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The Kashmir Files: फ़िल्म के सपोर्ट में आए यामी गौतम-आदित्य धर, कहा- हमारे पास रोने के लिए कंधा, सुनने के लिए कान नहीं थे(Yami Gautam, Aditya Dhar Extend Support To ‘The Kashmir Files’ Says- We didn’t have shoulder to cry on and ear to hear our pleas)

विवेक अग्निहोत्री के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' अब सिर्फ एक फिल्म नहीं रही, नेशनल इमोशन बन चुकी है. फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचा रही है. कई बॉलीवुड स्टार्स ने भी फ़िल्म का समर्थन किया है. ,वहीं अब यामी गौतम और उनके पति आदित्य धार भी इस फिल्म के सपोर्ट में उतार आए हैं. यामी ने सोशल मीडिया पर फिल्म की जमकर तारीफ की और फैन्स से फ़िल्म देखने की अपील भी की है.

यामी ने ट्विटर पर फ़िल्म को सपोर्ट करते हुए लिखा है, एक कश्मीरी पंडित (आदित्य) से शादी करने के बाद मैं घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के बारे में अधिक जागरूक हुई हूं. एक कश्मीरी पंडित की पत्नी होने के नाते, मैं इस शांतिप्रिय कम्युनिटी द्वारा झेले गए अत्याचारों को करीब से जानती और समझती हूं. लेकिन देश के ज़्यादातर लोग अभी भी इस सच से अनजान हैं. हमें सच्चाई जानने में 32 साल और एक फिल्म लगी. प्लीज 'द कश्मीर फाइल्स' देखें और सपोर्ट करें."

इसके अलावा एक इंटरव्यू में यामी ने कहा कि उनके पति आदित्य धर और उनकी फैमिली के कारण उन्हें कश्मीरी पंडितों के इतिहास के बारे में पता चला. उन्होंने कहा, "एक कश्मीरी पंडित से शादी करने के बाद और कई लोगों से बात करने के बाद मुझे कश्मीरी पंडितों के पलायन और त्रासदी की कई कहानियां पता चली हैं. और जब आपको पता चलता है कि इस पर एक फिल्म बनी है जो उनके साथ घटी घटनाओं को पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ बयां करती है तो यह जरूरी है कि हम उसका सपोर्ट करें."

वहीं आदित्य ने भी फ़िल्म की तारीफ की है और ट्विटर पर लिखा है, "आपने 'द कश्मीर फाइल्स' देखने के बाद थिएटर में कश्मीरी पंडितों के रोते-सिसकते हुए कई वीडियोज़ देखे होंगे. ये रियल इमोशन है. इससे पता चलता है कि हमने अपने दर्द और त्रासदी को कितने समय तक दबाकर रखा था. हमारे पास रोने के लिए न कोई कंधा नहीं था और न हमारी दलील सुनने के लिए कोई कान."

आदित्य धर ने फ़िल्म के सपोर्ट में कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने लिखा, "यह फिल्म हमारा सच दिखाने का एक साहसी प्रयास है! हमें इस त्रासदी को छुपाकर रखने के लिए मजबूर होना पड़ा. हम ये सोचकर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे कि समय के साथ हमारे घाव भर जाएंगे. लेकिन हम गलत थे. हमारे घाव अभी भी भरे नहीं हैं. हम आज भी मेंटली, इमोशनली, फिजिकली दर्द महसूस करते हैं. सिर्फ टेरररिज़्म ने नहीं, बल्कि उसके बाद पलायन ने इतने लोगों को खत्म नहीं कर दिया." आदित्य धर ने इतनी बेहतरीन फ़िल्म बनाने के लिए विवेक अग्निहोत्री की बार बार तारीफ की है.

कश्मीरी पंडितों पर बनी इस फिल्म का प्रधानमंत्री से लेकर आम जनता तक, बॉलीवुड से लेकर स्पोर्ट्स फील्ड तक, क्रिटिक्स से लेकर ऑडियंस तक सभी न सिर्फ सपोर्ट कर रहे हैं, बल्कि इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. पूरे देशभर में फ़िल्म की चर्चा हो रही है. इस फ़िल्म को दर्शकों का जो सपोर्ट मिल रहा है, वो फिल्म इतिहास में कभी नहीं देखा गया. थिएटर्स में भारत मां की जय के नारे लगाए जा रहे हैं. फिल्म के बाद पूरा हॉल अपने आप राष्ट्रगान गा रहा है. सोशल मीडिया पर लोग अनजान लोगों को फ्री में फिल्म दिखाने का ऑफर दे रहे हैं. सुबह 6 बजे से लेकर रात 3 बजे तक फिल्म के शो चल रहे हैं.

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