- मुझे मेरी हर फिल्म की रिलीज़ से पहले एक तरह का प्रेशर व घबराहट सी रहती है कि मैं दर्शकों के उम्मीदों पर खरा उतर पाऊंगा या नहीं.
- आज की यंग जनरेशन प्यार को सीरियसली नहीं लेती. उस पर वे ‘लव’ शब्द को इतना अधिक यूज़ करते हैं कि उसकी वैल्यू ही नहीं रह जाती, जबकि हमारे ज़माने में प्यार-मोहब्बत की बात ही कुछ और थी.
- मेरा यह मानना है कि कोई भी फिल्म की सीक्वल तब सफल होती है जब उसके पहले की फिल्म को सभी ने ख़ूब पसंद किया हो, ख़ासकर क़िरदारों को. हमारी गोलमाल सीरीज़ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. लोगों को न केवल इसके सभी कैरेक्टर पसंद आए थे, बल्कि उन्होंने इसके साथ जुड़ाव भी महसूस किया था. यह भी कुछ कम दिलचस्प नहीं कि मेरी आनेवाली कई फिल्में सीक्वल हैं, जिनमें धमाल 4, दृश्यम 3, गोलमाल 5, शैतान 2 व भोला 2 हैं. एक तरह से मैं सीक्वल का बादशाह होता जा रहा हूं.

- मैं पॉलिटिक्स में कभी भी नहीं आना चाहूंगा. मेरे ख़्याल से नेताओं का काम है देश चलाना और मेरा काम है दर्शकों का मनोरंजन करना, जो मैं कर रहा हूं.
- मैं वर्कहोलिक हूं. काम से दूर नहीं रह सकता. मैं हमेशा काम करते रहने और ख़ुद को व्यस्त रखने का आनंद लेता हूं. पता नहीं कैसे लोग अपने काम से लंबा ब्रेक ले लेते हैं, मुझसे तो ऐसा नहीं हो पाएगा.
- नए एक्टर्स को लेकर यही कहूंगा कि उन्हें अपने काम में पूरा डेडीकेशन दिखाना होगा. ख़ूब मेहनत-लगन से काम करना होगा. यही उन्हें कामयाब बनाएगा. हां, फेलियर से बिल्कुल न घबराएं, बल्कि यही उन्हें और आगे बढ़ने का हौसला देते हैं.
- फैंस के बिना हम कलाकार कुछ भी नहीं हैं. उनका प्यार और सपोर्ट ही हमें बनाता है. इसलिए अपने फैंस की सलाह व उनकी पसंद को रिस्पेक्ट देना चाहिए.
- हर पिता को अपने बच्चों के साथ कम्यूनिकेशन रखना चाहिए, ताकि वे उनकी भावनाओं व ख़्वाहिशों को गहराई से समझ सकें. इसमें सब्र की बहुत ज़रूरत होती है और इसी से उनकी सही परवरिश भी हो सकेगी.

- मैं जैसा घर पर हूं वैसा ही बाहरी दुनिया में भी हूं. मेरे विचारों का कोई सीक्रेट एजेंडा भी नहीं होता. पार्टी, फंक्शन में जाना अधिक पसंद नहीं. मुझे सामान्य तौर पर जीना अच्छा लगता है.
- मेरा मानना है कि कलाकार को सीमा में नहीं बांधना चाहिए. एक एक्टर को एक्टिंग के अलावा प्रोडक्शन और फिल्म से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी अपनी पसंद के अनुसार काम करते रहना चाहिए, फिर चाहे वो अभिनय हो या निर्देशन.
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- मुझे अपनी फिल्मों का स्टंट ख़ुद करना ख़ुशी देता है और इसमें मुझे कोई डर भी नहीं महसूस होता, फिर चाहे वो बेहद रिस्की स्टंट ही क्यों न हो.
- मैं गॉसिप व अफ़वाहों पर अधिक ध्यान नहीं देता. मुझे प्रोफेशनल के रूप में अपना काम करते रहना और उसी पर कॉन्सट्रेट रहना ठीक लगता है.

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