79 के हुए रतन टाटा- 4 बार प...

79 के हुए रतन टाटा- 4 बार प्यार करने वाले रतन टाटा आख़िर क्यों रह गए कुंवारे? (Ratan Tata’s 79th birthday: 12 interesting facts that you must know)

Ratan Tata

बिज़नेस वर्ल्ड की मशहूर हस्ती रतन टाटा को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं. नमक से लेकर कार बनाने वाले टाटा समूह को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने में यदि किसी शख़्स का सबसे ज़्यादा योगदान है, तो वो रतन टाटा हैं. उनके जन्मदिन के मौ़के पर आइए, आपको बताते हैं उनसी जुड़ी कुछ इंट्रेस्टिंग बातें.

* 1991 में टाटा समूह के चेयरमैन का पद संभालने से लेकर अब तक अपनी कंपनी को बुलंदियों पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

* भारत के सबसे सम्मानित और सफल उद्योगपतियों में एक रतन टाटा बेहद सादगी पसंद हैं.

* क़िताबों से उन्हें खासा लगाव है. लोगों की सक्सेस स्टोरीज़ पढ़ना उन्हें बहुत पसंद है.

* उन्हें बचपन से ही कम बातचीत पसंद है. अपने सहयोगियों से भी स़िर्फ औपचारिक बात ही करते हैं.

* उन्हें कारों से बेहद लगाव है. उनके पास व्हाइट 508 बीएचपी जगुआर XFR स्पोर्ट्स सलून है. Cadillac XLR उनकी फेवरेट कार है. 2009 में  टाटा  ने फरारी कैलिफोर्निया से मंगवाई थी. उनके कलेक्शन में माजराती क्वात्रोपोर्ते (Maserati Quattroporte), मर्सडीज़ एसएल 500 और लैंड रोवर  फ्रीलैंडर भी शामिल है.

* रतन टाटा डॉग लवर हैं. फ्री टाइम में वो अपने दोनों डॉग्स के साथ घंटों खेलते हैं. इतना ही नहीं, वे फ्री टाइम में मुंबई की सड़कों पर फरारी दौड़ाना भी  पसंद करते हैं.

* एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें चार बार प्यार हुआ. हालांकि, हर बार अंत में शादी नहीं हो सकी. उनकी चार लव स्टोरी में सबसे ज़्यादा  सीरियस लव स्टोरी उनके अमेरिका में रहने से जुड़ी है.

* जब वे अमेरिका में काम करते थे, उन्हें एक लड़की से प्यार हो गया था. उस व़क्त 1962 का भारत-चीन युद्ध चल रहा था. टाटा और उनकी प्रेमिका ने  शादी का फैसला किया.

* रतन टाटा भारत आ गए, लेकिन उनकी प्रेमिका युद्ध के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल के कारण भारत नहीं आ सकीं और आख़िरकार उसने किसी  और से शादी कर ली.

* 2016 में बिज़नेस जगत के तीन सबसे चर्चित लोगों में रतन टाटा भी शामिल हैं.

* रतन टाटा ने नैनो जैसी लखटकिया कार बनाकर आम आदमी का कार का सपना साकार किया. वे इंडिका जैसी कार भी बाज़ार में लाए.

* उन्हें साल 2000 में पद्मभूषण और 2008 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की तरफ़ से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं.

– कंचन सिंह