बॉलीवुड के सदाबहार हीरो में से एक हैं जीतेंद्र (Jeetendra) , जिन्होंने अपनी शानदार डांस, बेहतरीन एक्टिंग और दमदार डायलॉग डिलीवरी से लोगों का दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई है. बता दें कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने लिए एक खास जगह बनाना जितेंद्र के लिए आसान नहीं था. काफी मेहनत और संघर्ष के बाद जितेंद्र को बॉलीवुड में वो मकाम मिला जिसके वो हकदार थे. आइए, जानते हैं जितेंद्र की लाइफ से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें.

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1. पंजाब के अमृतसर में जन्मे जितेंद्र का जन्म 7 अप्रैल 1942 को हुआ था. उनका असली नाम रवि कपूर है.
2. जितेन्द्र ने अपनी लाइफ के शुरुआती 18 साल मुंबई की चॉल में बिताए.
3. जितेंद्र और राजेश खन्ना दोनों एक ही स्कूल मे, एक ही क्लास में पढ़ते थे. दोनों ने मुंबई के सेंट सबैस्टियन गोअन से हाई स्कूल पास किया.

4. वक्त के साथ किस्मत ने राजेश खन्ना का साथ दिया और वे रातोंरात स्टार बन गए थे. जितेंद्र को फिल्म इंडस्ट्री में काफी स्ट्रगल करना पड़ा.
5. जितेन्द्र के पापा और अंकल फिल्मों में जूलरी सप्लाई करते थे. एक दिन उनके पिता का हार्ट अटैक से निधन हो गया. घर की जिम्मेदारी जितेंद्र पर आ गई थी.
6.पापा और अंकल को फिल्मों में जूलरी सप्लाई करते देख जितेंद्र का रुझान फिल्मों की तरफ बढ़ा. और उन्होंने एक्टर बनना तय किया.
7. जितेन्द्र ने अपने अंकल से कहा कि वे डायरेक्टर वी. शांताराम से मिलना चाहते हैं. जितेन्द्र उनके पास गए थे, लेकिन शांताराम ने उन्हें फिल्मों में चांस देने से मना कर दिया.

8. कलाकार के तौर पर जितेंद्र को सबसे पहला रोल एक जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर मिला था. ये रोल उन्हें डायरेक्टर वी शांताराम ने अपनी फिल्म नवरंग में दिया था. इस फिल्म में जितेंद्र ने एक्ट्रेस संध्या के बॉडी डबल के तौर काम दिया था.
9. उनका नाम रवि कपूर से बदल कर जितेंद्र डायरेक्टर वी शांताराम ने रखा था. जितेंद्र डायरेक्टर वी शांताराम के यहां नौकरी करते थे और सैलरी के तौर पर उन्हें 100 रुपये मिलते थे.
10. नवरंग' से बॉलिवुड में कदम रखने वाले जितेंद्र को शुरुआत के करीब पांच साल तक काफी स्ट्रगल करना पड़ा.

11. जितेंद्र डायरेक्टर वी शांताराम की फिल्म 'सेहरा' का एक डायलॉग ठीक से बोल नहीं पा रहे थे. उन्होंने इस डायलॉग के 30 टेक दिए थे. इतने टेक के बाद भी उन्हें स्क्रीन टेस्ट का ऑफर मिला.
12. जितेंद्र को सपोर्टिंग रोल करने के 150 रुपये महीने एक्स्ट्रा मिलते थे. लेकिन जब वे हीरो सिलेक्ट हुए तो उनके पैसे घट गए. पूछने पर पता चला कि उन्हें ब्रेक दिया जा रहा है इसलिए इतनी सैलरी मिलेगी.
13. साल 1964 में जितेंद्र को पहला बड़ा ब्रेक फिल्म 'गीत गाया पत्थरों' से मिला. लेकिन सफलता उन्हें साल 1967 में आई फिल्म 'फर्ज' से मिली.

14. एक दौर था जब जितेंद्र और हेमा मालिनी ने मिलकर इंडस्ट्री को कई हिट फिल्में दीं. एक साथ काम करने की वजह से जितेंद्र हेमा मालिनी को पसंद करने लगे. उनसे शादी करना चाहते थे. बात यहां बढ़ गई कि जितेंद्र ने अपना रिश्ता हेमा मालिनी के घर भिजवाया. इस बात का पता जब धर्मेंद्र और जितेंद्र की गर्लफ्रेंड शोभा को चला तो वे दोनों हेमा मालिनी के घर पहुंच गए इस रिश्ते को तुड़वाने के लिए. आखिर में हेमा मालिनी ने खुद ही जितेंद्र से शादी करने से मना कर दिया.

15. बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि जब शोभा 14 साल की थीं, तब से जितेंद्र उन्हें डेट कर रहे थे. दोनों का डेटिंग पीरियड काफी लंबा चला.
16 शादी से पहले शोभा कपूर ब्रिटिश एयरवेज में एयर होस्टेस थीं. साल 1974 में जब जितेंद्र के साथ उनकी शादी ही तो उन्होंने ये जॉब छोड़ दी.

17. उनके दो बच्चे हैं. उनकी बेटी एकता कपूर जहां अपने हिट सीरियल्स के कारण टीवी क्वीन कही जाती हैं तो वहीं बेटे तुषार कपूर ऐक्टर हैं.
