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बॉलीवुड के आइकॉनिक सॉन्ग ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’ की रिकॉर्डिंग को किया सुदेश भोसले ने याद, बोले- 17 घंटे बाद हुआ पैकअप और 25 कप चाय पी (Sudesh Bhosle Recalls Bollywood Iconic Song Jumma Chumma De De Recording, Says- Packed Up After 17 Hours, Drank 25 Cups Of Tea)

बॉलीवुड के नामचीन प्लेबैक सिंगर सुदेश भोंसले (Popular Playback Singer Sudesh Bhosle) ने सुपर स्टार अमिताभ बच्चन (Super Star Amitabh Bachchan) के कई सुपर हिट गानों को अपनी शानदार आवाज से संजोया है. मेरी सहेली पॉडकास्ट में बतौर गेस्ट बनकर आए सुदेश भोसले ने आइकॉनिक चार्टबस्टर सॉन्ग 'जुम्मा चुम्मा दे दे..' की रिकॉर्डिंग के दिन के मज़ेदार किस्से को याद किया.

म्यूजिक इंडस्ट्री में सुदेश भोसले की जर्नी और बॉलीवुड के आइकोनिक सॉन्ग 'जुम्मा चुम्मा दे दे' के बनने के पीछे की कहानी जानने के लिए मेरी सहेली पॉडकास्ट के नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

मेरी सहेली को दिए अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में इंडस्ट्री के दिग्गज प्लेबैक सिंगर सुदेश भोसले ने अपने संघर्ष के दिनों की बातें बताते हुए बॉलीवुड के आइकॉनिक सॉन्ग 'जुम्मा चुम्मा दे दे...' की रिकॉर्डिंग को याद किया. सुदेश जी ने बताया- म्यूजिक कंपोज़र लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने मुझे ऑर्केस्ट्रा में गाते हुए सुना था. उन्होंने ही मुझे शशि कपूर से मिलवाया था. उन्होंने मुझे अपनी फिल्म 'अजूबा' में अमिताभ बच्चन की आवाज में गाने के लिए तीन गाने ऑफर किए. उस घटना के बाद ही मुझे अमिताभ बच्चन के लिए 'जुम्मा चुम्मा दे दे' गाने का मौका मिला था.

सुदेश जी ने कहा- लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने मुझ से इस गाने की बहुत प्रैक्टिस कराई थी. हम सबने ने अमिताभ बच्चन के सामने गाने से पहले 12 दिनों तक इस गाने की प्रैक्टिस की. जब अमिताभ को इस गाने को सुनने के लिए बुलाया गया तो मैंने उनके सामने इस गाने को बिना माइक्रोफोन के गाया. अमिताभ मेरे गाने से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे तभी रिकॉर्ड करने के लिए बोल दिया.

इस गाने को हमने उनके सामने रिकॉर्ड किया. इस गाने का पैकअप करने में हमें 17 घंटे लग गए. घर जाने तक रात के 2 बज चुके थे. उस दिन रिकॉर्डिंग के दौरान मैंने 17 घंटों में 25 कप चाय पी थी. मैं कुछ भी खाने से डर रहा था कि कहीं मेरी आवाज में खराश या खांसी न आ जाए. सच कहूं तो उस दिन मुझे भूख भी नहीं लगी.

भोसले जी ने बताया कि जब भी अमिताभ बच्चन स्टूडिया में मेरी रिकॉर्डिंग सुनने आते थे तो मैं नर्वस जो जाता था. उनके सामने मैं गाने की फाइनल रिकॉर्डिंग नहीं करना चाहता था. मैं डर रहा था. लक्ष्मीकांत जी इस बात को समझ गए थे. और थोड़ा थोड़ा गाना गवाकर गाने को पूरा किया.

बता दें कि जुम्मा चुम्मा दे दे..साल 1991 में आई फिल्म 'हम' का ब्लॉकबस्टर गाना है. तीन दशक बाद भी ये गाना लोगों की ज़बान पर चढ़ा हुआ है. आज भी हर पार्टी और डीजे में ये एवरग्रीन सॉन्ग बजता है. स्तन ही सुदेश भोसले को इस आइकॉनिक सॉन्ग के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड भी मिला.

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