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गार्डेन को हरा-भरा रखने के घरेलू उपाय (Smart Tips To Keep Your Garden Green)

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में गार्डनिंग यानी बागवानी केवल एक शौक नहीं रह गई है, बल्कि मानसिक शांति और प्रकृति से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गई है. बहुत से लोग अपने घर के आंगन या बालकनी में छोटा बगीचा बनाना चाहते हैं, लेकिन बाज़ार में मिलने वाले महंगे रासायनिक खाद और कीटनाशकों का ख़र्च देखकर इस शौक से दूर हो जाते हैं.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे पूर्वज बिना किसी ख़र्च के केवल घर की बेकार चीज़ों का उपयोग करके ही अपने बगीचे को नंदनवन जैसा हरा-भरा रखते थे? आज हम कुछ असरदार रेट्रो गार्डनिंग हैक्स के बारे में जानेंगे, जो आपके पौधों को प्राकृतिक पोषण देंगे और आपके पैसे भी बचाएंगे.

अंडे की ट्रे और छिलका: परफेक्ट ऑर्गेनिक नर्सरी

नए पौधे उगाने के लिए हम महंगी प्लास्टिक सीड ट्रे ख़रीदते हैं, जो पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है. इसकी जगह घर में आने वाली अंडे की खाली ट्रे का उपयोग करें. अंडे के छिलके को ऊपर से हल्का तोड़ें और उसमें मिट्टी भरकर बीज बो दें. इस छिलके को ट्रे में सुरक्षित रखा जा सकता है। जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो उसे छिलके समेत गमले में लगा दें. अंडे का छिलका मिट्टी में मिलकर पौधों को भरपूर कैल्शियम देगा, जिससे जड़ें मज़बूत होंगी.

इस्तेमाल की हुई कॉफी: पौधों के लिए एनर्जी बूस्टर

अगर आप कॉफी पीने के शौकीन हैं, तो अब उसका बचा हुआ कचरा (कॉफी ग्राउंड्स) फेंकने की ग़लती न करें. कॉफी में नाइट्रोजन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व भरपूर होते हैं. इस्तेमाल की हुई कॉफी को सुखा लें और गमले की मिट्टी में केवल 20 प्रतिशत तक मिलाएं. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और ख़ासकर गुलाब जैसे पौधों में फूल जल्दी आते हैं.

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नारियल के छिलके: गर्मियों में पौधों का कूलर

गर्मी के दिनों में पौधों में नमी बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. नारियल पानी पीने के बाद हम उसके छिलके फेंक देते हैं, लेकिन यह गार्डनिंग में बहुत उपयोगी है। गमले की मिट्टी के ऊपर नारियल के छिलके की एक परत बिछा दें। यह धूप की सीधी गर्मी से मिट्टी को बचाएगा और नमी उड़ने नहीं देगा. आप इसे बारीक़ काटकर पीसकर घर पर शुद्ध कोकोपीट भी बना सकते हैं, जो मिट्टी को मुलायम रखता है.

किचन वेस्ट: कचरा नहीं, पौधों का अमृत

रसोई में सब्ज़ियों और फलों के छिलकों को कूड़ेदान में डालने की बजाय उनका उपयोग लिक्विड फर्टिलाइजर बनाने में करें. एक बाल्टी या जार में फलों-सब्ज़ियों के छिलके भरें और उसमें पानी डाल दें. 3-4 दिन तक ढंककर रखें. इसके बाद इस पानी को छान लें और उसमें थोड़ा साफ़ पानी मिलाकर पौधों में डालें. यह पोषक तत्वों से भरपूर पानी पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद करेगा.

पुराने अख़बार: खरपतवार रोकने का आसान तरीक़ा

गमलों या क्यारियों में बेकार घास उग आती है, जो मुख्य पौधे का पोषण खींच लेती है. पुराने अख़बार यहां बहुत काम आते हैं. गमले की मिट्टी पर अख़बार की 4 से 6 परतें बिछा दें और ऊपर थोड़ा पानी छिड़क दें, ताकि वह चिपक जाए. फिर उसके ऊपर सूखे पत्ते या मिट्टी डाल दें. इससे सूरज की रोशनी नीचे तक नहीं पहुंचेगी और खरपतवार उगेगी ही नहीं. समय के साथ यह काग़ज़ मिट्टी में मिलकर खाद बन जाएगा.

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बागवानी प्रकृति की सेवा है

अगर हम घर की बेकार चीज़ों का उपयोग करके गार्डनिंग करें तो यह आर्थिक रूप से सस्ती तो है ही, साथ ही पर्यावरण के लिए ज़ीरो वेस्ट तरीक़ा भी है. आज ही इन रेट्रो हैक्स को अपनाएं और अपने बगीचे को प्राकृतिक रूप से हरा-भरा बनाएं.

- वीरेंद्र बहादुर सिंह 

घरेलू उपाय

Photi Courtesy: Pixabay

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