फिल्म 'पेड्डी' (Film Peddi) में एक तरफ़ जहां राम चरण की एक्टिंग की खूब तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ फिल्म के डायरेक्टर बुची बाबू सना पर फीमेल लीड को सेक्शुअलाइज और ऑब्जेक्टिफाई (Sexualize and Objectify) करने की कंट्रोवर्सी थमने का नाम नहीं ले रही है. और अब इस कंट्रोवर्सी पर सीनियर एक्ट्रेस जया बच्चन और करीना कपूर (Jaya Bachchan And Kareena Kapoor) ने इस कंट्रोवर्सी पर अपना रिएक्शन दिया है.

डेक्कन क्रॉनिकल को दिए लेटेस्ट इंटरव्यू में सांसद और सीनियर एक्ट्रेस जया बच्चन ने बॉलीवुड में अपने अनुभवों पर खुलकर बात की. बातचीत के दौरान जया बच्चन ने बताया- एक बार एक फिल्म डायरेक्टर ने उन्हें असहज फील कराने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके साथ काम करने से इंकार कर दिया. साथ ही जया बच्चन ने ये भी बताया- किसी ने भी मेरे साथ हद पार करने की हिम्मत नहीं की. मुझे डायरेक्टर द्वारा ऑब्जेक्ट की तरह समझे जाने का सिर्फ एक अनुभव हैं. मैंने उसके साथ फिर दोबारा कभी काम नहीं किया.

बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर ने भी पेड्डी फिल्म को लेकर हुए विवाद पर अपनी राय देते हुए कहा- फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' के गाने 'सूरज हुआ मध्यम' में काजोल को देखिए, फिल्म 'चांदनी' के गाने 'तेरे मेरे होंठों पे' में श्रीदेवी को देखिए. उन लोगों ने बिना किसी बोल्ड सीन के ही स्क्रीन पर आग लगा दी थी.

मेरी सास शर्मिला टैगोर फिल्म 'आराधना' में 'रूप तेरे मस्ताना' में सिर से पैर तक कपड़ों से ढकी हुई थीं. वो बोल्डनेस की मिसाल थीं. मुझे लगता है कि स्क्रीन पर बोल्ड दिखने का मतलब रिवीलिंग कपड़े पहनना या किसी ऑब्जेक्ट की तरह दिखना नहीं है.

बता दें कि फिल्म रिलीज होने के बाद बुची बाबू सना के निर्देशन को जान्हवी कपूर के किरदार को वस्तु की तरह पेश करने और अत्यधिक सेक्सुलाइजेशन दिखाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. सोशल मीडिया यूजर्स ने फिल्म के उन सीन्स की कड़ी निंदा की है जिनमें अभिनेत्री शरीर को बुरी तरह से क्लोजअप करते हुए दिखाया गया है.
