क्या आप जानते हैं कि पार्टनर का हाथ पकड़ने जैसी छोटी-सी शरारत से हमारी शारीरिक और भावनात्मक सेहत पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है. जी हां ये 100 फीसदी सच है. कहने को तो ये बहुत सिंपल सी बात है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से ये बात साबित हो चुकी है कि पार्टनर का हाथ पकड़ना हमारी माइंड और बॉडी के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. चलिए हम आपको बताते हैं पार्टनर का हाथ पकड़ने के क्या हैं मैजिकल फ़ायदे.
हाथ पकड़ना एक बहुत सिंपल जेस्चर है, जो लोगों से जुड़ाव और इंटीमेट होने की भावना को दर्शाता है, जैसे- हम उसके साथ सुरक्षित हैं, कोई हमें बेहद प्यार करता है, हम किसी के बहुत करीब हैं या फिर हम किसी की लाइफ में बहुत अहमियत रखते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि हाथ पकड़ने के इस सिंपल जेस्चर का आपके रिलेशनशिप पर कितना गहरा असर पड़ता है.
क्या मतलब होता है हाथ पकड़ने का?
हाथ पकड़ने के अलग-अलग मतलब होते हैं. हाथ पकड़ना इस बात पर निर्भर करता है कि आप जिस व्यक्ति का हाथ पकड़ रहे हैं, उसके साथ आपका रिश्ता कैसा है? जब पैरेंट्स छोटे बच्चों का हाथ पकड़ते हैं, तो बच्चों में विश्वास और सुरक्षा की भावना होती है. जब पैरेंट्स टीनएज बच्चों का हाथ पकड़ते हैं, तो वे उन्हें सपोर्ट करते हैं. दो लोग हाथ पकड़ते हैं, तो उनके बीच दोस्ती की भावना होती है. जब पार्टनर एक-दूसरे का हाथ पकड़ते हैं, तो इसका मतलब होता है कि वे एक-दूसरे का साथ चाहते हैं. फिजिकली इंटिमेट होना चाहते हैं. जब पार्टनर्स फिजिकली इंटिमेट होते हैं, तो ख़ुद को एक-दूसरे के क़रीब महसूस करते हैं और यही उनके मज़बूत रिश्ते की नींव होती है. कुल मिलाकर कहा जाए, तो हाथ पकड़ना स्नेह, आराम, गर्मजोशी, दर्द से राहत, सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक निकटता और सहानुभूति को व्यक्त करता है.

पार्टनर का हाथ पकड़ना- क्या कहता है विज्ञान और क्यों?
- जब पार्टनर्स एक-दूसरे का हाथ पकड़ते हैं, तो इसका मतलब है कि उनमें बहुत गहरा इमोशनल कनेक्शन है.
- इसका एक संकेत इंटिमेट जेस्चर भी हो सकता है यानी पार्टनर्स पहले ही एक- दूसरे को किस या सेक्स कर चुके हैं.
- वे एक-दूसरे के लिए कमिटेड हैं और अपने रिलेशनशिप को नेक्स्ट लेवल तक ले जाने के लिए तैयार हैं.
विज्ञान के अनुसार- टच हमारे महत्वपूर्ण ऑर्गन में से एक है. किसी दूसरे को छूने पर व्यक्ति को ख़ुशी महसूस होती है. एंग्जायटी और स्ट्रेस कम होता है. इन सभी भावों के पीछे ऑक्सीटोसिन (हैप्पी/कडल हार्मोन) होता है. जब ऑक्सीटोसिन हार्मोन रिलीज़ होता है, तब पार्टनर्स एक-दूसरे के करीब होते हैं. ये हार्मोन पार्टनर्स के बीच विश्वास, बॉन्डिंग और कनेक्शन को बढ़ाता है. इसलिए बार-बार टच करने और गले लगने की इच्छा बढ़ती है.
हाथ पकड़ने के तरी़के
इंटरलॉक फिंगर: अगर पार्टनर्स एक-दूसरे का हाथ पकड़ते समय फिंगर को इंटरलॉक करते हैं, तो इसका मतलब है कि दोनों अपने रिश्ते को लेकर सुरक्षित महसूस करते हैं. उनके बीच काफी गहरा और मज़बूत रिश्ता है. दोनों एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. यदि पार्टनर्स ने इंटरलॉक पोजीशन में फिंगर्स को ढीले-ढाले तरी़के से पकड़ा हुआ है, तो ये स्थिति इस बात का संकेत करती है कि दोनों पार्टनर्स अपने रिलेशनशिप को ज़्यादा तवज्जो नहीं दे रहे हैं.
एक उंगली थामना: कुछ पार्टनर्स ऐसे होते हैं, जो अपने रिश्ते को प्राइवेट रखना चाहते हैं. अधिकतर वे लोग अपने पार्टनर की उंगली इस तरह से पकड़ते हैं. अक्सर शादी के दौरान कुछ ऐसे पार्टनर्स दिखाई दे जाते हैं. ये पार्टनर्स एक-दूसरे की प्राइवेसी का सम्मान करते हैं. उनके रिश्ते में घुटन नहीं, बल्कि आज़ादी की अहसास होता है.
लिंक्ड आर्म्स: जब कपल्स हाथों में हाथ डालकर चलते हैं, तो इसे लिंक्ड आर्म्स कहते हैं. अक्सर शादीशुदा लोग हाथों में हाथ डालकर चलते हैं. इस तरह से चलना उनके रिश्ते के असुरक्षित होने की भावना को महसूस कराता है. कपल्स का इस तरह से चलना ये संकेत देता है कि उनके बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है.
आमने-सामने होकर दोनों हाथ थामना: जब पार्टनर्स आमने-सामने होकर एक-दूसरे के दोनों हाथ थामते हैं, तो यह पोज़ अंतरंगता, अपनापन, सुरक्षा और समर्थन को दर्शाता है. इस पोज़ से ऐसा महसूस होता है, जैसे पार्टनर को कितनी गर्मजोशी से गले लगाया हो. जब पार्टनर्स पब्लिकली इस तरह से आपस में हाथ पकड़ते हैं, तो वे सार्वजनिक तौर से यह अनाउंसमेंट करते हैं कि वे रिश्ते में हैं. इस तरह के पोज़ अक्सर शादी में दूल्हा-दुल्हन देते हैं.

पार्टनर का हाथ न थामना: बहुत से कपल्स ऐसे होते हैं, जो एक-दूसरे का हाथ थामकर नहीं चलते हैं, तो इसका एक मतलब ये भी हो सकता है कि उनका रिश्ता ख़त्म होने वाला है. वहीं दूसरी तरफ़ पार्टनर के हाथ न थामने का दूसरा मतलब यह भी हो सकता है कि वे अपनी फीलिंग्स को सबके सामने नहीं दिखाना चाहते हों.
हाथ पकड़ने के होते हैं ये मैजिकल फ़ायदे
- जब पार्टनर्स एक-दूसरे का हाथ पकड़ते हैं, तो उनका आपसी विश्वास मज़बूत होता है. उनके बीच प्यार और गहरा होता है.
- हाथ पकड़ने पर शरीर में ऑक्सिटोसिन रिलीज़ होता है. इस हार्मोन के रिलीज़ होने पर पार्टनर के साथ अधिक जुड़ाव महसूस होता है और तनाव भी कम होता है.
- भीड़-भाड़ वाली जगह पर पार्टनर के हाथ पकड़ने पर सुरक्षा का एहसास होता है.
- एक अध्ययन से ये साबित हुआ है कि डिलीवरी के समय जब पति, पत्नी का हाथ पकड़ता है, तो उसे काफी रिलीफ महसूस होता है.
- हाथ पकड़ने से दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. बहुत-सी स्थितियों में कई बार देखा जाता है कि तनावपूर्ण स्थिति में पार्टनर का हाथ पकड़ने पर उनके ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट में कमी आती है.
- फीलिंग्स को एक्सप्रेस करने का एक जरिया है हाथ पकड़ना. इसलिए टेंशन की स्थिति में पार्टनर का हाथ पकड़ने पर वह काफी रिलैक्स महसूस करता है और फिर वह अपनी दिल की बातें दूसरे से शेयर करता है.
क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग देशों की अलग-अलग संस्कृतियों में हाथ पड़कने का ये मतलब होता है- - कोरिया में पुरुष स़िर्फ अपने करीबी दोस्तों से ही हाथ मिलाते हैं या फिर उन लोगों से जिन पर उन्हें भरोसा होता है.
- जापान में लोग हाथ मिलाने के बजाय झुकना पसंद करते हैं.
- अफ्रीका के लोग मिलने पर बड़ी गर्मजोशी से एक-दूसरे का हाथ पकड़ते हैं या फिर कंधा थपथपाते हैं.
- वेस्टर्न देशों में हाथ पकड़ना प्यार, दोस्ती और इंटिमेसी का प्रतीक है.
- अरब देशों में सार्वजनिक स्थानों पर पुरुष और महिलाएं बहुत कम हाथ पकड़ते हैं.
- कुल मिलाकर कहा जाए, तो हाथ पकड़ना प्रेम, विश्वास, मित्रता और
भावनात्मक तौर पर करीब आने की अभिव्यक्ति है.
- पूनम नागेंद्र शर्मा
