फिल्म रिव्यूः दबंग 3 (Film ...

फिल्म रिव्यूः दबंग 3 (Film Review Of Dabangg 3)

फिल्मः दबंग 3
कलाकारः सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा, सई मांजरेकर, किच्चा सुदीप, अरबाज खान, डिंपल कपाड़िया
निर्देशकः प्रभुदेवा
स्टारः 2.5

आज बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की बहुप्रतिक्षित फिल्म दबंग 3 रिलीज़ हुई है. प्रभुदेवा द्वारा निर्देशित यह फिल्म खासतौर पर भाईजान के फैन्स को ध्यान में रखकर बनाई गई है.  यह फिल्म दंबग और दबंग 2 की प्रीक्वल है. जिसमें टुकड़ों में यह दिखाया गया है कि सलमान खान धाकड़ नामक सीधे-साधे लड़के से चुलबुल पांडे कैसे बनते हैं और इसके साथ ही चुलबुल पांडे की वर्तमान की कहानी भी चलती रहती है.

Dabangg 3

कहानीः फिल्म की शुरुआत हल्के-फुल्के अंदाज में होती है. जहां चुलबुल पांडे ( सलमान खान) अपनी पत्नी रज्जो ( सोनाक्षी सिन्हा) के साथ रोमांस करता है, अपने भाई मक्खी (अरबाज खान) के साथ मस्ती करता है और गुंडो के साथ फाइटिंग करता है. लेकिन जब एक केस सॉल्व करते समय वो देहव्यापार का भांडा फोड़ करता है और कुछ लड़कियों को बचाता है तो माफिया सरगना बाली (सुदीप) बहुत भड़क जाता है. बाली से लड़ते हुए चुलबुल के अतीत के घाव ताजा हो जाते हैं.  बाली वह दरिंदा था, जिसने पास्ट में चुलबुल से सबकुछ छीन लिया था. अब जबकि बाली एक बार फिर चुलबुल की जिंदगी में तबाही लाना चाहता है, तो चुलबुल के लिए जरूरी हो जाता है कि वह अपनी वर्दी के फर्ज के साथ-साथ परिवार की भी रक्षा करे.
अपनी पत्नी रज्जो (सोनाक्षी सिन्हा) से मिलने से पहले चुलबुल खुशी (सई मांजरेकर) से मोहब्बत करता था. असल में चुलबुल की मां (डिंपल कपाड़िया) ने खुशी को चुलबुल के भाई मक्खी (अरबाज खान) के लिए पसंद किया था, मगर मक्खी को शादी करने में कोई रुचि नहीं थी, तो चुलबुल और दहेज परंपरा के खिलाफ जाकर अपनी मंगेतर खुशी को डॉक्टर बनाने के लिए कटिबद्ध है, मगर तभी उनके प्यार पर ग्रहण लग जाता है. बाली की नजर खुशी पर पड़ती है और वह खुशी को पाने के लिए उतावला होकर कुछ भी करने पर आमादा है. बाली ने चुलबुल के साथ अतीत में ऐसा क्या किया था कि चुलबुल के लिए हिसाब चुकाना जरूरी था? क्या वह बाली से बदला ले पाएगा? क्या वह अपने फर्ज पर कायम रह पाएगा? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

Dabangg 3

एक्टिंगः चुलबुल पांडे के रूप में सलमान हमेशी की तरह इंटरटेनिंग लगे हैं. इस फिल्म में सोनाक्षी खूबसूरत लगी हैं, लेकिन एक्टिंग के मामले में उनके पास करने के लिए कुछ खास नहीं है. महेश मांजरेकर की बेटी सई मांजरेकर की यह डेब्यू  फिल्म है. उनका स्क्रीन प्रेजेन्स अच्छा है, लेकिन कुछ इमोशनल सीन्स में वे एक्टिंग के मामले में थोड़ी नौसिखिया दिखती हैं.  बाली के रूप में सुदीप किच्चा का किरदार जितना दमदार है, उतने ही सशक्त अंदाज में उन्होंने उसे अदा किया है. यह खलनायक परदे पर बेहद डैशिंग लगा है. अरबाज ने भूमिका के साथ न्याय किया है, सहयोगी कास्ट ठीक-ठाक रही.

रिव्यूः जैसा हमने पहले ही कहा कि यह फिल्म खासतौर पर भाईजान के फैन्स को ध्यान में रखकर बनाई गई है. फिल्म में बहुत से सीटी बजानेवाले सीन्स हैं. जी हां, सलमान फिल्म में शर्ट निकालने से लेकर गुंडो को हवा में उड़ाने तक, वो सब करते हैं जो सलमान के फैन्स को देखना पसंद है. इस फिल्म का एक्शन सॉलिड है, लेकिन चुलबुल पांडे का इंट्रोडक्शन सीन्स जैसे कुछ अन्य सीन्स को बहुत ज़्यादा घसीटा गया है. स्टोरी घिसी-पिटी है, फिल्म में बस सल्लू मियां के स्टार पावर, स्वैग और स्टाइल पर फोकस किया गया है. फिल्म के तमाम मसालों में प्रभु ने दहेज, नोटबंदी, पानी के सरंक्षण जैसे मुद्दों को भी डाल दिया है, कई कॉमिक सीन फूहड़ हैं, कॉमेडी थोपी हुई लगती है. प्रभुदेवा अगर फिल्म की लंबाई पर ध्यान देते तो फिल्म क्रिस्प बन सकती थी. कुल मिलाकर यह शुद्ध देसी मसाला फिल्म है. अगर आप दिमाग घर पर रखकर फिल्म देखने जाएंगे तो बेशक आपको फिल्म इंटरटेन करेगी.

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