'धुरंधर: द रिवेंज' (Dhurandhar The Revenge) यानी धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) सिनेमाघरों में तबाही मचा रही है. रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान मचाया है, जिसे देखकर ट्रेड एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं. एक्ट्रेस सारा अर्जुन (Sara Arjun) ने धुरंधर (Dhurandhar) से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. सारा अर्जुन और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की जोड़ी ने सबको दीवाना बना दिया है और पहली ही फ़िल्म से एक्ट्रेस लोगों के दिलो दिमाग पर चढ़ गई हैं और लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. सारा ने अपना ही नहीं, अपने पापा का भी हर सपना पूरा किया है. अब सारा के पापा ने भी बेटी की जीभर कर तारीफ की है और बताया कि कैसे सारा के जन्म के बाद से उनका जीवन बदल गया.

सारा अर्जुन के पापा का नाम राम अर्जुन (Sara Arjun's father Raj Arjun) है. अब उन्होंने सारा अर्जुन के लिए एक इवेंट में पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक इमोशनल स्पीच (Sara Arjun's father gets emotional) दी और बताया है कि सारा किस तरह उनका सहारा बनीं. उन्होंने कहा, "मैंने सुना था कि बेटियां आशीर्वाद होती हैं, लेकिन मैंने तो उस आशीर्वाद को सच होते देखा है. 2005 में मेरे घर में एक नन्हीं परी आई, जिसने सब कुछ बदल दिया." राम अर्जुन ने कहा, "अगर यह बच्ची मेरे जीवन में न आती, तो मैं आज यह इंसान या यह कलाकार न होता. सारा के जन्म के तुरंत बाद मुझे पहला लीड रोल मिल गया था, लेकिन वह प्रोजेक्ट कभी पूरा नहीं हो पाया. लेकिन मेरे सीने में लगी आग मेरी बेटी की वजह से धधकती रही. सब कुछ बिखरा हुआ था, ऐसे में सारा हमारा सहारा बनी. मैं स्ट्रगल करता रहा और इस दौरान उसने मेरी उंगली थामे रखी. उस वक्त मैं टूट जाता शायद, लेकिन उसकी चमकती आंखों ने मुझे डटकर खड़े होने की हिम्मत दी. उसने मेरा धुरंधर की तरह खयाल रखा. मैं भी पिता होने के नाते उसका आसमान बना, उसके पंखों को उड़ान दी."

सारा के पापा ने बताया कि सारा की वजह से ही उन्हें आमिर खान की फ़िल्म 'सीक्रेट सुपरस्टार' में काम मिला. "2016 में मैं उसे मुकेश छाबड़ा के ऑफिस लेकर गया था. वो अंदर गई. मैं बाहर उसका इंतजार कर रहा था. उसने मुकेश का हाथ पकड़ा और उन्हें बाहर खींच लिया. उसने अपनी किस्मत मेरी तरफ मोड़ दी, और मुझे सीक्रेट सुपरस्टार में एक रोल मिल गया. वो मुझे समझाती थी, गले लगाती थी और मेरी दुनिया रोशन कर देती थी."

राज अर्जुन ने आगे कहा, "आज मेरी बेटी दुनिया में रोशनी बिखेर रही है, एक धुरंधर की तरह, तो वो ये स्पॉटलाइट मेरे साथ शेयर कर रही है. तब मैंने उसका ख्याल रखता था, अब वो मेरा ख्याल रखती है. लोग कहते हैं कि बेटियां, पिता का हाथ थामकर आगे बढ़ती हैं. लेकिन मैं अपनी डेस्टिनेशन तक अपनी बेटी का हाथ थामकर पहुंचा हूं, और मुझे इसपर गर्व है. मेरी जिंदगी की ये रोशनी सारा कहलाती है."

