फिटकरी के 12 चमत्कारी फ़ायदे (12 Top Health Benefits of Fitkari-Alum)

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घरेलू औषधि के रूप में फिटकरी को विशेष महत्व प्राप्त है. त्वचा विकारों में यह अत्यधिक लाभदायक है. फिटकरी के पानी से कुछ दिनों तक कुल्ला करने से पायरिया, मुंह के छाले, दांत के कीड़े आदि मुंह की सभी बीमारियां दूर होती हैं. इसके अलावा स्किन प्रॉब्लम्स व दांतों से संबंधित समस्याओं में भी फिटकरी का इस्तेमाल फ़ायदेमंद होता है.

* साधारण बुख़ार में थोड़ी-सी सोंठ और फिटकरी पीसकर दिन में तीन बार बताशे में रखकर खिलाने से शीघ्र आराम मिलता है.

* स्किन संबंधी बीमारियों में फिटकरी बड़ी गुणकारी होती है. त्वचा के जिस स्थान पर समस्या या फिर दाग़, खाज-खुजली आदि हुआ हो, उस स्थान को बार-बार फिटकरी के पानी से धोने से लाभ होता है.

* पीलिया होने पर 10 ग्राम फिटकरी को पीसकर 21 पुड़िया बना लें. दिन में तीन बार 1-1 पुड़िया गाय के दूध के मक्खन के साथ सेवन करने से पीलिया में आराम मिलता है.

* अगर घाव भर नहीं रहा हो, तो फिटकरी को तवे पर भूनकर चूर्ण बना लें. 1/4 टेबलस्पून गाय के घी में 25 ग्राम फिटकरी मिलाकर घाव पर लगाएं. कुछ ही दिनों में घाव ठीक हो जाएगा.

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* कुष्ठ रोग के निवारण हेतु 100 ग्राम फिटकरी पीसकर भस्म बनाएं. 250 मि.ग्रा. फिटकरी और एक चम्मच शहद को गाजर-मूली के रस में मिलाकर नियमित सेवन करें.

* एक उपाय यह भी है- 100 ग्राम भुनी हुई फिटकरी नीम के रस में घोंटकर सरसों के तेल में पकाएं और घाव पर इसका लेप करें. तीन घंटे बाद नीम की पत्ती को पानी में उबालकर लेप को धो डालें और फिटकरी के पानी से ही स्नान करें. कुछ दिनों में कुष्ठ रोग ठीक हो जाएगा.

* आंखों में रोहे होने पर 5-5 ग्राम फिटकरी और सुहागा एक साथ पीस लें. फिर इसमें एक या डेढ़ ग्राम क़लमी शोरा मिलाकर मिश्रण को छान लें और दो-तीन बूंद आंखों में सुबह-शाम डालें. यह लाभप्रद नुस्ख़ा है.

* बदहज़मी होने पर दो-दो ग्राम क़लमी शोरा और नौसादर को आधा ग्राम फिटकरी में पिघलाकर एक स्टील की कटोरी में ठंडा कर लें. बच्चों को 250 मि.ग्रा व बड़ों को आधा ग्राम की फंकी देकर ताज़ा पानी पिलाएं. इससे बदहज़मी दूर हो जाएगी.

* दांतों में खून आता हो, तो लगभग 5 ग्राम फिटकरी का चूर्ण बना लें. उसमें जामुन की लकड़ी के कोयले को पीसकर मिला लें. इस मिश्रण को दांतों पर मलने से दांतों से खून निकलना बंद हो जाता है.

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* मुंह के छाले के लिए आग में फुलाई गई फिटकरी और बराबर मात्रा में माजूफल का चूर्ण मिलाकर जीभ पर मलें. इससे लार गिरेगी और छाले ठीक हो जाएंगे.

* गन्ने की चाशनी से निकाली गई शक्कर व भुनी हुई फिटकरी समान मात्रा में पीसकर रख लें. केवल 5 ग्राम चूर्ण की फंकी खाने से काली खांसी ठीक हो जाएगी. सूखी खांसी के लिए 10 ग्राम फिटकरी और 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण बनाएं. एक ग्राम चूर्ण को फांककर 250 मि.ली. गुनगुना दूध पीएं. इसके सेवन से सूखी खांसी दूर हो जाती है.

सुपर टिप
अंदरूनी चोट लगने पर एक ग्लास दूध में आधा ग्राम फिटकरी मिलाकर पिलाएं. फिर घंटे भर बाद दूध में हल्दी मिलाकर पिलाएं. चोट से राहत मिलेगी.

– पन्नालाल गुप्ता

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