अब ब्रेकअप एक्सपर्ट्स करेंगेे आपके दर्द-ए-दिल का इलाज… (Break Up Experts For Broken Hearts)

अब ब्रेकअप एक्सपर्ट्स करेंगेे आपके दर्द-ए-दिल का इलाज… (Break Up Experts For Broken Hearts)

दिल टूटने पर आवाज़ नहीं होती, लेकिन बेहिसाब दर्द ज़रूर होता हैप्यार जैसी भावना में जब विश्‍वास टूटता और साथ छूटता है, तो उस तकलीफ़ को बर्दाश्त करने की शक्ति नहीं होती. यही वजह है कि प्यार में हारे लोग कभी गहरे अवसाद यानी डिप्रेशन में चले जाते हैं, तो कभी ज़िंदगी से पूरी तरह हारकर अपनी जान तक दे देते हैंलेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि आपके टूटे दिल का इलाज करने के लिए ब्रेकअप एक्सपर्ट्स जो आ गए हैं.

Break Up Experts For Broken Hearts

एक समय था, जब शायद यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि ब्रेकअप के दर्द से बाहर निकालने के लिए भी एक्सपर्ट्स होंगे, लेकिन समय बदल रहा है और उसके साथ हमारे रिश्ते भी.

अकेलेपन से जूझना होता है एक बड़ा चैलेंज

ब्रेकअप के बाद अचानक आपको महसूस होता है कि आप पूरी तरह से तन्हा हो गए हैं.

बारबार अपने रिश्ते के बारे में सोचते रहते हैं.

अपने पार्टनर की यादें आपके ज़ेहन से जाती नहीं हैं.

आप अपने पार्टनर के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जाकर उसकी तस्वीर देखते हैं.

किसी तरह से उसके बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश में रहते हैं.

किसी काम में आपका मन नहीं लगता.

आपको लगता है आप अब भविष्य में कभी कोई रिश्ता नहीं बना पाएंगे.

नकारात्मक भावनाओं से आप चाहकर भी बाहर नहीं आ पाते.

कैसे करते हैं ब्रेकअप रिकवरी?

कई ऐसे मैरिज काउंसलर और सायकोलॉजिस्ट हैं, जो अब बतौर ब्रेकअप एक्सपर्ट्स काम करते हैं, क्योंकि वो रिश्तों की उलझनों में उलझे लोगों से अक्सर दोचार होते हैं, उनके दर्द को महसूस करते हैं. यही वजह है कि वो ब्रेकअप रिकवरी प्रोग्राम चलाते हैं, ताकि लोग टूटे रिश्ते की डोर से हमेशा के लिए न बंधे रहें, वो बाहर आ पाएं और ज़िंदगी में आगे बढ़ सकें.

ब्रेकअप चैलेंजेस

अपने पार्टनर के ख़्याल को दिल से निकालना बहुत बड़ी चुनौती होती है.

उसके साथ भविष्य में किस तरह के रिश्ते रखने हैं?

दोस्ती रखनी है या नहीं?

किस तरह से हेल्दी बाउंड्रीज़ क्रिएट करें?

दोस्तों व परिवारवालों का किस तरह से सामना करें?

ख़ुद को दोष देने से कैसे बचें?

अपने एक्स के प्रति ग़ुस्से को कैसे मैनेज करें?

ज़िंदगी में आगे तो बढ़ना चाहते हैं, लेकिन वे समझ नहीं पाते.

इस तरह की तमाम चुनौतियां ब्रेकअप से जूझ रहे लोगों के सामने होती हैं और इनसे बाहर निकलने का रास्ता उन्हें नहीं सूझता.

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Break Up Experts For Broken Hearts

कैसे काम करते हैं एक्सपर्ट्स?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप इन सबसे बाहर आ सकते हैं और हम आपकी मदद करेंगे.

प्राइवेट काउंसलिंग और कोचिंग के ज़रिए आपकी मदद हो सकती है.

दरअसल इस दौर में आपको किसी ऐसे शख़्स की ज़रूरत होती है, जो आपको सुने और आपकी तकलीफ़ को समझे.

ब्रेकअप एक्सपर्ट्स इसी तरह का भावनात्मक सहारा देते हैं, जिससे अवसाद की भावना दूर हो और आप ज़िंदगी में आगे बढ़ सकें.

ब्रेकअप एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि वो हर रिश्ते को अलग तरह से ट्रीट करते हैं, क्योंकि उनके लिए यह जांचनापरखना भी ज़रूरी होता है कि क्या यह रिश्ता पूरी तरह ख़त्म हो चुका है या इसमें संभावनाएं बची हैं?

यदि संभावनाएं होती हैं, तो वो रिश्ता दोबारा जोड़ने में भी मदद करते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रेकअप के बाद हीलिंग के भी अलगअलग स्तर होते हैं.

हमारे रिकवरी प्रोग्राम के लिए काम कर रहे एक्सपर्ट्स ब्रेकअप से जूझ रहे व्यक्ति को पूरे धैर्य से सुनते हैं, वो कहीं से भी जजमेंटल नहीं होते और पूरी तरह से भावनात्मक सपोर्ट भी देते हैं.

ब्रेकअप एक्सपर्ट्स अपने ऑनलाइन रिकवरी प्रोग्राम भी चलाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक आसानी से मदद पहुंच सके.

रिकवरी में सैडनेस यानी दुख की भावना से ध्यान हटाकर सेल्फ केयर की भावना पर ले जाया जाता है.

ब्रेकअप इतना बुरा भी नहीं होता, क्योंकि इसके बाद ही तो आप अपने प्रति सजग होते हो, अपने लिए सोचते हो, अपने स्वाभिमान के लिए लड़ते हो.

दरअसल, ब्रेकअप का प्रभाव अन्य चीज़ों पर भी निर्भर करता है, जैसेरिश्ता कितना गहरा और पुराना था, रिश्ता टूटने का कारण क्या था, फिज़िकल एब्यूज़ था या नहीं, इमोशनल सपोर्ट, फाइनेंशियल सपोर्ट आदि.

ब्रेकअप आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथसाथ शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है.

बहुत से लोग ब्रेकअप के बाद अपने फिज़िकल अपीयरेंस के प्रति लापरवाह हो जाते हैं और मोटापे का शिकार हो जाते हैं.

रिकवरी प्रोग्राम के ज़रिए एक्सपर्ट्स सेल्फ केयर पर ही सबसे ज़्यादा ध्यान दिलाते हैं, ताकि आप पहले से कहीं अधिक फिट, सुंदर, स्वस्थ, कॉन्फिडेंट और पॉज़िटिव लगें.

थेरेपीज़ में सेल्फ एस्टीम, एंगर और सैडनेस को दूर करने पर फोकस किया जाता है.

कई बार व्यक्ति ख़ुद को ही दोषी मानने लगता है अपने ब्रेकअप के लिए, ऐसे में उसकी सोच को बदलना पड़ता है और उसका खोया विश्‍वास फिर लौटाने पर ज़ोर दिया जाता है.

नकारात्मक भावनाओं से कैसे बाहर निकला जाए, ताकि व्यक्ति आत्महत्या जैसा क़दम न उठा सके या फिर गहरे अवसाद में न चला जाए, इस पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है.

बुख़ार होने पर या शरीर पर ज़ख़्म होने पर हम डॉक्टर के पास जाते हैं, तो जब दिल पर चोट लगती है, तो उसके ज़ख़्मों को छिपाना क्यों चाहते हैं? बेहतर होगा दिल के डॉक्टर यानी रिलेशनशिप एक्सपर्ट के पास जाएं और ज़िंदगी में फिर से मुस्कुराएं.

विजयलक्ष्मी

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