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स्मिता बंसल- हर मां-बेटी की बॉन्डिंग ऐसी ही होती है… (Smita Bansal- Har Maa-Beti Ki Bonding Aisi Hi Hoti Hai…)

स्मिता बंसल की ‘बालिका वधू’ धारावाहिक की सुमित्रा से कुछ ऐसी पहचान बनी, जो आज तक बरक़रार है. उन्हें लोगों का भरपूर प्यार मिला. उन्होंने अपनी दिलकश मुस्कान से लेकर करियर, घर गृहस्थी से जुड़ी दिलचस्प बातों का खुलासा किया मेरी सहेली के इस पॉडकास्ट में, पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए‌ लिंक पर क्लिक करें-

स्मिता बंसल की कहानी उनकी ज़ुबानी जानते हैं-

* जॉइंट फैमिली में रहने के कारण करियर और घर दोनों ही मैनेज कर पाई. मेरी सासूमां का बहुत सपोर्ट रहा. वो घर में सब कुछ इतनी अच्छी तरह मैनेज कर लेती हैं कि मुझे कोई परेशानी नहीं हुई. वर्किंग वुमन के लिए परिवार का सपोर्ट होना बहुत ज़रूरी होता है, वरना काम के साथ-साथ बच्चों की परवरिश आसान नहीं है.

Smita Bansal

* चाहे वर्किंग वुमन हो या होममेकर, बच्चों की परवरिश पर दोनों को बहुत ध्यान देना पड़ता है. आजकल एक्सपोज़र इतना ज़्यादा हो गया है कि बच्चों को अच्छी-बुरी दोनों जानकारियां मिल रही हैं. वर्किंग वुमन को बाहर की दुनिया की जानकारी रहती है इसलिए वो अपने बच्चों को अच्छी तरह गाइड कर पाती है. उन‌ दिनों मैं अपने बच्चों को बहुत टाइम नहीं दे पाती थी, लेकिन शाम को जब मैं काम से घर लौटती, तो उसके बाद सारा समय अपनी बेटियों के साथ बिताती. उस समय हमारे बीच कोई नहीं होता, फोन, टीवी, गेम्स कुछ भी नहीं. उस समय मैं उनकी दिनभर की बातें सुनती, उनसे उनकी पढ़ाई, फ्रेंड्स और अन्य एक्टिविटीज़ के बारे में जानती और उन्हें भी ये सब अच्छा लगता था.

* मेरी दोनों बेटियों के बीच नौ साल का फ़र्क़ है इसलिए उनके बीच सिबलिंग राइवलरी जैसी कोई समस्या नहीं रही, उल्टे मेरी बड़ी बेटी अपनी छोटी बहन का बहुत ध्यान रखती थी. दोनों के व्यवहार में भी बहुत फ़र्क़ है. मेरी बड़ी बेटी जितनी शांत है, छोटी उतनी ही शरारती है, उसे हर वक़्त अटेंशन चाहिए होता है और इसके लिए वो अलग-अलग तरह की शरारतें करती रहती है.

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* मेरी बड़ी बेटी स्टाशा मेरी बेस्ट फ्रेंड है. मैं जब भी स्टाशा के साथ होती हूं तो मुझे किसी फ्रेंड की ज़रूरत महसूस नहीं होती. हम दोनों साथ मिलकर शॉपिंग, फिल्म, रेस्टॉरेंट वगैरह जाते और मुझे उसका साथ बहुत अच्छा लगता है. वो एक फ्रेंड की तरह मेरे मन की बात पढ़ लेती है. जब कभी मेरा मूड ठीक नहीं रहता, तो वो अपनी छोटी बहन को कमरे से बाहर लेकर चली जाती है. वो समझती है कि मम्मा थकी हुई हैं और उन्हें इस समय आराम करना चाहिए. उसे भी जब मुझसे कुछ कहना होता है, तो मैं उसकी बॉडी लैंग्वैज से समझ जाती हूं कि वो मुझसे कुछ कहना चाहती है. स्टाशा मुझसे अपनी हर बात शेयर करती है.

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* वैसे मैं भी अपनी मां के बहुत क्लोज़ रही हूं और मैंने उनसे कभी कोई बात नहीं छुपाई. मां भी मुझसे हर बात शेयर करती हैं. टीनएज में प्युबर्टी पीरियड शुरू होने से पहले ही मां ने मुझे समझा दिया था कि अब तुम्हारे शरीर में ये बदलाव आएंगे और मुझे भी मां के मुंह से ऐसी बातें सुनने में कोई हिचक महसूस नहीं हुई. जब मैं अपने करियर के सिलसिले में मुंबई आई थी, तब दूर रहते हुए भी मैं अपनी हर बात मां से शेयर करती थी. पति अंकुश से मेरे अ़फेयर की बात भी मैंने सबसे पहले अपनी मां को ही बताई थी. जिस तरह मैं अपनी मां से हर बात शेयर करती हूं, स्टाशा भी उसी तरह मुझे अपनी हर बात बताती है. शायद हर मां-बेटी की बॉन्डिंग ऐसी ही होती है.

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* मां बनकर मुझे जो ख़ुशी मिली, वो किसी और चीज़ से कभी नहीं मिल सकती. मां बनने का एहसास औरत को कंप्लीट बनाता है. उसे लगता है कि उसकी ज़िंदगी के कुछ मायने हैं. मां बनने के बाद औरत डिप्रेस्ड नहीं रहती, हर चीज़ को पॉज़िटिव तरी़के से देखने लगती है. एक औरत अपने बच्चे के लिए जो करती है, वो शायद किसी और के लिए न कर पाए. उसके सारे सपने, सारी ख़ुशियां उसके बच्चों तक ही सिमट जाती हैं. उसे हर वो काम करना अच्छा लगता है, जो उसके बच्चे को ख़ुशी दे, जिसमें उसके बच्चे की भलाई छिपी हो.

* मेरी सिज़ेरियन डिलीवरी हुई थी (जयपुर में यानी स्मिता के मायके में) और जब मुझे होश आया तो मैंने डॉक्टर से पूछा कि मुझे बेटा हुआ है या बेटी, जब डॉक्टर ने बेटी कहा, तो मैंने तुरंत पूछा, “गोरी है ना?” मेरे सवाल पर डॉक्टर और मेरी मां मुझे हैरानी से देखने लगे. इतना पूछकर मैं फिर बेहोश हो गई थी, लेकिन मेरे घर वाले आज तक मुझे इस बात के लिए चिढ़ाते हैं. कहते हैं, लोग पूछते हैं कि बच्चा हेल्दी है या नहीं, लेकिन तुम पूछ रही हो, बच्ची गोरी है या नहीं.

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* मां बनने के बाद मैं रोल सिलेक्ट करते समय अपने बच्चों के बारे में सोचती हूं. मैं इस बात का ध्यान रखती हूं कि मैं ऐसा कोई रोल न करूं, जिससे मेरे बच्चों को ये लगे कि अरे, मम्मा ये क्या कर रही हैं. अब मैं बहुत सोच-समझकर अपने रोल सलेक्ट करती हूं.

 

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Photo Courtesy: Social Media

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