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रात को नहीं आती है अच्छी नींद, तो बदलें लाइफस्टाइल संबंधी ये आदतें (Change Your Lifestyle Habits For Better Sleep)

दिनभर घर-परिवार, ऑफिस और बाहर की ज़िम्मेदारियां निभाने के बाद भी अगर आपको रात में नींद नहीं आती है, तो ज़रूरत है आपको अपने लाइफस्टाइल को बदलने की, क्योंकि लाइफस्टाइल संबंधी ग़लत आदतों के कारण भी रात को अच्छी और गहरी नींद नहीं आती है. चलिए जानते हैं लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई उन आदतों के बारे में.

अच्छी नींद सेहत के बहुत ज़रूरी है, लेकिन समय के साथ हमारा लाइफस्टाइल बहुत बदल गया है. काम का बढ़ता लोड, दिन-रात का बढ़ता तनाव, चिंता, अवसाद, सेहत से जुड़ी समस्याएं… और भी बहुत से कारण हैं, जिनकी वजह से नींद नहीं आती है. यदि आप भी नींद न आने की समस्या से परेशान हैं तो अपनी लाइफस्टाइल संबंधी ये आदतें तुरंत बदल दें.

1. सुबह के वक़्त कुछ देर धूप में बैठे

यदि आप रात में नींद न आने की समस्या से परेशान हैं, तो अपने दिन की शुरुआत कुछ समय सुबह की धूप में बैठकर करें. ऐसा करने से मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर में वृद्धि होती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है. अच्छी नींद के लिए ही नहीं, हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए भी सुबह की हल्की धूप बेहद ज़रूरी है.

2. कैफीन को नज़रअंदाज़ करें

कॉफी, चॉकलेट, ग्रेनोला बार, एनर्जी ड्रिंक, सोडा और चाय में कैफीन होता है. रात में सोने से पहले इन्हें खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये चीज़ें नींद भगाने का काम करती हैं और यदि एक बार इनका सेवन कर लिया, तो इनका असर कई घंटों तक शरीर में रहता है. रात को सोने से 8 घंटे पहले इन चीज़ों का सेवन न करने से अच्छी नींद आती है.

3. फैट रिच फूड खाने से बचें

सोने से पहले फैट से भरपूर चीजें खाने से मोटापा बढ़ने का ख़तरा बढ़ता है. रात को डिनर में फैट रिच फूड खाकर तुरंत सोने से सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स हो सकता है, जिससे नींद ख़राब होती है.

4. घी से पैरों की मालिश करें

अगर आपको रात में नींद नहीं आती है, तो सोने से आधा घंटा पहले गुनगुने घी से अपने पैरों की मालिश करें. ऐसा करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा और रात में अच्छी नींद आएगी.

5. शुगर का सेवन न करें

रात को शुगर का सेवन करने से नींद के पैटर्न पर इंसुलिन का बुरा असर पड़ता है. इसलिए सोने से पहले अत्यधिक शुगर वाली चीज़ें खाने से बचें. इन्हें खाने से ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता है. इसलिए रात के समय शुगर का सेवन करना सही नहीं है.

6. ग़लत समय पर काम करने की आदत बदलें

दिनभर एनर्जेटिक रहने के लिए कम-से-कम 8-10 घंटे की अच्छी नींद की ज़रूरत होती है. लेकिन अगर आप केवल 5-6 घंटे की नींद लेते हैं, तो ये सही नहीं है. जानकारी के लिए बता दें कि रात के समय जब आप काम करते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का निर्माण होता है. देर तक काम ख़त्म करने के बाद जब आप सोने की कोशिश करते हैं, तो शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज़ होता है और इस प्रोसेस (यानि देर तक काम करने और सोने की कोशिश के दौरान) के कारण नींद की गुणवत्ता कम हो जाती है और आप कम घंटों की नींद ले पाते हैं.

7. सोने का एक समय तय करें

देर से सोने और देर से उठने के कारण नींद के सायकल में रुकावट आती है, जिससे नींद प्रभावित होती है और चिड़चिड़ापन, थकान, सिरदर्द, एंज़ाइटी और डिप्रेशन के कारण नींद की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

8. डायबिटीज़ को नियंत्रण में रखें

डायबिटीज़ के मरीज़ों को नींद से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें बार-बार यूरिन जाने की इच्छा होती है और उनकी नींद में बाधा पड़ती है. इसलिए डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखें.

9. डायट में शामिल करें मैग्नीशियम से भरपूर फूड

मैग्नीशियम रिच फूड खाने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और नींद भी अच्छी आती है, इसलिए अपनी डायट में साबूत अनाज, पालक, डार्क चॉकलेट, दही, एवोकैडो आदि को ज़रूर शामिल करें.

10. अच्छी नींद लेने के लिए लैवेंडर ऑयल का यूज़ करें

लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें माथे पर लगाने से इन्सोम्निया की समस्या दूर होती है. रात को सोते वक्त इस ऑयल की कुछ बूंदों से अपने माथे और आखों के आसपास मालिश करें या फिर अपने तकिए के दोनों तरफ 1 बूंद ऑयल डालें. इससे अच्छी नींद आती है. अच्छी नींद के साथ-साथ लैवेंडर ऑयल माइंड को रिलैक्स करता है और बॉडी की थकान को दूर करने में भी मदद करता है.

11. मेडीटेशन और अच्छी नींद

जिन लोगों को नींद न आने की समस्या होती है, उनके लिए नियमित मेडिटेशन किसी प्रभावी दवा से कम नहीं है. अध्ययनों से पता चला है कि मेडिटेशन कोर्टिसोल हार्मोन के लेवल को कम करने में मदद करता है, जिससे तनाव और नेगेटिविटी कम होती है और अच्छी नींद आती है. रोज़ाना मेडिटेशन करने से प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन का स्तर भी बढ़ता है. यदि इनसोम्निया की समस्या है, तो रोज़ाना 15-20 मिनट मेडिटेशन ज़रूर करें.

रात को सोने से पहले इन चीज़ों का सेवन न करें

– ड्राई नट्स, फ्रेंच बीन्स, ब्रोकोली, फूलगोभी नींद में परेशानी का कारण बन सकता है, इसलिए रात को सोने से पहले ये चीज़ें न खाएं.

– सोने से पहले हाई कैलोरीवाला खाना न खाएं.

– हाई फाइबर मिश्रित फल और सब्ज़ियां खाने से भी अच्छी नींद नहीं आती है.

–  सोने से पहले खट्टी चीज़ें, कच्चा प्याज़ और टोमैटो सॉस खाने से बचें. ये चीज़ें नींद में खलल डालती हैं.

–  रात को डिनर में वॉटर रिच फूड, जैसे- तरबूज़, खरबूजा और खीरे न खाएं, क्योंकि इन्हें खाने के बाद बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है.

–  रात में सोने से पहले बहुत अधिक मीठा, जैसे- मिठाई, आइसक्रीम, डेज़र्ट, कैंडी और चॉकलेट न खाएं. अधिक मीठा खाने से शुगर लेवल बढ़ता है.

–  सोने से पहले शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है. इससे नींद में बाधा उत्पन्न हो सकती है.

प    रात के वक्त अधिक मसालेदार और तैलीय खाना खाने से बचें. इस तरह का खाना खाने से एसिडिटी हो सकती है और नींद में बाधा उत्पन्न होती है.

– पूनम शर्मा

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