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भोजन करते समय भूलकर भी न करें ये काम… (Never do these things while eating…)

जल्दबाज़ी में भोजन करना, खाते समय बातें करना, खड़े होकर खाना… यदि आपकी भी इस तरह की आदतें हैं तो संभल जाएं. जानें भोजन से जुड़ी नियमावली के बारे में.

 

व़क्त के साथ बहुत कुछ बदला. हमारी सोच, रहन-सहन, खानपान आदि. लेकिन क्या आप जानते हैं भोजन करते समय ऐसी कई छोटी-छोटी बातें होती हैं, जिन पर हमें ज़रूर ध्यान चाहिए. ये बातेें सेहत से लेकर सौभाग्य से भी जुड़ी होती हैं. इस विषय पर हमें वास्तु गुरु मधुराज जी ने भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.

* सबसे बड़ी ग़लती जो हम भोजन करते समय करते हैं, वो है ग़लत दिशा में बैठकर भोजन करना. जी हां, यदि आप सही तरी़के से बैठकर खाना नहीं खाते हैं, तो आपके स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

* कभी भी भोजन करते समय आपका मुंह दक्षिण दिशा में न हो, इस बात का ध्यान रखें. वास्तु के अनुसार, इस दिशा में मुख करके भोजन करना उचित नहीं माना जाता. इसलिए हमेशा उत्तर या फिर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके ही भोजन करें.

* आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तक़रीबन अधिकतर लोगों की यह आदत सी बन गई है कि ब्रेकफास्ट हो, लंच या डिनर- बिना ढेर सारी बातें किए भोजन उनके गले उतरेगा ही नहीं. ये आयुर्वेद शास्त्र से लेकर वास्तु तक के अनुसार बिल्कुल ग़लत है. इसलिए कोशिश करें कि भोजन करते समय कम बोले या फिर बिल्कुल भी न बोलें और शांत भाव से भोजन करें.

* देखा गया है कि खाना खाते समय कई लोग पानी ख़ूब पीते हैं. कुछ तो हर निवाले के बाद पानी लेते हैं. ऐसा हरगिज़ न करें. यह न केवल भोजन के नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आपकी पाचनक्रिया भी प्रभावित होती है. वैसे भी खाना खाते समय अधिक पानी पीने से डायजेस्टिव सिस्टम वीक हो जाता है. यदि पानी पीना बहुत ज़रूरी लगे, तो बीच-बीच में तीन-चार घूंट गुनगुना पानी पी सकते हैं.

* हर रोज़ घर पर भोजन करना हो या फिर शादी-ब्याह, फंक्शन-पार्टी हो, भोजन की बर्बादी ख़ूब देखी जाती है. कई लोगों का तो यह स्वभाव ही होता है कि थाली में वेरायटी के नाम पर बहुत सारा आइटम ले लेंगे और आधा खाने के बाद ही उन्हें महसूस होने लगेगा कि अब नहीं खाया जाएगा. फिर थाली में ही जूठा छोड़ देंगे. ऐसा करना सरासर ग़लत है. ऐसा करने से आपके संस्कार और शिष्टाचार पर भी प्रश्‍नचिह्न लग जाता है. यदि आप ऐसा करते रहे हैं, तो अपनी इस आदत को तुरंत बदलें, क्योंकि ऐसा करना वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है.

* एक और आदत बहुत लोगों की होती है कि वे खानपान के समय बातें करने के अलावा काफ़ी हंसी-मज़ाक भी करते हैं. जब भी आप कुछ खाते हुए ठहाके लगाते हैं या बहुत अधिक बोलते हैं तब भोजन श्‍वास नली में जाने की पूरी संभावना रहती है. जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है. अतः इस तरह की ग़लती ना करें.

* कभी भी जल्दबाज़ी में भोजन न करें. न ही भोजन को बिना चबाए निगलें. हमेशा खाने को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं. वैसे भी कहा जाता है कि एक निवाले को कम से कम तीस-बत्तीस बार चबाना चाहिए, ताकि खाद्य पदार्थ अच्छे से पच सके. लेकिन इतनी बार न हो सके, तो कम से कम ख़ूब चबाकर भोजन ज़रूर करें.

* अपनी भोजन की थाली में खाना न छोड़ें. इससे अन्न का अपमान होता है. जब भी भोजन लें, तो आपकी कोशिश रहनी चाहिए कि उतना ही खाना अपनी प्लेट में परोसें,  जितना कि आप खा सकें. सबसे बेहतरीन तरीक़ा तो यही होगा कि आप थोड़ा-थोड़ा करके कई बार भोजन लें.

* भोजन करने के बाद उसी थाली में कभी भी हाथ न धोएं, जैसा अक्सर कई लोग करते हैं. यह वास्तु के अनुसार तो ग़लत है ही, साथ ही यह मैनर्स-एटीकेट्स के भी ख़िलाफ़ है.

* जब आप वेडिंग-समारोह आदि में भोजन लेते हैं, तो कभी भी एक हाथ से प्लेट को न पकड़ें. प्लेट को दोनों हाथों से पकड़ें.

* ग़ुस्से, टेंशन में, गाली-गलौज करते हुए, दुखद बातें करते हुए, अन्न की निंदा या फिर लड़ाई-झगड़ा करते हुए भोजन कभी भी न करें.

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क्या कहता है आयुर्वेद…

– पाचन क्रिया बेहतर और मज़बूत हो, इसके लिए लंच हैवी लें. दरअसल, बारह बजे के क़रीब सूर्य सबसे तेज़ रहता है, इसलिए दोपहर के समय हमारी पाचन प्रणाली (अग्नि) भी बेहद स्ट्रॉन्ग रहती है. और यदि आप दिन के समय व्यवस्थित रूप से पर्याप्त भरपेट भोजन करते हैं, तो इसका पाचन अच्छे से होता है.
– रात में लाइट फूड लें, ख़ासकर सोने से दो-तीन घंटे पहले हल्का भोजन करना सुपाच्य रहता है.
– भोजन फ्रेश और गर्म करना श्रेयस्कर रहता है.
– खाना खाते समय ठंडा पानी बिल्कुल भी न पीएं.
– बासी खाना, ठंडा या फिर फ्रिज में रखा हुआ भोजन करने से बचें. इससे आपकी पाचन क्रिया कमज़ोर होती है.
– कभी भी भोजन करते समय मोबाइल फोन पर बात करना, टीवी देखना आदि न करें.

उपयोगी होम रेमेडीज़

– यदि डायजेस्टिव सिस्टम को अच्छा रखना है, तो भोजन करने से दस मिनट पहले अदरक के एक टुकड़े में सेंधा नमक लगाकर खाएं. ऐसा करने से पाचन अग्नि तीव्र होती है.
– अपच, गैस या फिर पेट फूलने की प्रॉब्लम रहती है, तो भोजन करने के बाद सौंफ, अजवाइन या जीरे का गुनगुना पानी पीएं. हां, पानी को अच्छी तरह से उबाल ज़रूर लें.
– भोजन के बाद वॉक करें, विशेषकर डिनर के बाद कम से कम हज़ार कदम अवश्य चलें.
– ऊषा गुप्ता

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Sources: Shutterstock

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