सुनने में बड़ा सामान्य सा शब्द या शारीरिक समस्या लगती है डीहाइड्रेशन, लेकिन ये इतना ख़तरनाक हो सकता है कि आपकी जान तक ले सकता है. डीहाइड्रेशन से कई तरह की गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं. आज हम इसी विषय को विस्तार से समझेंगे और इस पर चर्चा करेंगे.

क्या होता है डीहाइड्रेशन?
डीहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण का सरल भाषा में मतलब होता है शरीर में पानी की कमी. जब शरीर में ज़रूरत से ज़्यादा पानी की कमी हो जाती है, तो इस स्थिति को डीहाइड्रेशन कहते हैं. इतना ही नहीं पानी की कमी के करण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की भी कमी हो जाती है. डीहाइड्रेशन से ज़्यादा ख़तरा बच्चों और बुज़ुर्गों को होता है, इसलिए उनके हाइड्रेशन पर ख़ास ध्यान दें.
डीहाइड्रेशन के लक्षण
- मुंह सूखना.
- बहुत ज़्यादा प्यास लगना.
- बहुत कम यूरिन आना.
- यूरिन डार्क कलर का आना.
- थकान और चक्कर आना.
- कमज़ोरी महसूस होना.
- स्किन ड्राई होना.
- मांसपेशियों में ऐंठन या जोड़ों में दर्द.
- भ्रम होना.
- सिर में दर्द, मतली और भूख न लगना.
- पैरों में सूजन.
- गंभीर डीहाइड्रेशन की स्थिति में हीट स्ट्रोक, बेहोशी, किडनी फेलियर, ब्रेन डैमेज, ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है.
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डीहाइड्रेशन के कारण
- सबसे बड़ा कारण तो पानी कम पीना.
- गर्मी के दिन बहुत पसीना आना.
- दस्त, बुख़ार या उल्टियां होना.
- कुछ दवाइयों के कारण भी ऐसा हो सकता है.
- किन्हीं वजहों से बहुत ज़्यादा यूरिन पास होने से भी डीहाइड्रेशन हो सकता है.
क्या खाएं-पीएं और कैसे करें बचाव?
- सबसे प्रभावी उपाय है ओआरएस, ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है.
- हाइड्रेशन के लिए पानी उचित मात्रा में पीएं.
- नारियल पानी भी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है. ये पेट को ठंडा रखता है और डीहाइड्रेशन से बचाता है.
- नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ आदि का सेवन करें.
- बेल का शर्बत और ग्रीन टी भी बेहतरीन ड्रिंक है समर के लिए.
- थोड़े से पीने के पानी में कटी हुई स्ट्रॉबेरी, खीरा या नींबू मिलाएं, ताकि उसमें स्वाद और रंग आए. इन चीजों में हाइड्रेट करने के गुण होते हैं. ये पानी आप अपने बच्चों के वॉटर बॉटल में भी दे सकते हैं.
- छाछ हर मौसम में अमृत समान है, क्योंकि ये इम्युनिटी बढ़ाती है, लेकिन गर्मियों में ये शरीर की ठंडक पहुंचाती है और डीहाइड्रेशन से बचाती है. इसमें विटामिन ए, बी, सी और ई होता है.
- गन्ने का जूस भी शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखता है.
- विटामिन ए, सी और ई से भरपूर आम पना भी बहुत अच्छा होता है. ये लू से बचाता है. कच्चे आम को उबालकर उसमें काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर और पुदीना मिलाकर पना तैयार करें.
- मौसमी फल अपने डायट में शामिल करें.
- तरबूज़ में अधिकांश पानी ही होता है और ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता, इसलिए यह बेस्ट ़फ्रूट है. यह शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखता है. इसमें विटामिन ए और सी होता है.
- संतरा भी बेहद फ़ायदेमंद फल है. ये विटामिन सी और पोटैशियम से भरपूर होता है जो डीहाइड्रेशन से बचाता है.

- खरबूज़ा भी में भी कई पोषक तत्व होते हैं. ये विटामिन ए और सी से भरपूर होता है.
- खीरा भी बहुत फ़ायदेमंद है. खीरा पानी से भरपूर होता है, ये शरीर को ठंडा रखता है.
- अंगूर को भी अपने डायट में शामिल करें.
- गर्म मौसम में डीहाइड्रेशन का ख़तरा ज़्यादा रहता है, इसलिए अपना खाना-पीना हल्का और सुपाच्य रखें.
- स्प्राउट्स और ग्रीन वेजीटेबल्स डायट में ज़रूर ़शामिल करें. ये डीहाइड्रेशन से बचाती हैं और कई पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं.
- फ़ॉस्फ़ोरस, कैल्शियम, मैग्निशियम से भरपूर दही नेचुरल प्रोबायोटिक है. यह आपकी गट हेल्थ के लिए ज़रूरी है. दही में विटामिन ए, सी, बी और बी6 होता है. इसमें आयरन भी काफ़ी मात्रा में होता है.
- लौकी का जूस या लौकी की सब्ज़ी भी बहुत फ़ायदेमंद होती है.
- पुदीना पेट को ठंडा रखता है. इसकी चटनी बना सकते हैं. इसे दही या छाछ में भी मिलाया जा सकता है.
- कच्चे प्याज़ का सेवन भी लू से बचाता है.
- पाइनएप्पल यानी अनानास विटामिन सी से भरपूर होता है और ये इम्युनिटी भी बढ़ाता है. इसे ज़रूर खाएं.
इन चीज़ों से बचें
- जंक, फ्रइड ऑयली, हैवी फूड न लें.
- शुगरी ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक्स आदि आपको डीहाइड्रेट करेंगी, इनसे बचें.
- मीट, अल्कोहल, बहुत ज़्यादा चाय-कॉफी का सेवन करने से बचें.
- तेज़ धूप में बिना प्रोटेक्शन और बिना पानी की बोतल के न निकलें. अगर धूप में बाहर जाना ज़रूरी हो, तो घर से आम पना या कोई ठंडा शर्बत पीकर निकलें.
- बासी भोजन न करें, ताज़ा पका हल्का खाना खाएं.
- गीता शर्मा

