सोच और शौच बदलो, नहीं तो नानी याद आ जाएगी! (Direct Dil Se! Akshay Kumar views on soch aur shauch)

एक बार फिर डायरेक्ट दिल से बोले अक्षय कुमार. इस बार एक अहम्मु द्दे को उठाया है अक्षय ने. इस बार अक्षय स्वच्छता की ओर सबका ध्यान खींचना चाहते हैं. खुले में शौच करने और उनकी वजह से फैलने वाली बीमारियों के बारे में अपने नए वीडियो में उन्होंने कई बातें बताई हैं. अक्षय ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “समय है अपनी सोच और शौच दोनों बदलने का. देखिये, सोचिये और अपने विचार बताइये ??

अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट- एक प्रेम कथा का प्रमोशन करते हुए अक्षय ने कहा, ”भले ही कुछ लोगों को लगे कि ये फिल्म का प्रमोशन है, तो आप सही सोच रहे हो, क्योंकि इस टॉपिक की जितनी पब्लिसिटी करो कम है.”

अक्षय ने आगे कहा, “सोच और शौच पर किसी का ज़ोर नहीं हैं. ये बात ज़रूरी है करना. हमारे सुपर पावर देश में उसमें आधी से ज़्यादा जनता, ख़ासकर महिलाएं इस वक़्त टॉयलेट नहीं जा सकती, जब उनकी बॉडी में प्रेशर बना होता है, क्योंकि उनके घर में टॉयलेट है ही नहीं. उन्हें रोज़ खुले में या खेत में जाना पड़ता है. लेकिन वो दिन की रोशनी में नहीं जा सकती हैं, उनको सुबह सूरज निकलने से पहले जाना पड़ता है. अगर वो सुबह नहीं जा पातीं, तो उन्हे पूरे दिन रोक कर रखना पड़ता है, क्योंकि फिर वो सूरज ढलने के बाद ही जा सकती हैं. पुरुषों की तरह नहीं है कि जब मन आया दीवार की तरफ़ मुंह करके शुरू हो गए. ये हमारे देश के लिए एक शर्मनाक बात है. अपने आप को स्ट्रॉन्ग मर्द कहने वालों एक बार ज़रा औरतों की तरह रोक के दिखाओ यार, बॉडी ऐसा जवाब देगी की नानी याद आ जाएगी, बीमारियां हो जाएंगी. ये बीमारियां ट्रांसफर भी हो सकती हैं आपके बच्चों में.” अक्षय ने ये भी कहा कि कई बच्चों की मौत होती हैं इन बीमारियों से. अक्षय ने कहा कि हमे गलत सोचने की बीमारी है, लोगों को लगता है कि खेत और जंगल हैं तो घर में टॉयलेट क्यों बनवाएं. 54 प्रतिशत लोगों के घर में टॉयवेट है ही नहीं. भारत इस शर्मनाक लिस्ट में नंबर एक पर है. जिन लोगों के घर में टॉयलेट नहीं है, उन लोगों से अक्षय ने गुज़ारिश की है कि वो अपने घरों में टॉयलेट बनवाएं.