रिटायरमेंट से पहले ख़ुद से पूछें 6 सवाल

shutterstock_136752227

वो दिन गए जब कर्मचारी कंपनी द्वारा तय उम्र में रिटायरमेंट लेते थे. आज का बिज़ी शेड्यूल और वर्क प्रेशर लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना थका देता है कि लोग कंपनी द्वारा तय रिटायरमेंट की उम्र से पहले ही रिटायरमेंट ले लेते हैं. यदि आप भी उन्हीं में से एक हैं और 50 से पहले रिटायरमेंट लेना चाहते हैं, तो रिटायरमेंट से पहले ख़ुद से कुछ सवाल ज़रूर पूछें.

क्या आपने भविष्य के लिए पर्याप्त सेविंग की है?
आमतौर पर लोग प्रति माह अपनी सैलरी का तक़रीबन 10-15% हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं. यक़ीनन आप भी ऐसा करते होंगे. तो ज़रा ख़ुद से पूछिए, क्या इतनी सेविंग आपके भविष्य के लिए पर्याप्त है? आपका जवाब हां हो सकता है, मगर तब जब आप 60 वर्ष के बाद रिटायरमेंट लेने वाले हों. 50 की उम्र में या उससे पहले महज़ इतनी सेविंग के भरोसे रिटायरमेंट लेना सही ऩहीं. 60 के बाद भविष्य के बचे हुए 15 से 20 साल आप इतनी सेविंग के भरोसे गुज़ार सकते हैं, मगर 50 में या उससे पहले रिटायरमेंट लेने पर बचे हुए 25 से 30 साल गुज़ारने के लिए इतनी सेविंग पर्याप्त नहीं है.

स्मार्ट मूव
यदि आप 50 या उससे पहले निश्‍चिंत होकर रिटायरमेंट लेना चाहते हैं, तो करियर के शुरुआत से ही सैलरी का 20 से 25% हिस्सा प्रति माह सेविंग करें. तब जाकर आप सुकून की ज़िंदगी जी सकते हैं.

क्या आपने सही दिशा और सही जगह सेविंग की है?
कहते हैं, ग़लत दिशा में की गई मेहनत कभी रंग नहीं लाती, तो भला ग़लत दिशा और ग़लत जगह की गई सेविंग आपके भविष्य के लिए कैसे सही और पर्याप्त साबित हो सकती है? अतः रिटायरमेंट से पहले आपका ये जानना भी ज़रूरी है कि आपने अपने बुढ़ापे को सुरक्षित रखने के लिए जहां कहीं भी सेविंग के नाम पर पैसे जमा किए हैं, क्या वहां से आपको पर्याप्त रिटर्न मिलेगा? उदाहरण के लिए- चूंकि कोई प्राइवेट कंपनी आपको डबल मुनाफ़ा दे रही है, इसलिए आपने वहां ज़रूरत से ज़्यादा पैसे इन्वेस्ट कर दिए, मगर कुछ वर्षों बाद आपको पता चलता है कि वो कंपनी फ्रॉड है. जितने रिटर्न की बात उस कंपनी ने की थी, उतना पैसा आपको नहीं मिलने वाला है. ऐसे में आपका रिटायरमेंट लेकर घर पर बैठ जाना आपको मुसीबत में डाल सकता है.

स्मार्ट मूव
अपनी गाढ़ी कमाई का जो भी हिस्सा आप सेविंग के नाम पर इकट्ठा कर रहे हैं, उसे सही दिशा में लगाएं. ऐसे रिटायरमेंट प्लान का हिस्सा बनें, जहां बुढ़ापे के साथ ही पैसों की सिक्योरिटी की भी शत प्रतिशत गारंटी हो.

क्या आपने अनुशासनबद्ध होकर इन्वेस्टमेंट किया है?
सेविंग के नाम पर गोल्ड, शेयर्स, प्रॉपर्टी आदि में इन्वेस्ट करना ही काफ़ी नहीं, बल्कि ये भी जानना ज़रूरी है कि आपने अनुशासनबुद्ध तरी़के से प्रति माह इन्वेस्टमेंट किया है या नहीं. इन्वेस्टमेंट को अनुशासन की ज़रूरत होती है, जैसे- आपने कहीं इन्वेस्ट किया और शुरुआती तीन-चार किस्तें तो आपने समय पर भर दीं, लेकिन उसके बाद पैसे भरने में आलस किया या आनाकानी करने लगे, तो आपको अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा. इंश्योरेंस जैसी कंपनियों में इन्वेस्टमेंट करने का अधिक फ़ायदा तब होता है, जब आप एक अच्छे इन्वेस्टर की तरह समय पर सारी किस्तें भरते रहें. समय पर किस्त भरने पर कंपनी थोड़ा अधिक ब्याज़ देती है. अतः रिटायरमेंट के लिए जल्दबाज़ी न करें. एक बार चेक कर लें कि आपने इन्वेस्टमेंट अनुशासनबद्ध होकर किया है या नहीं.

स्मार्ट मूव
भविष्य को लेकर यदि आप कहीं इन्वेस्ट कर रहे हैं, तो उसे हल्के में न लें. इन्वेस्टमेंट के सही तरी़के का चुनाव करें और अनुशासनबद्ध रहें. तभी आपको अधिक मुनाफ़ा मिलेगा.

कहीं बाकी काम के लिए सेविंग की रकम ख़र्च तो नहीं हुई है?
सुरक्षित भविष्य के लिए यदि आपने अच्छी सेविंग की है, मगर उसका इस्तेमाल वर्तमान ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कर लिया है, जैसे- आपने रिटायरमेंट के नाम पर कुछ लाख रुपये बैंक में जमा किए थे, मगर कुछ वर्ष बाद आपने उन पैसों में से कुछ पैसे निकालकर गाड़ी ख़रीद ली या बेटे/बेटी की पढ़ाई में ख़र्च कर दिए, तो 50 की उम्र में या उससे पहले रिटायरमेंट की न सोचें. यदि आप ऐसा करते हैं, तो सेविंग की राशि रिटायरमेंट के बाद आपके लिए पर्याप्त नहीं होगी.

स्मार्ट मूव
भविष्य के लिए आप जो भी राशि जमा कर रहे हैं, उसे पूरी तरह भूल जाएं, तभी आप उसका इस्तेमाल भविष्य में कर पाएंगे. यदि आपके दिमाग़ में सेविंग की रकम होगी, तो आप बार-बार वही ख़र्च करने की सोचेंगे.

क्या आपने अपने ख़र्च और ज़रूरतों का सही आकलन किया है?
रिटायरमेंट से पहले ज़रा ये भी सोच लें कि क्या आपने भविष्य की ज़रूरतों और उन्हें पूरा करने में होने वाले ख़र्च का सही तरी़के से आकलन किया है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आपकी आमदनी अठन्नी और ख़र्चा रुपइया है. ऐसा होना स्वाभाविक है, क्योंकि महंगाई के साथ-साथ स्टेटस भी बदलता है, जैसे- नौकरी के शुरुआती दौर में आप बस से ट्रैवल करते हैं, मगर कुछ वर्षों बाद आपको टैक्सी की लत लग जाती है. ऐसे में यदि आपने सेविंग बस के हिसाब से की है, तो आप टैक्सी का किराया अपनी सेविंग की रकम से चुकता नहीं कर सकते. अगर आप ऐसा करते हैं, तो सेविंग की राशि आपके ख़र्च के लिए कम पड़ सकती है.

स्मार्ट मूव
बुढ़ापे को सुरक्षित रखने के लिए जब भी सेविंग की शुरुआत करें, तब हालिया दौर के ख़र्च से भविष्य का ख़र्च डबल मानकर चलें. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि बुढ़ापे में आपकी आधी से ज़्यादा कमाई सेहत पर ख़र्च होने वाली है.

क्या आप सारी ज़िम्मेदारियों से मुक्त हैं?
हालांकि सवालों की फेहरिस्त का ये सबसे आख़िरी सवाल है, मगर इसका जवाब सबसे पहले ढूंढ़ने की कोशिश करें. तभी आप रिटायरमेंट के बाद चैन की सांस ले पाएंगे. यदि आपके ऊपर ख़रीदी गई प्रॉपर्टी की किस्त भरने, बच्चों की पढ़ाई, शादी-ब्याह आदि की ज़िम्मेदारी है, तो भूल से भी 50 से पहले रिटायरमेंट लेने की ग़लती न करें, वरना आपके एक ग़लत फैसले से पूरे परिवार का भविष्य अधर में लटक सकता है.

स्मार्ट मूव
समय के अनुसार अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करते जाएं. साथ ही अलग-अलग ज़िम्मेदारी, जैसे- बच्चों की पढ़ाई, शादी आदि के लिए अलग से इन्वेस्टमेंट करें. इससे आप ज़िम्मेदारियों से जल्दी और आसानी से मुक्त हो जाएंगे.

[amazon_link asins=’B01MU9ZLPM,B075LPVD3L,B01G1K4EMC,B0158FJW4G’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’a84d194a-b8ac-11e7-8c53-611a97718294′]