
- सनी देओल मेरे आदर्श रहे हैं. ‘बॉर्डर 2’ में उनके साथ काम करने का मौक़ा मिला, इस बात की बेहद ख़ुशी है. उनके साथ पहला सीन करते समय मैं बहुत भावुक भी हो गया था. बचपन से ही वे मेरे हीरो रहे हैं. मैंने उनकी ’बॉर्डर’ मूवी थिएटर में कई बार देखी.
- इस फिल्म की शूटिंग के समय मैं बहुत घबराया हुआ था. लेकिन सनी जी की मौजदूगी ने मेरा कॉन्फिडेंस बूस्ट किया और उन्होंने मुझे कंफर्टेबल भी फील करवाया.
- ’आवाज़ कहां तक जानी चाहिए... लाहौर तक...’ मेरे कहे जाने पर यह डायलॉग फिल्म में शामिल किया जाना मेरे लिए काफ़ी इमोशनल पल रहा.
- अब तो पूरा देश एकजुट होकर दुनिया को एक संदेश दे रहा है कि आतंकवाद के मामले में भारत एक ही भाषा बोलेगा. अपने देश के जवानों के बलिदान के लिए हम सभी उनके हमेशा ऋणी रहेंगे.
- जब कभी पुरुषों का दिल टूटता है तब उसे संभालना काफ़ी मुश्किल होता है. दरअसल, हमारा समाज ऐसा है कि पुरुषों से हमेशा स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद करता है.

- ’बॉर्डर 2’ में मेरे को-स्टार दिलजीत दोसांझ ने बहुत खून-पसीना बहाया है. वे भी इसमें परमवीर चक्र विजेता की भूमिका निभा रहे हैं.
- साल 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान वॉर पर आधारित हैै ’बॉर्डर 2’. इसका कमाल का निर्देशन किया है ’केसरी’ फिल्म फेम अनुराग सिंह ने. इसमें सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राणा, अन्या सिंह ख़ास क़िरदार में हैं और इन सभी के साथ काम करने का अच्छा अनुभव रहा.

- आलिया भट्ट को चाय के कलेक्शन का बेहद शौक है. वे दुनियाभर से चाय कलेक्ट करती रहती हैं. ग्रीन टी ही नहीं, वे हर तरह की चाय ख़रीदती रहती हैं. उन्हें व उनकी बहन को व्हाइट टी भी अच्छा लगता है. मैंने एक बार आलिया को व्हाइट टी गिफ्ट की थी.
- हिंदी फिल्में अधिकतर मुंबई बेस्ड नहीं होनी चाहिए. हमें इसमें पूरे भारत की बातें और कहानियों को लेकर प्लानिंग करनी चाहिए.
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- मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सनी देओल के साथ कोई फिल्म करूंगा. ‘बॉर्डर 2’ के लिए मैं उनका धन्यवाद करना चाहूंगा. ये मेरे लिए बहुत बड़ा मौक़ा कहें या फिर गोल्डन मोमेंट रहा और इसका हिस्सा बनना सपने जैसा रहा.
- ऊषा गुप्ता

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