मूवी रिव्यूः जजमेंटल है क्य...

मूवी रिव्यूः जजमेंटल है क्या और अर्जुन पटियाला (Movie Review: Judgementall Hai Kya And Arjun Patiala)

फिल्मः जजमेंटल है क्या
कलाकार: कंगना रनौत, राजकुमार राव, हुसैन दलाल, अमायरा दस्तूर, जिमी शेरगिल, सतीश कौशिक
निर्देशक: प्रकाश कोवेलामुड़ी
रेटिंगः 3.5

Judgementall Hai Kya
कहानीः  यह एक साइको थ्रिलर है. जिसमें बॉबी (कंगना रनौत) अपने बचपन के ट्रॉमा से गुजरने के बाद एक्यूट साइकोसिस नाम की दिमागी बीमारी से जूझ रही है. वे बड़ी होकर डबिंग आर्टिस्ट बनती हैं. डबिंग करते समय वो ख़ुद को वही मानने लगती हैं, जिस किरदार की वो डबिंग कर रही होती हैं.  बॉबी के घर आते हैं नए किराएदार केशव ( राजकुमार राव)  और रीमा (अमायरा दस्तूर) , जिनकी जिंदगी बॉबी के लिए काफी अलग है. बॉबी, केशव और रीमा की इस अलग जिंदगी की ओर आकर्षित होती है लेकिन एक मर्डर के चलते उसका भ्रम टूटता है और वो केशव को शक की निगाह से देखने लगती है. अब बॉबी के दिमाग में जो चल रहा है वो सही है या नहीं? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

परफॉर्मेंसः अभिनय की बात करें तो  कंगना रनौत और राजकुमार राव ने कमाल कर दिखाया है. एक लड़की, जो बचपन से ही परेशान है और अपना दिमागी संतुलन खो चुकी है लेकिन फिर भी अपनी जिंदगी को अपने अलग अंदाज में जीती है और अपनी असलियत को छुपाने की कोशिश नहीं करती, के रोल में कंगना ने अलग ऊंचाई को छुआ है. कॉस्टूम से लेकर फेशल हाव-भाव तक वह सभी में अव्वल साबित हुई हैं. उनका अभिनय मेंटल इलनेस से पीड़ित लोगों का हाल बयान करने में सफल साबित होता है. वहीं राजकुमार राव ने कंगना को परफॉर्मेंस के मामले में जबरदस्त टक्कर दी है. इस बात में कोई दो राय नहीं है राजकुमार बॉलीवुड के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं. कंगना के बॉयफ्रेंड के रूप में हुसैन दलाल ने प्रभावित करने वाला काम किया है और अमायरा दस्तूर, सतीश कौशिक और ब्रजेश काला भी अपने अपने छोटे किरदारों में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहते हैं.

निर्देशनः डायरेक्टर प्रकाश कोवेलामुड़ी ने इस फिल्म के साथ कोशिश बहुत अच्छी की है. फिल्म की कहानी बढ़िया है, उसका एक्सीक्यूशन शानदार है. फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको थ्रिलर, सस्पेंस और डरावने अंदाज में बांधे रखता है, सेकेंड हाफ थोड़ा स्लो है. कुछ सीन्स को खींचा गया है, दर्शकों को लग सकता है कि क्लाइमेक्स क्यों नहीं आ रहा. लाइट्स और म्यूजिक के साथ खेलकर जो डायरेक्टर प्रकाश ने कमाल किया है वो तारीफ के काबिल है. इसके अलावा फिल्म के डायलॉग भी बढ़िया हैं. इस फिल्म के डायलॉग्स ना केवल आपको हंसाते हैं, बल्कि आपको फिल्म ख़त्म होने के बाद भी याद रहते हैं.

 

फिल्मः अर्जुन पटियाला
कलाकारः दिलजीत दोसांझ, कृति सैनन, वरुण शर्मा, सीमा पहवा, रोनित रॉय
निर्देशकः रोहित जुगराज
रेटिंगः 2.5
Arjun Patiala
रिव्यूः  यह एक रोमांटिक कॉमेडी है. इस फिल्म में दिलजीत पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं और कृचि पत्रकार के रोल में हैं. इस फिल्म की कहानी एक पुलिसवाले अर्जुन पटियाला (दिलजीत दोसांझ) और उसके साथी ओनिड्डा सिंह (वरुण शर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है, फिल्म में यह दिखाया गया है कि वह शहर को कैसे मजेदार तरीके से क्राइम फ्री करने की कोशिश करते हैं.  फिल्म का पहला हाफ हल्का-फुल्का है जिसमें आपको कैमियो में सनी लियोनी भी देखने को मिलेंगी. दिलजीत दोसांझ ने अच्छी परफॉर्मेंस दी है और उनका कैरक्टर अच्छा लगता है. हीरोइन नंबर 1 के रूप में इंट्रोडूस कराई गईं कृति सैनन भी खूबसूरत लगी हैं लेकिन उनका कैरक्टर कमजोर दिखता है.  फिल्म में वरुण शर्मा ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है. उनकी कॉमिक टाइमिंग सटीक है. फिल्म की कहानी, डायरेक्शन और एक्जिक्यूशन सबकुछ बेसिर-पैर का लगता है. एक गाना प्रीतो छोड़कर फिल्म का म्यूज़िक भी औसत ही लग रहा है. अच्छी बात है कि मेकर्स ने दर्शकों को हंसाने के लिए अश्लील कॉमेडी का प्रयोग नहीं किया है.