विनोद खन्ना (Vinod Khanna) ने 27 अप्रैल 2017 को दुनिया को अलविदा कह दिया था. ब्लैडर कैंसर (Vinod Khanna had bladder cancer) के चलते उनका निधन हो गया था. विनोद खन्ना अपने दौर के मोस्ट हैंडसम और बेहतरीन एक्टर थे और उनके फैंस आज भी उन्हें मिस करते हैं. विनोद खन्ना एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना Vinod Khanna's second wife Kavita Khanna) ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में विनोद खन्ना के बारे में खुलकर बात (Kavita Khanna talks about Vinod Khanna) की और एक्टर की काफी पर्सनल बातें रिवील की.

विनोद खन्ना ने काफी समय तक अपनी बीमारी को परिवार से तक छुपाकर रखा था. छह साल तक जर्मनी में उनका इलाज चला और सर्जरी भी की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. ये तो सब जानते हैं कि उन्हें ब्लैडर कैंसर हुआ था, लेकिन ये बात किसी को नहीं पता कि ब्लैडर कैंसर से पहले उन्हें लंग कैंसर हुआ था और इसकी वजह उनकी चेन स्मोकिंग की आदत थी.

उनकी सेकंड वाइफ कविता खन्ना ने इस बारे में बात करते हुए बताया, "यह साल 2001 की बात है, जब विनोद को लंग यानी फेफड़ों के कैंसर का पता चला. वह रोजाना 40 से 80 सिगरेट पीते थे. वह यूं ही अपना एनुअल चेकअप करवाने गए थे तो डॉक्टर को उनके फेफड़ों में कुछ पैच नजर आए. इसके बाद हम मुंबई के टॉप MRI स्पेशलिस्टों के पास गए और सभी ने कहा कि ये लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर है."

डॉक्टर्स ने उनके कैंसर अफेक्टेड हिस्से को निकालने की सलाह दी और बताया कि सर्जरी के बाद वो नॉर्मल लाइफ जी पाएंगे. लेकिन विनोद खन्ना खुद को टॉर्चर नहीं करना चाहते थे. कविता खन्ना ने बताया, "हमने इसके बारे में किसी को नहीं बताया और अपने गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर (Shri Shri Ravi Shankar) से बात करने का फैसला किया. रवि शंकर ने उन्हें दिल्ली एम्स के ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट में बात करने को कहा. फिर कहा कि या फिर वो एक महीना इंतजार करें और ब्रीदिंग पर काम करें. इसके बाद गुरुदेव के कहने पर विनोद खन्ना ऋषिकेश आश्रम चले गए, जहां विनोद खन्ना दिन में तीन बार सुदर्शन क्रिया करते थे. इसके बाद हम जर्मनी चले गए. एक दिन अचानक विनोद खन्ना के कंधे में तेज दर्द हुआ. वह दो दिन दर्द में पड़े रहे. गुरुदेव उन्हें देखने आए और एक्सरे करवाने की सलाह दी. एक्सरे एकदम सही थी. विनोद खन्ना का कैंसर ठीक हो गया था."

कविता खन्ना (Kavita Khanna) ने आगे बताया, "सब कुछ ठीक था, फिर 2010 में उन्हें ब्लैडर कैंसर हो गया. डॉक्टर्स ने कहा कि अगर वो ट्रीटमेंट करवाते भी हैं तो भी उनके ज़िंदा रहने का चांस 25% है. विनोद खन्ना ने गुरुदेव को फोन किया और कहा कि मैंने अपनी जिंदगी पूरी जी ली है. अगर मेरा जाने का समय आ गया है, तो मैं जाने के लिए तैयार हूं. लेकिन मैं अपने शरीर को टॉर्चर नहीं करना चाहता. श्री श्री ने उन्हें पंचकर्म करने की सलाह दी. साथ ही शराब पूरी तरह छोड़ने को कहा, लेकिन धीरे धीरे उनकी हालत खराब होती गई."

विनोद खन्ना का साल 2017 में निधन हो गया. अपने 50 साल के फिल्मी करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया है. इस बीच उन्होंने पॉलिटिक्स भी जॉइन किया. विनोद खन्ना को आखिरी बार साल 2020 में आई फिल्म 'गन्स ऑफ बनारस' में देखा गया, जो उनके निधन से ठीक तीन साल बाद रिलीज हुई थी. एक्टर ने दो शादियां की थीं. पहली पत्नी गीतांजलि थीं, जिनसे 1985 में तलाक हो गया. इसके बाद उन्होंने कविता से शादी की. उनके तीन बेटे अक्षय खन्ना (Akshay Khanna), राहुल खन्ना (Rahul Khanna) और साक्षी खन्ना(Sakshi Khanna) हैं. उनकी एक बेटी श्रद्धा खन्ना है.
