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ब्लडप्रेशर, अस्थमा, डायबिटीज़ और एंटीबायोटिक्स लेते समय बरतें ये सावधानियां (Precautions With Over-The-Counter Drugs)

आजकल की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अधिकांश लोग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या (Health Problems) से जूझ रहे हैं और उससे निजात पाने के लिए दवाइयों का सेवन करने के लिए मजबूर हैं. दवाइयों (Medicines) का सेवन करते वक़्त खान-पान में विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत होती है. अगर खान-पान में ज़रूरी एहतियात नहीं बरती जाए तो दवाइयां फ़ायदा पहुंचाने की जगह नुक़सान भी पहुंचा सकती हैं. किन दवाइयों के साथ कौन-सी चीज़ें नहीं खानी चाहिए और खान-पान में किस तरह के एहतियात बरतने चाहिए? चलिए, जानते हैं.

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ब्लडप्रेशर की दवा
इस बात से हर कोई वाक़िफ है कि अधिक मात्रा में नमक का सेवन करना मतलब ब्लडप्रेशर को बढ़ाना. यह जानते हुए भी हम में से अधिकांश लोग रोज़ाना ढाई से तीन गुना ज़्यादा नमक का सेवन करते हैं. अगर आप पैक्ड फूड, बेक्ड फूड, ब्रेड, बिस्किट और नमकीन जैसी चीज़ों को खाने के आदी हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए नुक़सानदेह हो सकता है. बता दें कि नमक व्यक्ति के शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ा देता है, जिसके चलते किडनी पर ज़्यादा दबाव पड़ने लगता है और ब्लडप्रेशर की समस्या हो जाती है. ऐसे में ब्लडप्रेशर की दवाई सही तरी़के से काम करे, इसके लिए ब्लडप्रेशर की दवाइयों का सेवन करते व़क्त इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि आपको नमक का सेवन न के बराबर करना है.
नुक़सान- ब्लडप्रेशर की दवाइयों के साथ अगर नमक का ध्यान नहीं रखा गया तो हार्ट की आर्टरीज़ पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव से वे डैमेज या ब्लॉक हो सकती हैं. इसके साथ ही किडनी फेलियर का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
सुझाव– ब्लडप्रेशर की दवाइयों का सेवन करने के दौरान केला और नारियल पानी का सेवन करना बहुत फ़ायदा पहुंचाता है.

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डायबिटीज़ की दवा
अधिकांश दवाइयों के पैकेट पर अल्कोहल का सेवन न करने की चेतावनी लिखी होती है, बावजूद इसके न जाने कितने ही लोग इस तरह की चेतावनी को नज़रअंदाज़ कर देते हैं. अगर आप डायबिटीज़, एंटीथिस्टामाइन्स और पेलकिलर्स जैसी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो आपको अल्कोहल का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. इन दवाइयों का सेवन करने के दौरान अल्कोहल पीने से लिवर पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव पड़ता है, जिससे दवाइयों का असर बेअसर हो सकता है.
नुक़सान- अल्कोहल का सेवन करने से व्यक्ति काफ़ी सुस्त महसूस करता है. इसके साथ ही डायबिटीज़ व पैरासिटामॉल जैसी दवाइयों के साथ अल्कोहल का सेवन लिवर को डैमेज कर सकता है.
सुझाव- डायबिटीज़ के मरीज़ों को खाली पेट अल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए. ख़ासकर इन दवाइयों के साथ शराब पीने से बचें. इसके साथ ही ब्रेड, बिस्किट और मठरी जैसी चीज़ें बिल्कुल भी न खाएं.

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अस्थमा की दवा
अस्थमा के मरीज़ों के फेफड़ों को आराम पहुंचाने और श्‍वसन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए उन्हें उश्रेूरळिपश (क्लोज़ापिन) इीेपलहेवळश्ररींेीी (ब्रॉन्कोडाइलेटर्स) जैसी दवाएं दी जाती हैं. इन दवाइयों से मरीज़ के फेफड़े रिलैक्स होते हैं और सांस लेने में आनेवाली दिक्कत भी दूर होती है. अगर आप अस्थमा की दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो इसके साथ अत्यधिक मात्रा में कैफ़ीन का सेवन आपकी सेहत के लिए नुक़सानदायक हो सकता है.
नुक़सान- इसके नुक़सान के तौर पर धड़कनों में अनियमितता, घबराहट और शरीर के अंगों का अत्यधिक संवेदनशील होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके साथ कैफ़ीन की अत्यधिक मात्रा इस स्थिति को और भी बदतर बना सकती है.
सुझाव- अगर आप कॉफी के शौक़ीन हैं तो डॉक्टर आपको दवाइयों का कोई और विकल्प दे सकते हैं या फिर आपको कॉफी का सेवन कम करने की सलाह दे सकते हैं. अस्थमा में एक चम्मच अदरक और तुलसी के रस का सुबह-शाम सेवन करना फ़ायदेमंद रहेगा.

एंटी ब्लडक्लॉटिंग की दवा
जिन लोगों को हार्ट अटैक आ चुका है या फिर जिनके शरीर में ब्लड क्लॉटिंग तेज़ी से होने का ख़तरा होता है, उन लोगों को ख़ून पतला करनेवाली थरीषरीळप (वॉरफरिन) लळींीेा (एसिट्रॉम) जैसी दवाइयां दी जाती है, ताकि इन दवाइयों की मदद से उनके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरी़के से हो सके.
इन दवाइयों के साथ हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन करना नुक़सानदेह हो सकता है. दरअसल, पत्तेदार सब्ज़ियों में विटामिन के भरपूर मात्रा में होता है और वॉरफरिन नाम की दवा ख़ासतौर पर विटामिन के के निर्माण को रोकने के लिए दी जाती है. इसलिए अगर आप इन दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो हरी सब्ज़ियों से
परहेज़ करें.
नुक़सान- वॉरफरिन दवा के साथ पालक जैसी पत्तेदार सब्ज़ी का सेवन ख़ून को जमाने का काम कर सकता है, जो दिल के मरीज़ों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है. इसलिए इसका सेवन बहुत कम करना चाहिए.
सलाह- ऐसी स्थिति में डॉक्टर्स मरीज़ को विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं, लेकिन इसका सेवन भी सही अनुपात में ही करना चाहिए. अगर आप विटामिन ई ज़्यादा ले रहे हैं और विटामिन के बिल्कुल भी नहीं तो यह ब्लिडिंग का कारण बन सकता है.

एंटीबायोटिक्स
एंटीबायोटिक्स के साथ-साथ अगर आप अत्यधिक मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो ये दवाएं फ़ायदा पहुंचाने के बजाय नुक़सान भी पहुंचा सकती हैं. अत्यधिक कैल्शियम एंटीबायोटिक्स को शरीर में सोखने से रोकता है, जिससे एंटीबायोटिक्स बेअसर हो जाती हैं, इसलिए अगर आप एंटीबायोटिक्स दवाएं ले रहे हैं तो दूध, दही, चीज़ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से बचें.
नुक़सान- कैल्शियम के गुणों से भरपूर दूध व डेयरी प्रोडक्ट्स एंटीबायोटिक्स को सही तरी़के से काम नहीं करने देते, जिससे इंफेक्शन का इलाज नहीं हो पाता और व्यक्ति परेशान रहता है.
सलाह- आयरन और कैल्शियम टैबलेट्स को एक साथ न खाएं. इनमें से एक सुबह और एक शाम को खाएं. इसके साथ ही एंटीबायोटिक्स का सेवन करते समय दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से परहेज करें.

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