क्या आपका बच्चा इंटरनेट सेफ है?

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आज के टेक्नो सेवी युग में बड़ों के साथ बच्चों के लिए भी इंटरनेट का इस्तेमाल ज़रूरी हो गया है, मगर बच्चों का ज्ञान बढ़ाने वाला इंटरनेट उन्हें ग़लत राह पर भी ले जा सकता है. अतः बच्चा इंटरनेट का सही और सुरक्षित इस्तेमाल करे ये सुनिश्‍चित करना आपकी ज़िम्मेदारी है. बच्चों को कैसे रखें इंटरनेट सेफ? आइए, हम बताते हैं.

बच्चे को इंटरनेट की दुनिया से पूरी तरह दूर रखना संभव नहीं, क्योंकि इससे आपका बच्चा अन्य बच्चों से पिछड़ सकता है. ऐसे में उसे इंटरनेट के सही इस्तेमाल की जानकारी देने के साथ ही उस पर निगरानी भी रखें ताकि वो भटकने न पाए.

शुरुआत करें नियमों से
सैलरी के पैसों में पूरा माह निकालने के लिए जिस तरह आप कम ख़र्च का नियम बनाती हैं, उसी तरह जब आपका बच्चा पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल करे, तो उसके लिए भी नियम बनाएं. जैसे- जब वो इंटरनेट सर्फ करे, तो आप उसके साथ बैठें. शुरुआत में उसे एज्युकेशनल और इंफॉर्मेटिव साइट्स के बारे में बताएं और स़िर्फ उन्हीं साइट्स को सर्फ करने को कहें. आपकी निगरानी में वो सोशल साइट्स पर भटकने से बच जाएगा.

इस्तेमाल के बाद चेक करें
जब भी बच्चा आपकी ग़ैरमौजूदगी में इंटरनेट का इस्तेमाल करे या बिज़ी होने की वजह से आप उसका साथ न दे पाएं, तो उसके इस्तेमाल के बाद हिस्ट्री में जाकर चेक करें कि आपका बच्चा किस-किस साइट्स पर गया था. इससे आपको जानकारी मिलेगी कि वो क्या कर रहा है. अगर वो कुछ ग़लत नहीं कर रहा, तो आप भी उसकी ओर से निश्‍चिंत हो जाएंगी.

पासवर्ड की जानकारी रखें
कोशिश करें कि बहुत छोटी उम्र में आपके बच्चे का फेसबुक, ईमेल आदि अकाउंट न हो. अगर ज़रूरी हो, तो उसके अकाउंटके साथ ही पासवर्ड की भी जानकारी रखें. इससे आप समय-समय पर उसकी ग़ैरमौजूदगी में उसका ईमेल चेक कर सकती हैं और आपके पास पासवर्ड है, ये पता होने पर बच्चा कुछ ग़लत करने से भी डरेगा.

हर सवाल का करें समाधान
चाहे बात किसी भी मुद्दे की हो, बच्चों के पास सवालों का पिटारा होता है, ऐसा क्यों होता है, ये क्या है, वो क्या है? जैसे सवाल दो-तीन मिनट के अंतराल में वो पूछते रहते हैं. ऐसे में इंटरनेट के इस्तेमाल के समय भी उनके मन में कई सवाल आते हैं. उनके सवालों को टालने की कोशिश न करें, वो जो भी पूछें उसका सीधा और सही जवाब दें, वरना हो सकता है, ख़ुद जानने की जिज्ञासा में वो ग़लत क़दम उठा ले.

बेडरूम में न रखें कम्प्यूटर
बेडरूम ही नहीं, बल्कि ऐसी किसी जगह पर कम्प्यूटर न रखें, जहां बच्चा एकांत में बैठकर सर्फिंग कर सके. यह भी ध्यान रखें कि कम्प्यूटर का मुंह दीवार की तरफ़ न हो. कम्प्यूटर का मुंह इस तरह रखें, जिससे सबकी निगाहें उस पर जाएं और आपको भी जानकारी मिले कि आपका बच्चा क्या कर रहा है. सबकी नज़र कम्प्यूटर पर है, ये सोचकर बच्चा इंटरनेट का ग़लत इस्तेमाल नहीं करेगा.

इस्तेमाल की अवधि
आपका बच्चा रोज़ाना कितने समय के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, इस बात की जानकारी भी अवश्य रखें. अगर आपको लगे कि दिनोंदिन इस्तेमाल की अवधि बढ़ती जा रही है, तो उससे पूछें कि आख़िर इसकी वजह क्या है? ये न भूलें कि जानकारियों से अवगत कराने वाला इंटरनेट सेहत की दृष्टि से भी बच्चे के लिए ठीक नहीं है. इससे कम उम्र में आंखों पर चश्मा चढ़ सकता है.

पोर्नोग्राफी से रखें बच्चों को सेफ

यदि आपको डर है कि बुरी संगत में पड़कर कहीं आपका बच्चा भी इंटरनेट का इस्तेमाल पोर्नोग्राफी देखने के लिए न करे, तो बच्चे के इस्तेमाल के पहले ही अपने पीसी पर कंटेन्ट लॉकिंग टूल लगवा दें. इससे आप उस तरह की साइट्स को ब्लॉक कर सकती हैं. ऐसा करने से आपका बच्चा अनजाने में भी ऐसी साइट्स पर नहीं जा पाएगा.

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दें साइबर क्राइम की जानकारी

दिनोंदिन बढ़ते साइबर क्राइम के बारे में भी बच्चे को ज़रूर बताएं. उसे समझाएं कि किस तरह बड़े अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है. बच्चे से कहें कि किसी भी अजनबी के साथ न तो चैटिंग करे और न ही कोई जानकारी शेयर करे. ऐसा करने से वो साइबर क्राइम की चपेट में आ सकता है.