करियर में कामयाबी के लिए इफेक्टिव वास्तु ट्रिक्स(Effective Vastu Tips For Success In Carrier)

वास्तु शास्त्र के सिद्धांत न केवल घर की विभिन्न जगहों पर, बल्कि ऑफिस या दुकान की बनावट, साज-सज्जा और उठने-बैठने या कार्य करने की स्थिति पर भी लागू होते हैं. इसके इस्तेमाल से अगर व्यापार-व्यवसाय में मनोवांछित सफलता मिल सकती है, तो किसी भी तरह के लेन-देन संबंधी कार्य के लिए बैठने की दिशा या जगह  गतिशीलता को प्रभावित कर सकती है. 


क्या है वास्तु कनेक्शन?

 

* वास्तु शास्त्र के अनुसार पृथ्वी का चुंबकीय उत्तर क्षेत्र कुबेर का स्थान बताया गया है, जो धनागमन या धन की वृद्धि के लिए शुभ होता है.

* इस क्षेत्र में किया गया कोई भी कारोबार, चाहे वह व्यापारिक बैठकें हों, पैसे या आवश्यक दस्तावेज़ के लेन-देन का काम हो या फिर किसी तरह का बड़ा सौदा तय करना हो, तो उत्तर की ओर मुख रखने पर काफ़ी लाभ मिलता है और प्रोफेशन में आशानुरूप सफलता मिलती है.

* इसके पीछे वास्तु के दिए गए वैज्ञानिक कारण के अनुसार उत्तर की ओर सक्रिय चुंबकीय तरंगें मस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय बना देती हैं और इस दिशा में प्रवाहित होनेवाली शुद्ध वायु से पर्याप्त ऑक्सीजन मिलता है. इनसे मस्तिष्क की सक्रियता और याद्दाश्त बढ़ जाती है

.* यही बातें आंतरिक शक्ति की तरह व्यापारिक उन्नति और कार्यों को सफल बनाने में मदद करती हैं.

* कारोबारियों या ऑफिस में काम करने वालों को चाहिए कि वे अपना ज़्यादातर काम उत्तर की ओर मुख करके ही करें.

* अगर कैश बॉक्स और दूसरे महत्वपूर्ण काग़ज़ात या चेक बुक आदि अपने दाहिने ओर रखें, तो यह उनकी कार्य क्षमता को बढ़ा देता है.

ये भी पढें: धन प्राप्ति के लिए 25 Effective वास्तु टिप्स

वास्तु टिप्स

 

1. ऑफिस में आपके बैठने की जगह के पीछे की दीवार यदि आपके काफ़ी क़रीब है, आपकी पीठ और दीवार के बीच जगह नाममात्र की है, तो इससे आपको एक सकारात्मकता या अदृश्य समर्थन का एहसास होगा.

2. आप जहां बैठते हों, उसके पीछे की दीवार पर पहाड़ों के दृश्य वाले पोस्टर लगाएं. इनसे दीवार से मिलने वाला अदृश्य समर्थन और अधिक प्रभावशाली हो जाएगा.

3. ऑफिस में आपके सामने की खुली जगह का अर्थ आगे बढ़ने, नए विचार बनने और खुलेपन के एहसास से है. इस कारण आपके बैठने की जगह के सामने का स्थान खुला-खुला होना चाहिए.

4. किसी कॉन्फ्रेंस रूम में हो रही मीटिंग के दौरान आपको दक्षिण-पश्‍चिम दिशा की ओर बैठना चाहिए तथा आपकी सीट रूम के प्रवेश द्वार से दूर होनी चाहिए.

5. ऑफिस में इस्तेमाल किए जानेवाले फर्नीचर रेक्टेंगल या चौकोराकार (स्न्वेयर) के होने चाहिए. यदि ये स्न्वेयर हों, तो और भी अच्छा है. ये फर्नीचर लकड़ी के हों, तो और भी बेहतर परिणाम मिल सकता है.

6. यदि आपका ऑफिस पूर्व में है, तो ग्लास टॉप टेबल का उपयोग करना अच्छा होगा.

7. ध्यान रहे कि आपके बैठने की कुर्सी के पीछे की ऊंचाई अधिक हो, जिससे आप अपनी पीठ अच्छी तरह टिका सकें. यह प्रतिकात्मक सहयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से भी अच्छा होगा.

8. यदि आपके ऑफिस में अनुपयुक्त या टूटे हुए फर्नीचर हैं, तो इन्हें तुरंत बदल दें या इनकी तुरंत मरम्मत करवा लें.

9. यदि ऑफिस में किसी भी तरह के पानी का लीकेज हो, जैसे- रखे गए पानी के जार में लीकेज या बेसिन के नल से बूंदें टपकती रहती हों, तो इसे तुरंत ठीक करवा लें, क्योंकि पानी का रिसाव धनहानि को दर्शाता है.

10. बिज़नेस के दौरान की जानेवाली सभी गतिविधियां पूर्व या उत्तर दिशा की ओर की जानी चाहिए. धन की प्राप्ति के लिए उत्तर दिशा काफ़ी अच्छी और उपयुक्त है.

11. अपने कार्यालय या दुकान के दक्षिण-पूर्व दिशा में कारोबार या कामकाज के सहयोग के लिए कमरे में रखे जाने वाले पौधे गमले में लगाकर रखें. ये नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर आपको तरोताज़ा बनाए रखेंगे.

12. आप अपने ऑफिस में दक्षिण-पूर्व में लैंप रख सकते हैं. काम के दौरान लैंप को जलाकर रखने से सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होगी. साथ ही धन लाभ भी होगा.

13. ऑफिस की पूर्व दिशा में ताज़ा फूलों को जगह दें. गुलदस्ते में लगे रंग-बिरंगे फूल आपकी मन:स्थिति को संतुलित और प्रफुल्लित बनाए रखेंगे.

14. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, जैसे- कंप्यूटर, दूसरी मशीनें, हीटर, एयर कंडिशनर, प्रिंटर, फोटोकॉपी की मशीन आदि ऑफिस में होते ही हैं, लेकिन उनसे निकलने वाली गर्मी और आवाज़ों को नियंत्रित करना आवश्यक है. आप वास्तु के ज़रिए ऐसा कर सकते हैं. कोशिश  करें कि इन्हें दक्षिण-पूर्व दिशा में रखा जाए.

15. अपनी योग्यता, कार्यशैली या फिर प्रोफेशन के अनुरूप वास्तु के उपायों को अपनाएं. इसके अनुसार यदि आप एक कलाकार, विद्यार्थी, लेखक, कारोबारी या फिर राजनेता हैं, तो अपना कमरा इसके अनुरूप बनाए रखें, ताकि कार्य के प्रति सहजता का एहसास कर सकें.

16. यदि आप किसी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं या आपका अपना कारोबार है, तो अपने दफ़्तर का कमरा दक्षिण-पूर्व की ओर रखें. उसमें बैठते समय आपका चेहरा उत्तर की ओर होना चाहिए.

17. ऑफिस के उत्तर-पूर्व हिस्से को हमेशा साफ़-सुथरा बनाए रखें. कोशिश करें कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह के अनावश्यक सामान न हों और इसमें हमेशा खुलेपन का एहसास हो. इसी तरह से कमरे के बीच का स्थान खुला होना चाहिए, ताकि आराम से आवाजाही हो सके.

18. यदि आप निर्माण संबंधी कार्य करते हैं, तो उत्पादन की नियमितता बनाए रखने के लिए इस कार्य का क्षेत्र दक्षिण-पश्‍चिम में बनाया जाना चाहिए.

ये भी पढें: फेंगशुई के इन लकी चार्म से दूर करें निगेटिव एनर्जी

19. दफ़्तर की खिड़कियां और दरवाज़े हमेशा साफ़ और चमकते रहने चाहिए.

20. ऑफिस के कमरे में या टेबल के पूर्वोत्तर में पानी के फव्वारे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

21. कार्यालय के केबिन में वास्तु शास्त्र के अनुरूप लगाया गया दर्पण भी पैसे के आगमन में वॄिद्ध कर सकता है या फिर आपके करियर को चमका सकता है.

22. ऑफिस की पैंट्री दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होनी चाहिए

.23. क़ानूनी कार्य के लिए पूर्व या पश्‍चिम का भाग उपयुक्त होता है.

24. ऑफिस के अकाउंट विभाग को उत्तर दिशा में बनाया जाना चाहिए. इसी तरह कैशियर को भी इसी हिस्से में बैठाया जाना चाहिए.

25. शोरूम या दुकान का कैश बॉक्स हमेशा दक्षिण और पश्‍चिम की दीवार के सहारे होना उपयुक्त होता है.

26. दुकान में बिक्री के सामानों को रखने के लिए शेल्फ, आलमारियां, शोकेस और कैश काउंटर दक्षिण दिशा में होने चाहिए.

27. दुकान के ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में मंदिर या इष्टदेव की तस्वीर लगाएं. इसके अतिरिक्त दूसरे हिस्से में पीने का पानी रखें.

28. वास्तु शास्त्र के अनुसार कार्यालय या कार्यस्थल या फिर दुकान आदि में लगाए जाने वाले बिजली या संचार साधनों के उपकरणों के स्विच बोर्ड दक्षिण-पूर्व हिस्से में लगाया जाना चाहिए.

 

क्या न करें?

 

करियर, ऑफिस के कामकाज या फिर व्यक्तिगत पेशे में सहजता और गतिशीलता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित कार्य न करें, ये वास्तु शास्त्र के नियमों का उल्लंघन करते हैं-

– बीम के नीचे कभी न बैठें. अपना साधारण से साधारण काम भी इससे अलग होकर निपटाएं.

– कार्यालय या कार्यस्थल के प्रवेश द्वार की ओर अपनी पीठ रखते हुए बैठने से बचें.

– अपने बैठने के स्थान के पीछे बहते पानी के दृश्योंवाली तस्वीरें कभी न लगाएं. इससे आपको समर्थन में कमी का एहसास होगा और काम के दौरान बहुत जल्द नकारात्मकता का एहसास होने लगेगा.

– अपने पैरों को क्रॉस करते हुए कभी न बैठें.

– ऑफिस के कमरे में गोलाकार, अंडाकार या अनियमित आकार के फर्नीचर का उपयोग करने से बचें.

– जिन जगहों का इस्तेमाल कम होता हो या जहां नकारात्मकता का एहसास हो, उस जगह अपने ज़रूरी काम न करें.

– ऑफिस में भीड़भाड़ वाली जगह पर काम करने से बचें.श्र ऑफिस में किसी भी तरह के शोर या मशीनी आवाज़ों से बचें.

– धातु या प्लास्टिक के फर्नीचर का इस्तेमाल कम से कम करें. इसी तरह से जो भी फर्नीचर उपयोग में लाया जा रहा हो, उनमें नुकीलापन व तेज़ धार नहीं होनी चाहिए.

– ऑफिस की दीवारों पर या अपने डेस्क पर नकारात्मक या मन को अवसाद, उत्तेजना, आक्रोश से भर देनेवाली तस्वीरें न लगाएं.

– ऑफिस में अंधेरा नहीं होना चाहिए. पर्याप्त रोशनी का होना आवश्यक है.

– यदि कोई अपने घर से ही ऑफिस चलाता हो, तो ऑफिस का स्थान मुख्य शयनकक्ष से सटा हुआ नहीं होना चाहिए.

– ऑफिस के लिए पानी संबंधी इंतज़ाम दक्षिण दिशा में नहीं करना चाहिए, इससे कामकाज को नुक़सान पहुंच सकता है.

 

इंस्टॉल मेरी सहेली आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ ऐप