Marriage)

अपनी शादी को खास और यादगार बनाने के लिए लड़का-लड़की और उनकी फैमिली कोई कसर नहीं छोड़ती है, लेकिन उनकी खुशियों को नजर तब लगती है जब उनका डिवोर्स, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर या किसी और वजह से शादी टूट जाती है. इसलिए जरूरी है कि प्री मैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कराया जाए.ताकि शादी को टूटने से बचाया जा सके.

कुछ दिनों की मुलाकात। कुछ घंटों की प्यार भरी बातें और और शादी।।। जितनी तेजी के साथ लोग शादी के बंधन में बंध रहे हैं, सात जन्मों को निभाने का वादा करते हैं, उतनी ही तेजी से उनके तलाक भी रहे हैं. वजह है कि शादी के कुछ दिन, कुछ हफ्ते और महीने बाद ऐसे कड़वे सच सामने आते हैं, जिसे जानने के बाद तलाक के सिवाय कोई विकल्प नहीं रह जाता है.

मेरी सहेली के इस पॉडकास्ट में जानिए इंडिया के टॉप डिटेक्टिव नमन जैन से शादी और डेटिंग ऐप्स से जुड़े शॉकिंग खुलासे-

शादी तय करते समय किन किन बातों का ध्यान रखें?

शादी से पहले इन्वेस्टिगेशन करना बहुत जरूरी है. आजकल लोगों को ये पता ही नहीं है कि शादी से पहले इन्वेस्टिगेशन करना कितना जरूरी है. वे जिस लड़के और लड़की से शादी कर रहे हैं उसके बारे में सारी जानकारी हासिल करना या डिटेक्टिव से जानकारी प्राप्त करना कुछ गलत नहीं है. लोगों को आज भी ये भ्रम है कि जिस लड़के या लड़की से वे शादी करने जा रही हैं वो ठीक है. लेकिन एक अच्छे भविष्य के लिए अगर लड़के/लड़की के बारे, उनके परिवार के बारे में इन्वेस्टिगेशन कर ली जाए तो कोई बुराई नहीं है.

Pre Matrimonial Investigation

शादी के बाद आती हैं ये समस्याएं

  • शादी से पहले लड़का/लड़की अपने बारे में सब अच्छी बातें बोलते हैं, निगेटिव बातें छिपा देते हैं, जैसे- अपने पहले के अफेयर्स के बारे में.
  • उनकी पहले भी शादी हुई है.
  • अपनी बुरी आदतों (ड्रग्स लेना, स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करना) को छिपाना.
  • किसी पर कोई क्रिमिनल केस चल रहा होता है.
  • लड़के की सारी प्रॉपर्टी मॉर्गेज में, बैंक से मोटा लोन लिया है या बैंक के साथ धोखाधड़ी की है.
  • इनकम के बारे झूठ बोलना
  • लड़का/लड़की के कैरेक्टर के बारे में, उनके परिवार के बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त करना.

प्री मैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कराने के होते है ये फायदे

  • लड़का/लड़की के बारे में सही जानकारी प्राप्त होती है.
  • उनकी फैमिली के नेचर का पता चलता है.
  • पैरेंट्स की दखलंदाजी का पता चलता है.
  • मेडिकल स्टेटस क्लियर है न. कोई साइकोलॉजिकल बीमारी या टेंपरामेंट इश्यूज तो नहीं है.
    कुल मिलाकर कहा जाए तो प्री मेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कराना बहुत जरूरी है, चाहे लव मैरिज हो, अरेंज या री मैरिज का केस.

प्री मैट्रिमोनियल साइट पर भी होते है फ्रॉड

  • झूठा प्रोफाइल बताते हैं ( जैसे एनआरआई, विदेश में डाक्टर, इंजीनियर हूं. आर्मी में हाई पोस्ट पर हूं.
  • मैट्रिमोनियल साइट पर उन लोगों को टारगेट किया जाता है जो तलाकशुदा या शादी करने के लिए पागल होते है.
Pre Matrimonial Investigation

डेटिंग ऐप्स कितने फायदेमंद है?

  • समय के साथ-साथ प्री मैट्रिमोनियल इंवेस्टिगेशन का ट्रेंड बढ़ने लगा है. क्योंकि अब शादियां और रिश्ते मैट्रीमोनियल साइट्स, ऑनलाइन या सोशल नेटवर्किंग साइट्स के ज़रिए अधिक होने लगे हैं. ऐसे में डर रहता है कि कहीं धोखा न हो जाए या ग़लत इंसान से रिश्ता न जुड़ जाए
  • पहले समय में रिश्ता कराने का काम रिश्तेदार, पंडित या दोस्त करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है. यदि रिश्ता पहचानवालों के ज़रिए भी होता है, तब भी पूरी तरह से जांच पड़ताल करना ज़रूरी है. लोग अलर्ट हो गए हैं.
  • प्री मैट्रिमोनियल एजेंसी प्रोफेशनल तरी़के जांच पड़ताल करती हैं, जैसे- लड़का/लड़की का कैरेक्टर, लाइफस्टाइल, इनकम, स्वभाव की बातें उनके पैरेंट्स भी इतनी अच्छी तरह से नहीं जान पाते, जितना प्रोफेशनल लोग बताते हैं.

डेटिंग ऐप्स के नुकसान

  • अनेक पुरुष महिला बनकर फेक आईडी क्रिएट करते है.
  • डेटिंग ऐप्स पर साइबर ठगी का शिकार
  • ऑनलाइन ब्लैकमेल करके पैसे मांगना.
  • डेटिंग ऐप्स पर दोस्ती करना, लेकिन ऑफलाइन ब्लैकमेल करना, इसे लीगल स्कैम भी कहते है. (रेस्टोरेंट में जाना, खापीकर गायब हो जाना और बिल दूसरा देगा. पैसों की चपत लगाने के बाद पुलिस कंप्लेन भी नहीं कर सकते).

    कई बार डेटिंग ऐप्स के जरिए रिश्ते अच्छे मिल जाते हैं.और कई बार डेटिंग ऐप्स के जरिए मिलने वाले लोग ऐसे होते है जो ब्लैकमेल करते हैं. डेटिंग ऐप्स से ब्लैकमेल करने के अलग अलग तरीके होते हैं, जिसमें लोग आसानी से फंस जाते हैं.
  • पूनम शर्मा

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