40 Secrets शादी को सक्सेसफुल बनाने के (40 Secrets of Successful marriage)

शादी को सुपर सक्सेसफुल (Secrets of Successful marriage) बनाना चाहते हैं तो ज़रूरी है कुछ बातों का ख़याल रखना, ताकि आपके रिश्तों में प्यार की मिठास, ख़ुशियां बनी रहें.

Secrets of Successful marriage

1. बातचीत में हमेशा आदव व शिष्टाचार रखें. हर पति-पत्नी में मतभेद और तकरार होते ही हैं. लेकिन हर बात पर अड़ियल रवैया न अपनाएं. हर समस्या को बातचीत से सुलझाएं.
2.पति-पत्नी का रिश्ता विश्‍वास पर टिका होता है. इसलिए अपने रिश्ते में शक को कोई जगह न दें.
3. गृहस्थी में हर चीज़ की योजना बनाएं, बचत, निवेश ही नहीं, शिशु आगमन भी, वरना कई बार अनचाहा गर्भ भी तकरार बढा देता है.
4. पऱफेक्ट कोई भी नहीं होता और न ही इसकी उम्मीद करें. दूसरे को ग़लतियों के बावजूद प्यार करना ही सही मायने में प्यार है.
5. जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे. तुम दिन को अगर रात कहो रात कहेंगे वाला फार्मूला अपनाएं.
6. घर को ऑफ़िस न बनाएं. अपने साथी को समय दें.
7. यह ज़रूरी नहीं कि आप पति की जेब मेें गिनकर नोट डालें और पति भी पाई-पाई का हिसाब मांगे. दोनों को कुछ ख़र्चे अकेले करने का हक़ है और एक-दूसरे से सफ़ाई नहीं मांगनी चाहिए.
8. एक-दूसरे को सरप्राइज़ तो दें, पर झटके न दें. ऐसे ़फैसले जिसका असर दोनों पर पड़ता हो, उसे अकेले कभी न लें. पहले आप अपने फैसले अकेले लेते थे, पर अब पत्नी आपकी भागीदार है ये न भूलें.
9. आजकल की व्यस्त लाइफ़ में जब पति-पत्नी के काम के घंटे तय नहीं होते, ऐसे में मनो सेक्सम का माहौल बनता जा रहा है. लेकिन ये सही नहीं. सेक्स के लिए समय ज़रूर निकालें. मंडे न सही, संडे य सैटर्डे नाइट भी स्पेशल हो सकती है.
10. कुछ दिन दूर रहकर भी देखें. फिर लौटकर रिश्तों में पहले जैसी ताज़गी महसूस करें. एक-दूसरे की कमी दूर रहकर ही महसूस की जा सकती है.
11. घर-गृहस्थी में पति या पत्नी अपने दूसरे पारिवारिक रिश्तों की बुराई करते ही हैं, लेकिन इसे हर बार की लड़ाई का मुद्दा न बनाएं.
12. अधिकतर झगड़े पैसे को लेकर ही होते हैं. बेहतर होगा कि अपने ख़र्च, बचत व निवेश की योजना पहले से ही बना लें और फिज़ूल के झगड़ों से बचें.
13. सॉरी कहना बुरी बात नहीं और न ही माफ़ करना मुश्किल काम है. इससे कोई झगड़ा आगे बढ ही नहीं पाएगा.
14. रिश्तों में ईमानदारी बरतें. ईमानदारी रुपए-पैसे की ही नहीं, भावनाओं की भी ज़रूरी है. परस्पर विश्‍वास धीरे-धीरे ही पनपता है.
15. कोई भी फैसला अकेले न लें. याद रखें कि अब आप शादीशुदा हैं, इसलिए चाहे टीवी ख़रीदना हो या फ्रिज, साथी की राय अवश्य लें.
16. छोटी-छोटी बातों में ख़ुशियां ढूंढें. हर व़क़्त मतुम रूठी रहो मैं मनाता रहूंम के सहारे ज़िंदगी नहीं चलती.
17. छोटी-छोटी कुर्बानियां करें. भले ही कोई फ़िल्म पति या पत्नी की मज़ीं की ही देखनी पड़े. रिमोट ज़रा अपने साथी के हाथ में दे दें. तब न न्यूज़ का झगड़ा होगा न सीरियल का.
18. थैंक्यू शब्द भी जादू का काम करता है. इसे अपनी बातचीत में शामिल करें. चाहे खाना स्वादिष्ट बना हो या आपके पार्टनर ने कोई ग़िफ़्ट दिया हो, उन्हें धन्यवाद कहना न भूलें. हम यह सोचकर अपनों को अक्सर धन्यवाद करना भूल जाते हैं कि ये तो उनका फर्ज़ थो फिर थैंक्यू क्यों.
19. अपने साथी की ख़ूबियां तो दूसरों को सुनाएं, पर उनकी बुराई न करें.
20. सरप्राइज़ ग़िफ़्ट हमेशा ख़ूबसूरत ही होते हैं, ज़रूरी नहीं कि यह तोहफ़ा ज़रूरी महंगा हो.
21. हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहें. इससे रिश्तों में नई गर्माहट बनी रहती है.
22. अच्छाजी मैं हारी चलो मान जाआ न कहने में कोई हर्ज़ नहीं है. लड़ाई नहीं दिल जीतने या हारने का मजा ही कुछ और है.
23. कोई झगड़ा या निर्णय जिससे बात का बतंगड़ या तिल का ताड़ बनने की संभावना हो, उसे टाल दें.
24. जन्मदिन और सालगिरह तो सभी मनाते हैं, पर छोटे-छोटे मौकों पर भी जश्‍न मनाएं. छोटे अवसरों को भी यादगार बनाएं.
25. भले ही जन्मकुंडली में आपके बहुत से गुण न मिले हों, लेकिन कुछ चीज़ें तो दोनों को पसंद होंगी ही. थियेटर में नाटक देखना या कोई क्लासिकल मूवी या फिर कोई खेल. अपनी उस पसंद को दोनों मिलकर एन्जॉय ज़रूर करें.
26. पुराने झगड़ों को हर बार तकरार का हिस्सा न बनाएं. इससे झगड़ा और बढेगा और आज का झगड़ा उसमें गुम हो जाएगा.
27. शादी बंधन तो है पर प्यार का बंधन. अपने साथी के नाक की नकैल न बनें. पति अपने दोस्तों के साथ घूमने जाना चाहते हैं तो ख़ुशी से जाने दें. पत्नी को अपनी सहेली से फ़ोन पर घंटों बात करने में ऐतराज़ न जताएं. एक-दूसरे को स्पेस अवश्य दें.
28. सात फेरे में सात वचन तो ले चुके. अब एक वचन यह भी लें कि कोई भी झगड़ा अगले दिन का सवेरा नहीं देखेगा. झगड़ोंं को बिस्तर पर जाने से पहले ही निबटा लें.
29. किसी भी विषय पर तर्क-वितर्क करते समय अपना आपा न खोएं. ध्यान रखें किसी मुद्दे पर झगड़ा है न कि व्यक्ति से. एक-दूसरे के प्रति तिरस्कार पूर्ण शब्द न बोलें.
30. अपनी कोई रुचि या शौक ज़रूर बरकरार रखें. मशादी के बाद गाना तो छूट ही गया. मैं तो कहानी अब लिख ही नहीं पातीम जैसे वाक्यों का अर्थ है कि आप हर बात पर पति पर निर्भर होती जा रही हैं. अपना मनोरंजन करना ख़ुद सीखें तभी ख़ुश रह पाएंगी.
31. एक-दूसरे के शौक को पूरा करने में मददगार बनें न कि दीवार. आपकी इस मदद से आपके साथी की ख़ुशियां दुगुनी हो जाती हैं.
32. दिन भर थक-मांदकर साथी घर लौटे तो दिनभर का रोना लेकर न बैठ जाएं. दिनभर की सास-बहू की कहा-सुनी या फिर फ़रमाइशों की सूची को चाय के प्याले के साथ न परोसें.
33.सवालों के सीधे जवाब दें. जन्मदिन पर क्या चाहती हैं, सीधे बता दें. मउन्हें पता होना चाहिएम यह तकरार बेमानी है. आप कहां जाना चाहती हैं, स्पष्ट बताएं. मआप क्या इतना भी नहीं समझतेम ये बेकार की बात है.
34. डेटिंग केवल शादी के पहले नहीं होती. घर-गृहस्थी से थोड़ा समय निकालकर शादी के बाद भी डेटिंग का मजा लें.
35. मआई लव यूम कहना न भूलें. भले ही शब्दों से नहीं बातों से महसूस कराएं. यही नहीं आई लव यू का जवाब आई लव यू से ही दें. कितने बेशर्म हो या एक बच्चे का बाप को ये सब शोभा नहीं देता यह इसका जवाब नहीं.
36.कॉम्प्लीमेंट आपकी ज़िंदगी में तरोताज़गी भर देते हैं. कॉम्प्लीमेंट देने का कोई भी मौका न चूकें.
37. मैं के स्थान पर महमम लाने की कोशिश करें. निर्णय हमारे हों. ग़लतियां हमारी हों. हर ग़लत बात को पत्नी के मत्थे मढना छोड़ दें.
38. तलाक़ ले लूंगा या दे दूंगा या मायके चली जाऊंगी जैसी धमकियां देने से बचें.

 

39. लोगों के सामने प्यार से पेश आएं. भले ही किन्हीं मुद्दों पर परस्पर सहमति न हो, पर लोगों के सामने महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अपनी असहमति न दर्शाएं.
40. तुम मुझे प्यार करते हो तो तुम्हें ऐसा करना चाहिए या ऐसा नहीं करना चाहिए, ऐसा कहकर उन्हें बदलने की कोशिश न करें. उसे उसी के व्यक्तित्व के साथ प्यार करें.

अदिति लांबा

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