दूर्वा जिसे दूब भी कहते हैं, जो विशेषकर पूजा-पाठ में इस्तेमाल किया जाता है. दूर्वा ख़ासतौर पर गणेशजी को भी चढ़ाया जाता है. लेकिन आयुर्वेद में इसके कई औषधीय प्रयोग बताए गए हैं.
* सिरदर्द में दूब घास व चूने को समान मात्रा में लेकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से आराम मिलता है.* उल्टी होने पर पांच मि.ली. दूर्वा का रस पीएं. इसके अलावा चावल के मांड में दूर्वा का रस मिलाकर पीने से भी राहत मिलती है.
* नकसीर की समस्या में दूर्वा का रस निकालकर माथे पर लेप करने से आराम मिलता है. इसके अलावा नाक में भी दो-तीन बूंद डालने से भी खून का बहना बंद हो जाता है. दूर्वा के रस में हरड़ मिलाकर एक-दो बूंद नाक में डालने से भी लाभ मिलता है.
* मलेरिया में दूब के रस में अतीस के चूर्ण को मिलाकर दिनभर में दो-तीन बार चटाने से लाभ मिलता है.
यह भी पढ़ें: पौष्टिकता से भरपूर नाशपाती (Benefits of Nashpati)
* रक्तप्रदर में दूर्वा के रस में मिश्री व स़फेद चंदन का चूर्ण मिलाकर लें.
* दूर्वा को पीसकर उसमें मिश्री मिलाकर सुबह-शाम लेने से पथरी की प्रॉब्लम दूर होती है.
* दूर्वा का पेस्ट बनाकर उसमें दही मिलाकर लेने से व इसके पत्तों का पेस्ट बनाकर पाइल्स पर लगाने से आराम मिलता है.
* यूरीन संबंधी प्रॉब्लम में दूर्वा का काढ़ा बनाकर 10-30 मि.ली. मात्रा में सेवन करें.
* यदि मुंह के छाले से परेशान हैं, तो दूर्वा के काढ़े से कुल्ला करें. इसके अलावा इसके रस को मुंह में रखने से भी आराम मिलता है.
* अनियमित माहवारी, पीरियड्स के दर्द, अधिक ब्लीडिंग जैसी समस्याओं में दूर्वा के रस में घी मिलाकर लेने से फ़ायदा होता है.
* फ्रेश दूर्वा के रस को पीने से डायरिया में फ़ायदा होता है. इसके अलावा सौंफ व सोंठ के साथ दूर्वा को उबालकर पीने से भी फ़ायदा होता है.
* खुजली, एक्जिमा, चकत्ते पर दूर्वा व हल्दी का पेस्ट बनाकर लगाएं.
यह भी पढ़ें: नीम के चमत्कारी फ़ायदे (Miraculous benefits of Neem)
* एसिडिटी की प्रॉब्लम में दूर्वा का फ्रेश जूस पीने से पेट की गर्मी दूर होने के साथ कब्ज़ की समस्या भी दूर होती है.
* आंखों में दर्द हो रहा हो, तो दूर्वा के पेस्ट को पलकों पर लगाएं.
* आंखों की रोशनी बेहतर करने में भी दूर्वा उपयोगी है. नंगे पाव इस पर चलने से नज़र तेज़ होने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों से भी बचाव होता है.
* हर्पीस में घी में दूर्वा को पकाकर लगाने से आराम मिलता है.
* मिर्गी की समस्या में 5-10 मि.ली. दूर्वा का रस पीने से लाभ मिलता है.
