क्या होती है सेल्फ ग्रूमिंग?
सेल्फ ग्रूमिंग का अर्थ महज़ अच्छे या फैंसी कपड़े पहनने या प्रेज़ेंटेबल दिखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्सनल हाइजीन से लेकर, सेल्फ केयर, फिज़िकल अपीयरेंस, शालीनता, व्यवहार आदि शामिल हैं. आइए विस्तार से जानें.
हाइजीन: अपने शरीर की स्वच्छता का ख़्याल रखना, जिसमें ओरल केयर (ब्रश करना, डेंटल हेल्थ का ख़्याल रखना आदि), पर्सनल हाइजीन, नहाना, ख़ुद को साफ़-सुथरा रखना शामिल है. इसमें नेल केयर भी आता है, अपने नाखूनों को क्लीन और सही शेप में रखना, उनके स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी ज़रूरी है.
स्किन केयर: इसमें स्किन को क्लीन और हेल्दी रखना, स्किन केयर रूटीन फॉलो करना, स्किन को मॉइश्चराइज़ करना, वैक्सिंग, अंडर आर्म केयर, डियोडरेंट या परफ्यूम लगाना आदि आता है. इसके अलावा जब बात स्किन केयर की आती है, तो हम यहां सिर्फ़ फेस की बात नहीं कर रहे, बल्कि पूरे शरीर की बात कर रहे हैं. इसमें कोहनियों, घुटनों की रफ़ स्किन और अगर कालापन है, तो उसे ट्रीट करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, साथ ही फटी एड़ियों की समस्या है, तो उसे भी नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि कई बार इनके चलते आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है.

मेकअप: अगर आप मेकअप करती हैं, तो ध्यान रखें वो बहुत लाउड न हो, ओकेज़न और अपनी एज के अनुसार मेकअप करें.
हेयर केयर: बालों की सही देखभाल, हेयर प्रॉब्लम है, तो उसका सही उपाय या उपचार करें, बालों में नियमित रूप से ऑयल लगाएं, वॉश करें, समय-समय पर ट्रिम और सही तरह से स्टाइल करें.
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प्रॉपर ड्रेसअप: प्रेज़ेंटेबल दिखना, अच्छे, क्लीन और सलीके से कपड़े पहनना सेल्फ ग्रूमिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
फिटनेस: सिर्फ़ अच्छे कपड़े पहनना ही ज़रूरी नहीं, फिटनेस मेंटेन करना भी आवश्यक है.
सोशल बिहेवियर: आप पब्लिक प्लेस पर कैसा व्यवहार करते हैं, कैसे बात करते हैं, ये भी सेल्फ ग्रूमिंग का हिस्सा है.
क्यों ज़रूरी है सेल्फ ग्रूमिंग?
सेल्फ ग्रूमिंग न सिर्फ़ आपकी पर्सनल लाइफ के लिए, बल्कि सोशल और प्रोफेशनल लाइफ के लिए भी बेहद ज़रूरी है. आइए जानें कि कैसे?

सेल्फ कॉन्फिडेंस: जब आप प्रेज़ेंटेबल और हेल्दी फील करते हैं, तो ज़ाहिर है आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
पॉज़िटिविटी: वेल ग्रूम्ड व्यक्ति जब कॉफिंडेंट रहता है, तो उसकी सोच और अप्रोच भी सकारात्मक होती है.
फिज़िकल हेल्थ: ज़ाहिर-सी बात है जब आप हाइजीन का ध्यान रखते हैं, तो कई तरह की बीमारियों और इंफेक्शंस से बचे रहते हैं.
मेंटल हेल्थ: पॉज़िटिव और कॉफिंडेंट व्यक्ति की मेंटल हेल्थ भी बेहतर होती है. डिप्रेशन, निगेटिविटी जैसी कई समस्याओं से आप बचे रह सकते हैं.
सोशल रिलेशनशिप: सेल्फ ग्रूम्ड व्यक्ति का सभी पर अच्छा प्रभाव पड़ता है. लोग उससे इंस्पायर होते हैं, उससे संपर्क बढ़ाना चाहते हैं, जिससे उसकी सोशल लाइफ बेहतर होती है.
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पर्सनल रिलेशनशिप: इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं- मान लीजिए आपका पार्टनर पर्सनल हाइजीन मेंटेन नहीं करता, कभी उसके पसीने की गंध तो कभी सांस की बदबू आपको परेशान करती है, जिससे आप उससे दूरी बनाने लगते हैं. समस्या यह है कि आप सीधे-सीधे ये बातें उसको कहने से भी डरते हैं कि कहीं बुरा न मान जाए और इसका सीधा असर आपके रिश्ते और सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है, इसलिए सेल्फ ग्रूमिंग हर लिहाज़ से ज़रूरी है.
प्रोफेशनल लाइफ: प्रेज़ेंटेबल व्यक्ति को हर कोई पसंद करता है. आपका इंप्रेशन अच्छा पड़ता है और ऑफिस भी इससे अछूता नहीं. वेल ग्रूम्ड इंसान औरों के मुक़ाबले ज़्यादा प्रोफेशनल दिखाई देता है, जिससे प्रोफेशनल फ़ायदा भी होता है.
अट्रैक्टिव: ग्रूम्ड व्यक्ति सभी को आकर्षक लगता है और लोग उसके करीब आना पसंद करते हैं. उससे दोस्ती, ग्रूमिंग टिप्स आदि भी लेना चाहते हैं. रिसर्च बताते हैं कि ग्रूमिंग से आपकी क्षमताओं का विकास भी होता है. आप बेहतर काम करते हैं.
सेल्फ लव और सेल्फ केयर: अगर आप ख़ुद पर ध्यान देते हैं, तो ज़ाहिर है आप ख़ुद से प्यार करना सीख गए हैं. एक्सपर्ट्स की मानें, तो जो व्यक्ति ख़ुद से प्यार करता है वो ज़्यादा परिपक्व होता है, वो न सिर्फ़ अपने लुक्स पर बल्कि अपनी सेहत पर, अपने गुणों के विकास पर, अपने रिश्तों और प्रोफेशन पर अधिक केंद्रित होता है. वो दूसरों से भी प्यार करता है, क्योंकि उसका मन शांत और अधिक स्थिर होता है. भावनात्मक रूप से भी वो मैच्योर होता है और सबसे बड़ी बात कि उसे दूसरों की आलोचनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता. उसके चेहरे पर हमेशा एक सकारात्मक मुस्कान बनी रहती है. इसी तरह ऐसा व्यक्ति अपनी फिटनेस और सेहत को भी महत्व देता है.
आचरण: शोध और एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सेल्फ ग्रूमिंग को महत्व देनेवाले लोगों का आचरण भी शालीन होता है. वो दूसरों के साथ अपने व्यवहार के प्रति भी सतर्क रहते हैं. वो अपने गुणों और व्यवहार के विकास पर लगातार काम करते रहते हैं, इसलिए ग्रूम्ड रहें, ख़ुश रहें और ख़ुद से प्यार करें.
- गीता शर्मा