फिल्म- रॉक ऑन 2
स्टारकास्ट- अर्जुन रामपाल, फरहान अख़्तर, श्रद्धा कपूर, प्राची देसाई, पूरब कोहली
निर्देशक- शुजात सौदागर
रेटिंग- 3.5 स्टार
एक अच्छी सीक्वल वही होती है, जो वहीं से शुरू हो जहां प्रीक्वल ख़त्म हुई थी. रॉक ऑन 2 के लिए भी यही कहा जा सकता है. एक अच्छी शुरुआत है फिल्म की, जिससे समझ आ जाएगा कि कहानी क्यों और कहां से शुरू हो रही है. थिएटर्स में अब भी शिवाय और एे दिल है मुश्किल ने अपना दबदबा बनाए रखा है, ऐसे में रॉक ऑन 2 के लिए ऑडियंस को अपनी ओर खींचना थोड़ा मुश्किल ज़रूर होगा, साथ ही 500 और 1000 के नोट बंद होने का थोड़ा-बहुत असर भी इस फिल्म के कलेक्शन पर असर पड़ सकता है.
कहानी
फिल्म वहीं से शुरू होती है जहां रॉक ऑन ख़त्म हुई थी. जो (अर्जुन रामपाल) और आदित्य (फरहान अख्तर) पहले से बदल गए हैं. जो अब स्ट्रगलर नहीं, बल्कि सेलिब्रिटी बन गया है, उसका अपना क्लब है और वो एक सिंगिग रिएलिटी शो का जज भी है. आदित्य अब भी 5 सालों से अपने गिल्ट से लड़ाई कर रहा है और उस गिल्ट से बाहर निकलने के लिए वो नए म्यूज़िशियन्स की मदद करता है. एक बार फिर जो और आदित्य सामने हैं और दोस्ती के रिश्ते फिर कॉम्प्लिकेटेड हो गए हैं. आगे फिल्म में क्या होता है, इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी.
फिल्म की यूएसपी या कमज़ोरी
रॉक ऑन 2 म्यूज़िकल फिल्म है और म्यूज़िक भी इसकी सबसे बड़ी यूएसपी है. शंकर एहसान लॉय का म्यूज़िक कमाल का है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर काबिलेतारीफ़ है. फिल्म की एडिटिंग क्रिस्पी है, लेकिन फिल्म कहीं-कहीं आपको थोड़ा बोर कर सकती है. दोस्तों के बीच के रिश्ते को शुजात ने बड़ी ही ख़ूबसूरती से पेश करने की कामयाब कोशिश की है.
किसने दिखाया एक्टिंग का दम
एक्टिंग की बात करें, तो फरहान अख्तर, अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली, शशांक अरोड़ा सभी ने बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है, जबकि श्रद्धा कपूर इन सबके बीच अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हुई हैं. प्राची देसाई की एक्टिंग भी ठीक-ठाक ही रही.
क्यों देखने जाएं?
अगर आपने पहली रॉक ऑन देखी है और आपको वो फिल्म पसंद आई थी, तो रॉक ऑन 2 आप देख सकते हैं. अगर आपने पहली रॉक ऑन नहीं भी देखी है, तब भी ये फिल्म आप एक बार देख सकते हैं. म्यूज़िक के शौक़ीन है, तो ये फिल्म आपके लिए ही है.
फिल्म- चार साहिबज़ादे 2- राइज ऑफ़ बंदा सिंह बहादुर
निर्देशक- हैरी बवेजा
रेटिंग- 2.5 स्टार
एनिमेटेड पंजाबी फिल्म चार साहिबज़ादे 2 भी रिलीज़ हुई है. एनिमेटेड फिल्मों की अपनी अलग ऑडियंस होती है. चार साहिबज़ादे 2 का निर्देशन किया है हैरी बवेजा ने और इसे नरेट किया है ओम पूरी ने. फिल्म 134 मिनट लंबी है. फिल्म में वॉइसओवर तो अच्छा है, लेकिन एनिमेशन के बारे में ये बात नहीं कही जा सकती है. एनिमेशन के मामले में फिल्म थो़ड़ी पिछड़ जाती है.
