आशा भोसले (Asha Bhosle) के निधन ने हिंदी सिनेमा ही नहीं पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है. स्वर-साम्राज्ञी ने 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण उनका 92 की उम्र में निधन (Asha Bhosle death) हो गया. उनके जाने की खबर ने फिल्म और संगीत जगत को स्तब्ध कर दिया. मानो एक युग, एक एहसास, एक धड़कन अचानक थम गई हो.

आशा भोसले ने जहां अपने करियर में कई ऊंचाइयां देखीं, वहीं अपनी पर्सनल लाइफ (Asha Bhosle's personal life) में उन्होंने बहुत दुख झेले. उन्होंने दो शादियां की थीं. उनकी पहली शादी सफल नहीं रही और उन्हें बहुत टॉर्चर झेलना पड़ा. लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा दुख था दो बच्चों की मौत. एक बेटे और एक बेटी की मौत ने उन्हें तोड़कर रख दिया था.

आशा भोसले जब 9 साल की थीं, तभी उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया. उस समय परिवार को चलानेवाला कोई नहीं था, इसलिए आशा भोसले ने अपनी दीदी लता मंगेशकर के साथ मिलकर 9 साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया, ताकि अपने परिवार का पेट पाल सकें. आशा जी को 16 साल की उम्र में ही अपने सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से प्यार हो गया, जो उनसे 16 साल बड़े थे. उनका परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, ऐसे में आशा जी ने घर से भागकर शादी (Asha Bhosle's marries life) कर ली.

आशा भोसले के पहली शादी से तीन बच्चे (Asha Bhosle's children) थे- हेमंत, वर्षा और भोसले आनंद. लेकिन इस शादी से उन्हें बहुत दुख भी मिले. उनके साथ ससुराल में मारपीट की जाती. उनके पति उनसे बुरा बर्ताव करते. यहां तक कि जब वो तीसरी बार प्रेग्नेंट थीं, तो उन्हें घर छोड़ने के लिए भी कहा गया. ऐसे में वो अपनी मां और बहनों के पास वापस आ गईं. उन्होंने तीनों बच्चों की अकेले परवरिश की और करियर में नई ऊंचाइयां भी हासिल की.

पहली शादी टूटने के बाद आशा भोसले बेहद अकेली हो गई थीं. ऐसे में उनकी ज़िंदगी में आए मशहूर म्यूजिक कंपोजर आरडी बर्मन (R D Burman) से की, जिन्हें सब पंचम दा (Pancham Da) के नाम से बुलाते थे. आखिरकार पहली शादी टूटने के 20 साल बाद 47 साल की उम्र में उन्होंने पंचम दा से दूसरी शादी कर ली. आरडी बर्मन से शादी के बाद आशा भोसले बहुत खुश थीं. यह साथ सिर्फ 14 साल रहा क्योंकि आरडी बर्मन का भी निधन हो गया और वह उन्हें छोड़कर चले गए. ये आशा भोसले के लिए बहुत बड़ा सदमा था.

आशा भोसले की ज़िंदगी के दुख का यहीं अंत नहीं हुआ. उन्हें एक और सदमा तब लगा जब 2012 में उनकी बेटी वर्षा भोसले ने खुदकुशी कर ली. वर्षा पेशे से पत्रकार थीं. उन्होंने शादी स्पोर्ट्स राइटर हेमंत केंकरे से की थी, पर कुछ साल बाद ही उनका तलाक हो गया था. इस वजह से वो डिप्रेशन में चली गई थीं. आखिरकार एक दिन वर्ष ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली. इसके तीन साल बाद आशा भोसले ने अपने सबसे बडे बेटे
हेमंत को खोने का दुख भी झेला. हेमंत की मौत कैंसर से हुई. इस तरह जहां गायिकी में आशा भोसले ने कामयाबी के कई कीर्तिमान बनाए और पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया, वहीं पर्सनल लाइफ में उन्होंने सिर्फ दुख झेला.

