जानिए बार-बार पेशाब आने का कारण व निवारण (Frequent Urination: Causes, Symptoms, and Treatment)

ब्लैडर (Bladder) यानी मूत्राशय फुल होने पर वॉशरूम (Washroom) की ओर दौड़ना सामान्य है, लेकिन अगर आपको दिन में कई बार वॉशरूम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है.. 

Urination Problems
ख़तरे की घंटी
अगर आप दिनभर से 7 से अधिक बार पेशाब आता है तो यह ख़तरे की घंटी हो सकती है. यदि आपके शौच यानी मूत्र त्यागने की रूटीन में अचानक कोई बड़ा बदलाव तो यह भी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. रात में सोने के दौरान दो से अधिक बार मूत्र त्यागने के लिए उठना भी बीमारी का संकेत हो सकता है. मूत्र त्यागने के बाद भी आपको ऐसा लगे कि आपका ब्लैडर खाली नहीं हुआ है तो सावधान हो जाएं. प्रक्रिया जब हमारे ब्लैडर (मूत्राशय) में यूरिन भर जाता है, तो नर्व्स हमारे ब्रेन को सिग्नल भेजकर यूरिन को बाहर निकालने का इशारा करते हैं, लेकिन जिनका ब्लैडर यानी मूत्राशय ओवरएक्टिव होता है ब्लैडर फुल न होने के बावजूद दिमाग तक सिग्नल्स पहुंचने लगते हैं.

कारण
इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं. सामान्यरूप से निम्न कारणों के कारण इस समस्या का सामना करना पड़ता है.
डायबिटीज़
पुरुषों को बार-बार पेशाब लगने का सबसे सामान्य कारण डायबिटीज़ होता है. जब शरीर में ग्लूकोज़ लेवल बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है तो शरीर मूत्र के माध्यम से उसे बाहर निकालने की कोशिश करता है. यही वजह है कि डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों को बार-बार वॉशरूम जाना पड़ता है.
एक्सरसाइज़
जब हम एक्सरसाइज़ करते हैं तो पसीने के माध्यम से शरीर के सारे विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते हैं, साथ ही शरीर डिहाइड्रेट भी हो जाता है. ऐसे में शरीर की हाइड्रेट करने के लिए हम ज़्यादा पानी पीते है, नतीजतन बार-बार वॉशरूम की ओर दौड़ना पड़ता है.
ब्लैडर कैंसर
बार बार पेशाब आने की वजह ब्लैडर कैंसर हो सकता है. यह समस्या होने पर मूत्र त्यागने में थोड़ी परेशानी होती है. ब्लैडर कैंसर से पीड़ित पुरुषों बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है.

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प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर होने पर भी यह समस्या होती है. आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि पेल्विक एरिया में किसी की तरह का कैंसर होने पर यूरेंथ्रा प्रभावित होता है. जिससे बार-बार पेशाब आती है. प्रोसेक्टॉमी करवाने पर कुछ पुरुषों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है.
किडनी में इंफेक्शन
किडनी में संक्रमण होने पर भी बार-बार पेशाब आना बेहद आम बात है  इसले अगर आपको यह परेशानी है तो इसकी जांच ज़रूर करवाएं.
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
अगर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का समय रहते इलाज न कराया जाए तो बार-बार पेशाब आने की वजह बन सकती है. यूटीआई से पीड़ित होने पर सामान्य से अधिक पेशाब आती है और पेशाब करते समय खुजली और जलन जैसी समस्या भी होती है.
मनोवैज्ञानिक कारण
अधिक पेशाब आने के पीछे केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक कारण भी  हो सकते हैं. कभी-कभी तनाव, थकान, डर इत्यादि के कारण भी बहुत से लोग बारबार शौचालय की ओर रुख करते हैं.

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ट्रीटमेंट
इस समस्या के इलाज के लिए बहुत-से ट्रीटमेंट्स उपलब्ध हैं. अगर बहुत अधिक बार पेशाब नहीं आती तो इलाज की कोई आवश्यकता नहीं है, कुछ केसेज़ में खानपान के बदलाव करके भी इस समस्या से निजात पाया जा सकता है. ओवरएक्टिव ब्लैडर को कंट्रोल करने के लिए बहुत-सी दवाएं उपलब्ध हैं. अगर डायबिटीज़ के कारण यह समस्या होती है तो ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखकर इससे इजात पाया जा सकता है. बैक्टिरियल किडनी इंफेक्शन होने की स्थिति में डॉक्टर्स एंटीबायोटिक्स व पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं. ओवएक्टिव ब्लैडर होने पर डॉक्टर दवा देते हैं.

घरेलू उपाय
1. भरपूर मात्रा में पानी पीएं. ताकि यदि किसी प्रकार का इंफेक्शन हो तो वह पेशाब के माध्यम से निकल जाए और आपको इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े.
2. दही, पालक, तिल, अलसी, मेथी की सब्ज़ी आदि का रोज़ाना सेवन करना इस समस्या में फ़ायदेमंद साबित होगा.
3. सूखे आंवले को पीसकर चूर्ण बना लें और इसमें गुड़ मिलाकर खाएं. इससे बार-बार पेशाब आने की समस्या में लाभ होता है. विटामिन सी से भरपूर चीज़ों का सेवन करें.
4. अनार के छिलकों को सुखा लें और इसे पीसकर चूर्ण बना लें. अब सुबह-शाम इस चूर्ण का सेवन पानी के साथ करें. अगर चाहें तो इसका पेस्ट बना सकते हैं.
5. मसूर की दाल, अंकुरित अनाज, गाजर का जूस व अंगूर का सेवन भी इस समस्या के लिए एक कारगर उपाय है.

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