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सुख-समृद्धि के लिए दीपावली पर यूं करें पूजा-अर्चना (On Diwali For Happiness And Prosperity Worship This Way)

हिंदुओं के त्योहारों में दीपावली का विशेष महत्व है. दीपावली का अर्थ है दीप की अवनी अर्थात् पंक्ति का त्योहार. दिवाली पांच दिनों का त्योहार होता है, जो धनतेरस से शुरू होकर नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन-अन्नकूट पूजा, भइया दूज तक रहता है. इन सभी दिनों में किस दिन किस तरह से पूजा की जाए, जिससे घर में सुख-समृद्धि, धन लाभ हो, इस बारे में वास्तु गुरु डॉ. मधुराज ने हमें जानकारी दी.

सुख, समृद्धि और शुभ फल पाने के लिए ऐसे मनाएं दिवाली, इसके बारे में जानें मेरी सहेली के इस स्पेशल दिवाली पॉडकास्ट में.. पूरा पॉडकास्ट देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें –

धनतेरस- धन की वर्षा

यूं तो दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है, लेकिन इसके दो दिन पूर्व धनतेरसवाले दिन से ख़रीददारी का सिलसिला शुरू हो जाता है.

* इस दिन लोग नए बर्तन ख़रीदना शुभ मानते हैं.

* धनतेरस के दिन चांदी के बर्तन, ज्वेलरी, सिक्के की ख़रीददारी करें.

* साबूत धनिया ख़रीदें.

* कमलगट्टे की माला ख़रीदना शुभ होता है.

* गोमती चक्र व पीली कौड़ी ख़रीदना लाभकारी रहता है.

* कुबेर यंत्र और कुबेर मूर्ति ख़रीदना ज़रूरी है.

* एक चांदी का कलश-प्लेट और तांबे का कलश-प्लेट लें.

* गाय का देसी घी ख़रीदें.

* उत्तर की दिशा में एक साफ़ स्थान पर चांदी के कलश में गंगाजल भर दें.

* इसके ऊपर प्लेट रख दें.

* इस प्लेट में अक्षत यानी चावल रख दें.

* इसके बगल में कुबेर की मूर्ति या कुबेर यंत्र रख दें.

* उस पर हल्दी, कुमकुम व फूल-माला चढ़ाएं.

* आग्नेय दिशा में तांबे के कलश में घी भर दें.

* इसे प्लेट से ढंककर इसके ऊपर हल्दी, कुमकुम, फूल और माला चढ़ाएं.

नरक चतुर्दशी- छोटी दिवाली

इसे नरक चौदस या छोटी दिवाली भी कहते हैं. इस दिन कृष्ण भगवान ने नरकासुर का वध किया था तथा उसके कारागार में बंद सोलह हज़ार कन्याओं का उद्धार किया था.

* नरक चौदस के दिन यमराज के लिए दीपदान किया जाता है.

* शाम के समय घर के बड़े-बुज़ुर्ग द्वारा इस दीये को जलाना चाहिए.

* इसके लिए एक पीली कौड़ी और एक तांबे का सिक्का व तिल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए.

* इस दीये को घर के बाहर मुख्यद्वार से निकलते समय बाईं तरफ़ रखें.

* जब यह दीपक ठंडा हो जाए यानी तेल समाप्त हो जाए, तब इसमें रखा पैसा और कौड़ी को लेकर तिज़ोरी या जहां पर पैसा-धन आदि रखते हैं, वहां पर रखें.

Diwali For Happiness And Prosperity

दिवाली- प्रकाश पर्व

दीपावली के दिन घर को साफ़ करके रंगबिरंगे तोरण-कंदील, दीये से सजाते हैं. लक्ष्मी पूजन होता है. बच्चे-बड़े आतिशबाज़ी करके आनंदित होते हैं. व्यापारी इस दिन अपना नया व्यापार शुरू करते हैं.

* यूं तो सभी पहले से ही पूरे घर की साफ़-सफ़ाई कर देते हैं, पर दिवाली के दिन एक बार फिर घर की अच्छी तरह से सफ़ार्ई करें.

* पूरे घर में नमक के पानी से पोंछा लगाएं.

* घर में गंगाजल का छिड़काव करें.

* मुख्यद्वार को गाय के गोबर से लीप दें या फिर रंगोली से सजाएं.

* यदि आप रंगोली बनाते हैं, तो इसमें रंगों के इस्तेमाल में दिशाओं का भी ध्यान रखें, जैसे- पूर्व दिशा में हरे रंग से, पश्‍चिम में स़फेद, उत्तर में नीले और दक्षिण में लाल रंग से रंगोली बनाएं.

* इसके अलावा तोरण व कैंडल का रंग भी दिशा के अनुसार सिलेक्ट करें.

* पूजा के लिए गणेशजी की मूर्ति लेते समय जिस मूर्ति में गणेश भगवान की सूंड उनके बाएं हाथ की तरफ़ हो, वही लें. साथ ही लक्ष्मीजी की मूर्ति बैठी हुई लें.

* मंगल कलश की स्थापना करें. इसके लिए एक लोटे में चांदी का सिक्का, हल्दी, कुमकुम, चावल व फूल डालकर उसके ऊपर नारियल रखकर घर के ईशान कोण में रखें.

* एक चांदी या स्टील की प्लेट लें. इसमें पांच गोमती चक्र, तीन पीली कौड़ी और एक छोटा मोती शंख रखकर उसकी पूजा करें.

गोवर्धन व अन्नकूट

दिवाली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से बृजवासियों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था. इसी दिन अन्नकूट भी मनाया जाता है.

* इस दिन मां अन्नपूर्णा की पूजा-अर्चना की जाती है.

* साथ ही गाय की सेवा व पूजा करते हैं.

* सुगंधित द्रव्य या इत्र लगाकर स्नान करें.

* एक इंद्रजाल लेकर शाम को उसकी विधिवत पूजा-अर्चना करें.

* फिर भइया दूज के बाद इस इंद्रजाल को फ्रेम कराकर अपने घर या ऑफिस के दक्षिण दिशा की दीवार पर लगा दें.

भइया दूज- रिश्तों की मिठास

दीपावली के पांचवें यानी अंतिम दिन भइया दूज का पर्व मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों को टीका लगाकर उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं.

* इस दिन भाई के माथे पर बहन तिलक लगाकर अक्षत यानी चावल लगाएं.

* भाई की कपूर से आरती करें.

* फिर मिठाई खिलाएं.

* भाई बहन को अपनी क्षमता अनुसार उपहार दें.

– ऊषा गुप्ता

Photo Courtesy: Freepik

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