एक दौर था जब राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन ही नहीं जितेंद्र (Jeetendra) की फिल्मों का भी अलग ही क्रेज रहता था. जितेंद्र ऐसे लीडिंग सुपरस्टार थे, जो बॉक्स ऑफिस पर दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन को भी कड़ी टक्कर देते थे, एक्टिंग ही नहीं, उनके सिग्नेचर डांस स्टेप्स के भी लोग दीवाने हुआ करते थे, उनकी डांसिंग स्किल की वजह से उन्हें 'बॉलीवुड का जंपिंग जैक' (Jumping Jack of bollywood) कहा जाता था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही जंपिंग जैक जीतेंद्र ने करियर की शुरुआत में संध्या (Actress Sandhya) का बॉडी डबल बनकर फ़िल्म 'नवरंग' (film Navrang) में डांस किया था और इस मज़ेदार किस्से का खुलासा हाल ही में फ़िल्म हिस्टोरियन हनीफ ज़वेरी ने मेरी सहेली पॉडकास्ट (Meri Saheli Podcast) में किया.

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वी. शांताराम की फ़िल्म 'नवरंग' का गाना 'आधा है चंद्रमा...' बेहद पॉपुलर हुआ था. इस गाने में ऐक्ट्रेस संध्या के डांस मूव्स आज भी लोगों को बेहद पसंद आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इस गाने के लॉन्ग शॉट्स में जहां संध्या डांस करती दिखाई देती हैं, वो संध्या नहीं, असल में जीतेन्द्र हैं, जिन्होंने साड़ी पहनकर उस गाने में डांस किया था.

हनीफ ज़वेरी ने ये मज़ेदार किस्सा शेयर करते हुए बताया, "जीतेंद्र का इमीटेशन ज्वेलरी का फैमिली बिज़नेस था. उनके फादर ने जीतेंद्र को छोटी उम्र से ही इस बिज़नेस में शामिल कर लिया था. जीतेंद्र फ़िल्म सेट्स पर ज्वेलरी लेकर जाते थे. उस समय वी शांताराम (V Shantaram) 'नवरंग' बना रहे थे, तो संध्या के लिए ज्वेलरी ले जाने का काम भी जितेंद्र को सौंपा गया. उस समय जीतेंद्र बहुत दुबले पतले हुआ करते थे तो वी शांताराम ने संध्या के बॉडी डबल का काम जीतेंद्र को दे दिया. वो भी खुशी खुशी साड़ी पहनकर संध्या के बॉडी डबल का काम करने लगे. आधा है चन्द्रमा... गाने के लॉन्ग शॉट्स में उन्होंने संध्या के डांस स्टेप्स भी किए."

हनीफ ज़वेरी ने बताया, "जितेंद्र उन दिनों अपने मोहल्ले में होनेवाले जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी के कार्यक्रमों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे, क्योंकि उन्हें डांस वगैरह का शौक तो था ही. संध्या के बॉडी डबल का रोल करने का जीतेंद्र को एक फायदा ये हुआ कि वी शांताराम ने उन्हें जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर अप्पोइंट कर लिया और उनकी 100 रुपये सैलरी फिक्स कर दी. जो उस समय काफी थी. इस तरह जीतेंद्र उनके यहां जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू कर दिया. जीतेन्द्र हमेशा कहते हैं कि उन्होंने वी शांताराम से ही डिसिप्लिन सीखी."

हनीफ जी ने बताया कि वी शांताराम के यहां जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम करना जितेंद्र के लिए फायदेमंद साबित हुआ, "थोड़े समय बाद वी शांताराम ने अपनी बेटी राजश्री को लॉन्च करने का प्लान बनाया. और राजश्री के हीरो के लिए उन्होंने जितेंद्र को चुना और इस तरह 'गीत गाया पत्थरों ने' (Geet Gaya Pattharon Ne) से बतौर हीरो जितेंद्र के फिल्मी करियर की शुरुआत हो गई."
इसके बाद जो हुआ वो अपने आप में हिस्ट्री है. जितेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं. अपने 40 साल के लंबे करियर में करीबन 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिनमें से उनकी 56 फिल्में हिट रही हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है.
