नीम में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल व डिटॉक्सिफाइंग गुण पाए जाते हैं. नीम के पत्ते, फूल, छाल व तेल सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. यह पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा रोग, डायबिटीज़ में बेहद उपयोगी हैं. शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करते हैं. यह घाव भरने, चर्म रोगों के उपचार, लिवर से लेकर हृदय तक की समस्याओं को ठीक करने में उपयोगी है.
घरेलू नुस्ख़े
* सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा जैसी समस्याओं में नीम के पत्तों का काढ़ा लेना लाभदायक होता है.
* गैस, कब्ज़ व दस्त को दूर करने में मदद करता है. इसके पत्तों का रस पीने से पेट साफ़ रहता है और पाचन तंत्र भी मज़बूत बनता है.
* सुबह-सुबह खाली पेट नीम का काढ़ा पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और संक्रमण से बचाव भी होता है.
* पिंपल्स, एक्जिमा व त्वचा की एलर्जी दूर करने के लिए नीम के पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाकर लगाएं.
* नीम का जूस शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, जो वज़न घटाने में सहायक हो सकता है.
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* नीम के दातून से मंजन करने या इसके पत्तों के पानी से कुल्ला करने से मसूड़े मज़बूत होते हैं, मुंह की दुर्गंध दूर होती है व दांतों की सड़न भी रुकती है.
* आंखों की जलन व सूजन को दूर करने के लिए नीम के पत्तों का रस लगाना फ़ायदेमंद है.
* नीम शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही शरीर को वायरस से लड़ने की ताक़त प्रदान करता है.
* नीम के पाउडर में गुलाबजल या शहद मिलाकर पेस्ट बना लें. चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट बाद धो लें. इससे स्किन क्लीन होने के साथ ग्लो करती है.
* नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से बाल धोने से डैंड्रफ व स्कैल्प के इंफेक्शन दूर होते हैं.
* पेट के कीड़ों को ख़त्म करने के लिए नीम का रस पीएं.
* डैंड्रफ यानी रूसी को दूर करने के लिए नीम के तेल को हल्का गर्म करके बालों की जड़ों में लगाकर मसाज करें. आधे घंटे बाद माइल्ड शैंपू से धो लें.
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* नीम का काढ़ा या ताज़े पत्तों का सेवन बुखार की स्थिति में राहत देता है.
* नीम के पत्तों को चबाने से खून साफ़ होता है और इम्यूनिटी बढ़ती है.
सुपर टिप
यदि डायबिटीज़ के मरीज़ हर रोज़ सुबह खाली पेट 2-3 ताज़ी नीम की पत्तियां चबाएं, तो इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है. इसके अलावा नीम के फूल या पत्तियों का रस भी नियमित रूप से ले सकते हैं.
हेल्थ अलर्ट
- नीम का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन या गैस की समस्या हो सकती है.
- नीम का उपयोग बच्चों के लिए सुरक्षित है, परंतु केवल बाहरी रूप में.
- ऊषा गुप्ता

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