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कार्तिक आर्यन- मैंने काफ़ी रिजेक्शन झेले हैं… (Kartik Aaryan- Maine kafi rejection jhele hain…)

- मेेरे परिवार में सभी डॉक्टर हैं. मुझे भी बचपन से आगाह किया जाता था कि डॉक्टर या इंजीनियर बनो, लेकिन मेरा इसमें मन नहीं लगता था.

- मेरे घर में फिल्में बहुत देखी जाती थीं. मैं और मेरी बहन वीकेंड पर टीवी के सामने बैठ जाते थे. बचपन में हम ख़ूब मूवी देखते थे या फिर बाहर खेलते थे. यही दो काम अधिक करते थे. इस तरह फिल्मों को देखते-देखते न जाने कब मेरा रुझान इसकी तरफ़ हो गया.

- एक्टिंग के लिए मुंबई आना था, वैसे तो घरवाले जाने नहीं देते, इसलिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई का बहाना करके यहां आ गया.

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- फिल्में पाने के लिए काफ़ी संघर्षों से गुज़रना पड़ा. ऑडिशन के लिए दर-दर भटकता था. एक बार तो जिस दिन परीक्षा थी, उस दिन भी ऑडिशन के लिए गया. मेरी मेहनत, जुनून रंग लाई और आख़िरकार लव रंजन जी का ’प्यार का पंचनामा’ फिल्म मिली. लेकिन इसके पहले मैंने काफ़ी रिजेक्शन झेले हैं. विज्ञापन में भी काम किए.

- स्ट्रगल के दिनों पेइंग गेस्ट के रूप में एक ही कमरे में दस-बारह लोगों के साथ रहना पड़ता था, जिसमें अधिकतर मेरी तरह संघर्ष करनेवाले कलाकार थे.

- फिल्मों में अपनी भूमिका के लिए जितना हो सके मेहनत करता रहता हूं. 'चंदू चैंपियन’ में बॉडी बनाने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की. स्टेरॉयड नहीं लिया. वर्कआउट करके बॉडी बनाई. तभी तो न केवल लोगों को फिल्म बेहद पसंद आई, बल्कि मेरे ट्रॉन्सफॉर्मेशन को भी लोगों ने ख़ूब सराहा.

- अनन्या पांडे और मैंने ‘मैं तेरा तू मेरी तू मेरी मैं तेरा’ में काम करते हुए ख़ूब एंजॉय किया. उन्हें लंबे समय से जानता हूं, हमने इसके पहले भी साथ काम किया है. हमारी फैंडशिप, केमिस्ट्री व प्रोफेशनल व्यवहार आज भी वैसे ही है. अनन्या अब पहले से अधिक डेडिकेटेड, पंक्चुअल और मैच्योर हो गई हैं.

- मेरे लिए कोरियोग्राफर-निर्देशक रेमो डिसूजा के साथ काम करना बेहद दिलचस्प रहा.

- शाहरुख खान और अक्षय कुमार के साथ मेरी तुलना करना ठीक नहीं. उन दोनों का फिल्मी करियर काफ़ी बड़ा रहा है. उन्होंने बरसों तक फैंस के दिलों पर राज़ किया है. मैं उनका ज़बर्दस्त प्रशंसक हूं. मेरे अपने अलग चाहनेवालेे हैं और मैं हमेशा कोशिश करता रहता हूं कि उनका भरपूर मनोरंजन कर सकूं.

- फ़िलहाल व्यक्तिगत जीवन में तो रोमांस नहीं मिल पा रहा, इसलिए रील लाइफ में ही सही.

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- मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से हूं और मेरी हमेशा यह कोशिश रहती है कि मैं परिवार से जुड़ा रहूं और ऐसा कलाकार बनूं जो फैमिली मैन हो. छोटी‌ बहन की शादी में इसे मैंने शिद्दत से जिया है.

- ऊषा गुप्ता

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Photo Courtesy: Social Media

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