गीता जयंती: क्या है महत्व? (Gita Jayanti: why it is celebrated)

gita jayanti

  • भगवान श्री कृष्ण ने जिस दिन अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, उसे गीता जयंती (gita jayanti) के रूप में मनाया जाता है यानी श्रीमद् भगवद गीता के जन्मदिन के तौर पर इस दिन को देखा जाता है.
  • यह शुक्ल एकादशी के दिन मनाई जाती है और इस दिन विधिपूर्वक पूजन व उपवास करने पर हर तरह के मोह से मोक्ष मिलता है. यही वजह है कि इसका नाम मोक्षदा भी रखा गया है.
  • गीता जयंती का मूल उद्देश्य यही है कि गीता के संदेश का हम अपनी ज़िंदगी में किस तरह से पालन करें और आगे बढ़ें.
  • गीता का ज्ञान हमें धैर्य, दुख, लोभ व अज्ञानता से बाहर निकालने की प्रेरणा देता है. गीता मात्र एक ग्रंथ नहीं है, बल्कि वह अपने आप में एक संपूर्ण जीवन है. इसमें पुरुषार्थ व कर्तव्य के पालन की सीख है.
  • वर्ष 2016 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें दुनियाभर से लोग आएंगे. भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी इसमें मुख्य रूप से सम्मिलित होकर महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे.
  • आप सभी को गीता जयंती की शुभकामनाएं!

– गीता शर्मा