पंचतंत्र की कहानी: तीन काम (Panchtantra Story:Three Tasks)

Panchtantra Story
पंचतंत्र की कहानी: तीन काम (Panchtantra Story:Three Tasks)

आज के हाईटेक युग में जब बच्चों को हर जानकारी कंप्यूटर/इंटरनेट पर ही मिल रही है, उनका पैरेंट्स से जुड़ाव कम हो रहा है. साथ ही उन्हें मोरल वैल्यूज़ (Moral Values) भी पता नहीं चल पाती, ऐसे में बेड टाइम स्टोरीज़ (Bed Time Stories) जैसे- पंचतंत्र (Panchtantra) की सीख देने वाली पॉप्युलर कहानियों के ज़रिए न स़िर्फ आपकी बच्चे से बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि उन्हें अच्छी बातें भी पता चलती हैं.

एक बार दो गरीब दोस्त एक सेठ के पास काम मांगने जाते हैं. कंजूस सेठ उन्हें फ़ौरन काम पर रख लेता है और पूरे साल काम करने पर साल के अंत में दोनों को 12-12 स्वर्ण मुद्राएं देने का वचन देता है. साथ ही सेठ यह भी शर्त रखता है कि अगर उन्होंने काम ठीक से नहीं किया या किसी आदेश का पालन ठीक से नहीं किया, तो उस एक गलती के बदले 4 सुवर्ण मुद्राएं वो उनकी तनख्वाह से काट लेगा.

दोनों दोस्त सेठ की शर्त मान जाते हैं और पूरे साल कड़ी मेहनत करते हैं. दौड़-दौड़कर सारे काम करते और सेठ के हर आदेश का पालन करते. इस तरह पूरा साल बीत गया. दोनों सेठ के पास 12-12 स्वर्ण मुद्राएं मांगने जाते हैं, पर सेठ बोलता है कि अभी साल का आखरी दिन पूरा नहीं हुआ है और मुझे तुम दोनों से आज ही तीन और काम करवाने हैं. दोनों हैरान थे, पर क्या कर सकते थे. सेठ ने तीन काम बताने शुरू किए-

पहला काम: छोटी सुराही में बड़ी सुराही डालकर दिखाओ.
दूसरा काम: दुकान में पड़े गीले अनाज को बिना बाहर निकाले सुखाओ.
तीसरा काम: मेरे सर का सही-सही वज़न बताओ.
यह तो असंभव है… उन दोनों ने सेठ से कहा.

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सेठ की चालकी काम कर गई, उसने कहा कि ठीक है तो फिर यहां से चले जाओ. इन तीन कामों को ना कर पाने के कारण मैं हर एक काम के लिए 4 स्वर्ण मुद्राएं काट रहा हूं. मक्कार सेठ की इस धोखाधड़ी से उदास हो कर दोनों दोस्त बोझिल मन से जाने लगते हैं. उन्हें रास्ते में एक चतुर पंडित मिलता है. उनके ऐसे चेहरे देखकर पंडित उनसे उनकी उदासी का कारण पूछता है और पूरी बात समझने के बाद उन्हें वापस सेठ पास भेजता है.

दोनों सेठ के पास पहुंचकर बोलते हैं, सेठजी अभी आधा दिन बाकी है, हम आपके तीनों काम कर देते हैं.

सेठ हैरान था, पर सोचा कि उसका क्या बिगड़ेगा. वो तीनों दुकान में जाते हैं. दोनों दोस्त अपना काम शुरू कर देते हैं. वो बड़ी सुराही को तोड़-तोड़कर उसके टुकड़े कर देते हैं और उन्हें छोटी के अन्दर डाल देते हैं. सेठ मन मसोसकर रह जाता है, पर कुछ कर नहीं पाता है.

इसके बाद दोनों गीले अनाज को दुकान के अन्दर फैला देते हैं, तो सेठ बोल पड़ता है कि स़िर्फ फैलाने से ये कैसे सूखेगा? इसके लिए तो धूप और हवा चाहिए, सेठ मुस्कुराते हुए कहता है.

देखते जाइए, ऐसा कहते हुए दोनों मित्र हथौड़ा उठा आगे बढ़ जाते हैं और दुकान की दीवार और छत तोड़ डालते हैं, जिससे वहां हवा और धूप दोनों आने लगती है.

क्रोधित मित्रों को सेठ और उसके आदमी देखते रह जाते हैं, पर किसी की भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं होती.

अब आख़िरी काम बचा होता है, दोनों मित्र तलवार लेकर सेठ के सामने खड़े हो जाते हैं और कहते हैं, मालिक आपके सिर का सही-सही वज़न तौलने के लिए इसे धड़ से अलग करना होगा. कृपया बिना हिले स्थिर खड़े रहें.

अब सेठ को समझ आ जाता है कि वह ग़रीबों का हक इस तरह से नहीं मार सकता और बिना आनाकानी के वह उन दोनों को 12-12 स्वर्ण मुद्राएं सौंप देता है.

सीख: बेईमानी का फल हमेशा बुरा ही होता है.

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पंचतंत्र की कहानी: तीन काम (Panchtantra Story:Three Tasks)
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आज के हाईटेक युग में जब बच्चों को हर जानकारी कंप्यूटर/इंटरनेट पर ही मिल रही है, उनका पैरेंट्स से जुड़ाव कम हो रहा है. साथ ही उन्हें मोरल वैल्यूज़ (Moral Values) भी पता नहीं चल पाती, ऐसे में बेड टाइम स्टोरीज़ (Bed Time Stories) जैसे- पंचतंत्र (Panchtantra) की सीख देने वाली पॉप्युलर कहानियों के ज़रिए न स़िर्फ आपकी बच्चे से बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि उन्हें अच्छी बातें भी पता चलती हैं.
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