हम सभी रात में सुकून की नींद की ख़्वाहिश रखते हैं, लेकिन कहां हो पाता है ऐसा. कभी करवट बदलते हुए रात गुज़रती है तो कभी बॉडी पेन की वजह से. कहीं इसकी वजह आपका तकिया यानी पिलो तो नहीं? क्या आप जानते हैं कि हमारे नींद की क्वालिटी में तकिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, कैसे? आइए संक्षेप में जानते हैं.
जिस तरह सही बिस्तर, पोश्चर, समय आदि अच्छी नींद के लिए ज़रूरी होता है, ठीक उसी तरह सही तकिए का इस्तेमाल भी स्लीप पैटर्न को बेहतर बनाता है.
तकिया सही है?
- अक्सर देखा गया है कि आपके सोने की पोजीशन व गर्दन किस तरह रखते हैं, उस पर तकिया सही है या ग़लत इस बात का पता लगता है.
- ध्यान रहे यदि आपने सही तकिए का उपयोग किया है, तो वो आपके स्पाइन व गर्दन को सीधा रखता है.
करवट सोने पर...
यदि आप करवट लेकर सोते हैं, तो आपको ऊंचा व थोड़ा सख़्त तकिया यूज़ करना चाहिए. आपका तकिया आपके गर्दन व कंधे के बीच के खाली जगहों को भर सके, ऐसे तकिए का इस्तेमाल करें. साथ ही सिर भी झुकने न पाए, इस बात का भी ख़्याल रखें. दरअसल, करवट लेकर सोते समय आपके कंधे व गद्दे के बीच के गैप को भरना ज़रूरी होता है. इसलिए ऊंचे व सख़्त तकिया बेहतर होता है.
पीठ के बल सोने पर...
यदि आपको पीठ के बल सोने की आदत है, तो आपको मुलायम व पतले पिलो यूज़ करने चाहिए. लेकिन ध्यान रखें कि आपका सिर बहुत अधिक ऊपर की तरफ़ न उठा हो. हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि यदि आप अपने घुटनों के नीचे कोई छोटा-सा तकिया रखते हैं, तो पीठ के निचले भाग में तनाव कम होता है. यानी दोनों घुटनों के बीच भी एक छोटा तकिया रखें, जिससे कमर का दबाव कम हो. पीठ के बल अधिक सोनेवालों को अपने सिर को अधिक ऊपर उठने नहीं देना चाहिए, वरना परेशानी हो सकती है. वे मीडियम थिकनेस वाला पिलो भी यूज़ कर सकते हैं.
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पेट के बल सोने वाले...
यदि आपको पेट के बल सोने की आदत है, तो सबसे पहले तो आपको पिलो की ज़रूरत ही नहीं है. परंतु फिर भी आप तकिया लगाना चाहते हैं, तो सॉफ्ट व पतली पिलो लें. साथ ही सिर को एकदम सीधा रखने के लिए सपाट तकिए का उपयोग करें. प्रायः पेट के बल वाली मुद्रा में सोने वालों के गर्दन पर प्रेशर अधिक पड़ता है. इसलिए ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि या तो वे तकिया न लें या फिर सॉफ्ट व थिन पिलो लें. गर्दन के दर्द को दूर करने व शेप को सही सपोर्ट के लिए लेटेक्स व मेमोरी फोम बेहतर रहता है.
अमूमन हमें पता ही नहीं होता कि हमारा तकिया सही है या नहीं. या फिर हमें किस तरह के तकिए का उपयोग करना चाहिए. कुछ बातों पर गौर करके आप यह भी जान सकते हैं कि आपको अपना तकिया बदलना चाहिए.
- अगर सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न या दर्द महसूस हो.
- अगर पिलो के बीच में बड़े गड्ढे बन गए हों.
- सोते समय आपको बार-बार अपने तकिए को मोड़ना पड़ता हो.
यदि आप ग़लत पिलो यूज़ करते हैं, तो आप अच्छी व गहरी नींद नहीं ले पाते. कहने का तात्पर्य यह है कि आपकी नींद की क्वालिटी डिस्टर्ब होती है. अच्छी नींद नहीं आती. यदि आपका तकिया सही होता है, तो इससे स्पाइन व सिर नेचुरल तरी़के से सीध में रहती है और मसल्स को भी आराम मिलता है.
हेल्थ अलर्ट
- अगर आप बहुत मोटा तकिया या ग़लत तरी़के से तकिए का इस्तेमाल करते हैं, तो आपका नेचुरल शेप बिगड़ता है. इसके कारण मसल्स में क्रैम्प्स, पीठदर्द, सांस लेने में परेशानी, गर्दन में खिंचाव, रक्त प्रवाह प्रभावित होना, स्किन पर रिंकल्स जैसी समस्याएं होने लगती हैं.
- मोटा वज़नदार तकिया लेकर सोने से सुबह उठने पर सिर में भारीपन रहता है. कभी-कभी माइग्रेन की प्रॉब्लम भी होती है.
- इसी तरह जब आप ऊंचा तकिया लेते हैं यानी दो-तीन तकिया एक साथ लेते हैं तब सिर ऊंचा होने के कारण गर्दन मुड़ती है, जिससे सांस की नली पर प्रेशर पड़ता है. इस कारण खर्राटे की समस्या भी बढ़ती है. स्लीप एपनिया भी हो सकता है. स्लीप एपनिया नींद से संबंधित बीमारी होती है, इसमें नींद में बार-बार सांस रुकने की द़िक्क़त होती है. इस कारण बॉडी व ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, इससे रात में बार-बार नींद डिस्टर्ब होती है.
- जब आप बहुत बड़ा पिलो लगाते हैं तब स्पाइनल कॉर्ड सीधी नहीं रह पाती है और ऐसा लगातार करते रहने से सर्वाइकल स्पॉन्डिलायटिस, स्लिप डिस्क जैसी प्रॉब्लम होने का रिस्क अधिक रहता है.
- यदि आपको सर्वाइकल की समस्या है, तो स्लीपसिया पिलो का इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे आपका गर्दन सही रहता है.
इन बातों पर भी ध्यान दें...
* यदि आप तकिया नहीं लगाते हैं, तो स्पाइन सीध में रहता है और आपको पीठदर्द की समस्या भी नहीं होती.
* अब तकिया लगाएं या नहीं, यह काफ़ी हद तक सोने की स्थिति व आपकी शारीरिक बनावट पर भी निर्भर होता है. इसमें सबसे ज़रूरी बात तो यही रहती है कि तकिया लगाने का ख़ास उद्देश्य रीढ़ की हड्डी व गर्दन को सपोर्ट देना ही रहता है.
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अचूक टोटके
अच्छी नींद व मन शांत रहने के साथ सकारात्मक ऊर्जा वातावरण में बना रहे और नकारात्मकता पास न आए, इसके लिए कुछ अचूक टोटके आज़माएं.
+ अपने तकिए के पास हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या भगवद् गीता रखने से दिलोदिमाग़ शांत रहता है और भय-वहम पास नहीं आते.
+ यदि निगेटिव एनर्जी के साथ आर्थिक परेशानियों से भी जूझ रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार, आप तकिए के नीचे 5 या 7 लौंग रखकर सोएं.
+ डरावने, बुरे व ग़लत सपनों से व्यथित हैं, तो अपने सोने के तकिए के नीचे एक छोटा टुकड़ा फिटकरी का रखें.
+ बेहतर व गहरी नींद के लिए तकिए के कोने में लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें छिड़क दें या फिर सूखे फूलों को भी रख सकते हैं.
ऐसा न करें
कभी भी अपने तकिए के नीचे मोबाइल फोन, दवाइयां, चाबी, पर्स आदि न रखें. इससे मानसिक तनाव बढ़ने के साथ-साथ ऊर्जा का प्रवाह भी बाधित होता है.
जब भी सोएं, तो इस बात का विशेष ख़्याल रखें कि आपके सोने की पोजीशन के अनुसार ही आपका तकिया हो, क्योंकि आप अपने सोने की स्थिति के अनुसार तकिया लगाते हैं, तो आप कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से बच जाते हैं और नींद भी अच्छी आती है. करवट लेकर सोने के लिए हार्ड पिलो तो पीठ के बल स्लीपिंग पोजीशन में मीडियम फोम बेस्ट रहता है. यदि स्लीपिंग पोजीशन व पिलो का सिलेक्शन सही रहता है, तो आप क्वालिटी स्लीप एंजॉय कर पाते हैं.
- ऊषा गुप्ता

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