
- मैंने अपने करियर में पूरी कोशिश की कि अलग-अलग क़िरदार निभाकर लोगों का भरपूर मनोरंजन करूं. ‘कॉल मी बे’ शो में सभी को ख़ूब हंसाया, इस सीरीज़ के लिए ओटीटी का बेस्ट फीमेल कॉमेडी एक्टर का अवॉर्ड मिलने पर बहुत ख़ुशी हुई. वहीं ’केसरी चैप्टर 2’ में अभिनय की संजीदगी भी दिखाई.
- मुझे नब्बे के दौर का रोमांस पसंद है. मैं ओल्ड स्कूल जैसे लव-रिलेशन, पारंपरिक प्यार में विश्वास करती हूं. इसी कारण ‘मैं तेरा तू मेरी तू मेरी मैं तेरा’ के रूमी क़िरदार से भी जुड़ाव महसूस कर पाई. मुझे आजकल का हुकअप कल्चर नहीं गंवारा. मुझे अपने परिवार से बेहद प्यार है, इसलिए मेरी हमेशा यही ख़्वाहिश रहेगी कि मेरे जीवनसाथी का परिवार भी मेेरे परिवार जैसा हो जाए.

- जब मैं स्कूल में थी, तब मेरी बुलिंग होती थी. मुझे हेयरी, फ्लैट चेस्ट बोलकर चिढ़ाया जाता था. लेकिन गनीमत थी कि उस समय सोशल मीडिया नहीं था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. आज की तारीख़ में तो छोटी से छोटी बातें भी सोशल मीडिया के ज़रिए सब जगह फैल जाती हैं. नाम कहो या बदनाम होते देर नहीं लगती.
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- मेरा यह मानना है कि वुमन सेफ्टी बेहद इंर्पोटेंट है. इसे लेकर हमें केवल अधिक बातें ही नहीं करनी है, बल्कि कई कारगर ठोस कदम भी उठाने चाहिए.
- माना एक्टिंग और करियर को लेकर सीरियस रहना चाहिए, लेकिन साथ ही मैं यह भी सोचती हूं कि जब आप 18-19 के होते हैं, तब आपको मौज-मस्ती करना चाहिए. इसे लेकर अधिक सोचना नहीं चाहिए.

- जब मैं ’इनसाइड आउट 2’ की डबिंग कर रही थी, तब मैंने बहुत एंजॉय किया. टीनएज राइली कैरेक्टर को अपनी आवाज़ देना सुखद रहा. उस समय मुझे लगता था कि मुझे टीनएज की तरह सोचना है.
- मुझे झूठ से नफ़रत है. मेरे लिए झूठ व झूठ बोलने वाले लोग रेड फ्लैग की तरह हैं.
- मैंने अब कोई भी बात छिपाना छोड़ दिया है, क्योंकि मैंने महसूस किया है कि मैं जब भी कोई बात छिपाती हूं, तब पकड़ी जाती हूं.
- ऊषा गुप्ता

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