बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के रेस्टोरेंट अम्माकाई (Shilpa Shetty's restaurant AmmaKai) के बाहर उस वक्त लोगों की जबर्दस्त भीड़ जमा हो गई , जब एक्ट्रेस ने 26 जनवरी (Republic Day) के मौके पर रेस्टोरेंट में फ्री ब्रेकफास्ट के ऑफर ( free breakfast offer) की अनाउंसमेंट की गई. लोग रेस्टोरेंट के खुलने से कई घंटे पहले ही लंबी-लंबी कतारों में खड़े थे. इंटरनेट पर इस लंबी कतारों के वीडियो वायरल हो गए. इन वीडियो को देखने के बाद मुफ्तखोरी का कल्चर और फ्री खाने वाले लोगों की मानसिकता पर बहस छिड़ गई है.

शिल्पा शेट्टी का हाल ही खुला नया रेस्टोरेंट अम्माकाई उस वक्त लोगों के बीच सेंटर ऑफ अट्रेक्शन। बन गया, जब एक्ट्रेस ने 26 जनवरी के मौके पर फ्री ब्रेकफास्ट का ऑफर निकाला था. हजारों लोग रेस्टोरेंट के बाहर कई घंटों तक इंतजार करते नजर आए. कई कंटेंट क्रिएटर्स ने सोशल मीडिया में इन लंबी कतारों की क्लिप शेयर की. जिसमें लोगों को फ्री खाने के 1 प्लेट के लिए धैर्यपूर्वक खड़े देखा गया है.

और अब सोशल मीडिया यूजर्स के बीच फ्रीबी कल्चर पर एक लाइव बहस छिड़ गई है. 'पहले आओ, पहले पाओ' के ऑफर के अंतर्गत लोगों को सुबह 7 बजे से ही लंबीलंबी कतारों में खड़े होते देखा. इस भीड़ के वीडियो वायरल होने के बाद नेटिज़न्स मुफ्त में मिलने वाली किसी भी चीज़ के प्रति बढ़ते जुनून पर सवाल उठा रहे हैं.

एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है - 3 करोड़ के फ्लैट में रहने वाले लोग अगर 1 प्लेट फ्री खाने के लिए अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट साइड में रख देते हैं तो प्रॉब्लम सरकार फ्रीबी से ज्यादा गहरी है. डिमांड होगी तभी तो सप्लाई होगी न. और हम खुद सिया कल्चर बना के ये साबित कर देते हैं कि फ्रीबी का कल्चर कितना फलफूल रहा है.

एक और यूजर ने लिखा- सही कहा है. हम सब इसके लिए जिम्मेदार हैं, सरकार तो है ही हम भी जिम्मेदार है. तीसरे यूजर ने ऐसा ही कुछ लिखा- जी हां इसके बारे में पता चला.लेकिन आज कॉलेज जाने वाले बच्चों के पास भी अच्छी पाकेट मनी है.. समस्या ये है कि लोगों की मानसिकता ऐसी है कि फ्री का मिले तो लूट लो..

अभी भी सोशल मीडिया पर रेस्टोरेंट द्वारा दिए गए ऑफर पर बहस चल रही है. कुछ लोग ने इस बात पर चर्चा कर रहे है कि मुद्दा रेस्टोरेंट द्वारा दिया गया फ्री ऑफर है या फिर लोगों की फ्री में खाने वाली मानसिकता.
