
कहानीः धवन राजा और प्रेम नामक जुड़वा भाइयों का किरदार निभा रहे हैं. जिन्हें एक स्मगलर चार्ल्स (जाकिर हुसैन) जन्म के वक्त ही अलग कर देता है. चार्ल्स राजा को किडनैप कर लेता है. राजा का बचपन और जवानी मुंबई में मछुआरों की एक कॉलनी में बीतता है. जबकि प्रेम लंदन में अपने माता-पिता के पास बड़ा होता है जहां उसके पास सारी सुख सुविधाएं मौजूद हैं.जब दोनों जुड़वा भाई मिलते हैं तो कॉमडी की स्थिति पैदा होती है. कहानी में कुछ भी नया नहीं है.फिल्म में वही कुछ हो रहा है जिससे आप लगभग परिचित हैं. हीरो कई मसाला फिल्मों के डायलॉग रिपीट करते हैं. नारियल सिर पर गिरने की वजह से विलेन की याददाश्त चली जाती है और फिर एक फुटबॉल किक से वापस आती है. यहां पर कुछ भी ऐसा नहीं है जिसमें लॉजिक हो या दिमाग लगाना चाहिए, ये चीज तो फिल्म में ढूंढना ही छोड़ दीजिए.

एेक्टिंगः एक फिल्म में दो-दो वरुण धवन देखना उनके फैन्स के लिए डबल ट्रीट है. वरुण धवन ने राजा और प्रेम का किरदार ठीक से निभाया है, और जितनी एेक्टिंग वे कर सकते हैं उन्होंने की है. लेकिन उनकी एेक्टिंग अधिकतर जगहों पर ओवरएेक्टिंग हो जाती है. बात हीरोइनों की करें तो जैक्लिन फर्नांडिस और तापसी पन्नू के पास इस फिल्म में करने के लिए कुछ खास नहीं है. वे पर्दे पर आती हैं हीरो के साथ गाना गाती हैं, डांस करती हैं, किस करती हैं और फिर गायब हो जाती हैं. लगता है कि उन्हें ‘चलती है क्या’ और ‘ऊंची हैं बिल्डिंग’ जैसे गानों के लिए ही रखा गया है.
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